अस्पताल की परिभाषा बदल रहे चिकित्सक
Updated at : 19 Apr 2017 1:16 AM (IST)
विज्ञापन

शेखपुरा : पीड़ित परिजन बीरबल चौहान ने कहा कि स्वास्थ्य कर्मियों से जब चिकित्सकों के बारे में पूछा गया तब कर्मियों ने दो टूक शब्दों में कहा कि अस्पताल में 12:00 बजे तक ही चिकित्सक उपस्थित रहते हैं. ऐसे में सवाल यह है कि कागजों पर प्रतिदिन चलने वाले आउट डोर सेवा के लिए सुबह […]
विज्ञापन
शेखपुरा : पीड़ित परिजन बीरबल चौहान ने कहा कि स्वास्थ्य कर्मियों से जब चिकित्सकों के बारे में पूछा गया तब कर्मियों ने दो टूक शब्दों में कहा कि अस्पताल में 12:00 बजे तक ही चिकित्सक उपस्थित रहते हैं. ऐसे में सवाल यह है कि कागजों पर प्रतिदिन चलने वाले आउट डोर सेवा के लिए सुबह 8:00 बजे से लेकर दोपहर 12:00 बजे तक एवं दोपहर 2:00 बजे से लेकर शाम 6:00 बजे तक की आउटडोर सेवा आखिर किस भरोसे संचालित किया जा रहा है.
एक सप्ताह पूर्व प्रभात खबर ने अस्पताल की व्यवस्था पर छापी थी रिपोर्ट : पीएससी अरियरी में चिकित्सा व्यवस्था के नाम पर वास्तविक स्थिति को पहली बार प्रभात खबर में प्रकाशित करते हुए यहां चिकित्सकों की मनमानी का खुलासा किया था. सिविल सर्जन के मुताबिक पीएचसी अरियरी में सरकार द्वारा तैनात किये गये हैं. एक भी मूल चिकित्सक वहां मौजूद नहीं है. पिछले कई वर्षों से फरार चल रहे वास्तविक चिकित्सक के विरुद्ध विभागीय कार्रवाई भी की गयी है. बावजूद सालों से खाली पड़े चिकित्सकों के उक्त स्थानों को स्वास्थ्य महकमा जुगाड़ की व्यवस्था पर खींच रहा है.
कागजी तौर पर प्रत्येक दिन ओपीडी, इनडोर और इमरजेंसी सेवाओं के लिए पीएचसी अरियरी में डॉक्टरों की तैनाती की है. इसके लिए रूटीनवार डॉक्टरों की सूची प्रकाशित भी की गयी है.
फोटो 18 शेखपुरा 03: पीएचसी अरियरी में मौजूद स्वास्थ कर्मी.
प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी
विज्ञापन
लेखक के बारे में
By Prabhat Khabar Digital Desk
यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।
Prabhat Khabar App :
देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए
विज्ञापन




