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अस्पताल में नहीं रहते हैं चिकित्सक

Updated at : 14 Apr 2017 5:00 AM (IST)
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अस्पताल में नहीं रहते हैं चिकित्सक

आरोप. अस्पताल में चरमरायी स्वास्थ्य व्यवस्था, ओपीडी से लेकर प्रसव व्यवस्था में परेशानी शेखपुरा : जिले को प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र अरियरी के अस्तित्व पर ग्रहण लगता दिख रहा है. यहां मूल रूप से तैनात चिकित्सकों के घोर अभाव के कारण यह स्थिति बनी है. दरअसल सरकार के द्वारा पीएचसी अरियरी में पदस्थापित किये गये आठ […]

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आरोप. अस्पताल में चरमरायी स्वास्थ्य व्यवस्था, ओपीडी से लेकर प्रसव व्यवस्था में परेशानी

शेखपुरा : जिले को प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र अरियरी के अस्तित्व पर ग्रहण लगता दिख रहा है. यहां मूल रूप से तैनात चिकित्सकों के घोर अभाव के कारण यह स्थिति बनी है. दरअसल सरकार के द्वारा पीएचसी अरियरी में पदस्थापित किये गये आठ चिकित्सक पिछले कई सालों से फरार हैं.
इन फरार चिकित्सकों के विरुद्ध विभाग के द्वारा प्रपत्र क गठित कर कार्रवाई का भी प्रस्ताव भेजा गया है. इसके बावजूद भी यह चिकित्सक पीएचसी नहीं पहुंच सके. इन परिस्थितियों में वैकल्पिक व्यवस्था बहाल करने के लिए स्वास्थ्य महकमा ने विभिन्न क्षेत्र में पदस्थापित पांच चिकित्सकों को प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र अरियरी के लिए प्रतिनियुक्त किया है. इन चिकित्सकों में फिलहाल दो आयुष चिकित्सक भी शामिल है, लेकिन स्थिति यह है कि विभाग द्वारा तैनात किये गये चिकित्सक या तो अवकाश में होते हैं
या ससमय नहीं पहुंचने के कारण वहां मरीजों को स्वास्थ्य लाभ पाने में कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है. हालांकि विभाग के विशेष पहल अकादमी से ही इन चिकित्सकों को प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में तैनाती की गयी है. वरना कई चिकित्सकों ने नियमों का हवाला देकर प्रतिनियुक्ति की व्यवस्था पर भी सवाल खड़े करते हुए अपने योगदान से हाथ खड़े कर लिये. कुल मिला कर सरकार के स्वास्थ्य व्यवस्था में पीएचसी अरियरी के लिए एक भी मूल चिकित्सक की तैनाती नही है. ऐसी स्थिति में अस्पताल के अंदर स्वास्थ्य व्यवस्था बहाल रखने के दबाव को झेल रहे विभाग के आलाधिकारी भ खुद को परेशान बताते हैं.
क्या है चिकित्सा की स्थिति :
प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र अरियरी की स्थितियों पर अगर नजर डालें तो यहां इसी साल जनवरी माह में सभी 107, फरवरी में 72 और मार्च में 60 प्रसव कराया गया. लेकिन तीनों माह में प्रसव के दौरान चार नवजात या तो मृत पैदा हुए या प्रसव के दौरान उनकी मौत हो गयी. इसी प्रकार ओपीडी के स्थितियों पर अगर नजर डालें तो हाल के दिनों में वहां तैनात डॉ. विनोद चोधरी ने आठ अप्रैल को 23 मरीज को चिकित्सा लाभ दिया. डॉ. विनोद कुमार ने 5 अप्रैल को 9 मरीज, नंद लाल चौधरी ने 6 अप्रैल को 35 और डॉक्टर विजय कुमार ने 03 अप्रैल को मात्र एक मरीज का इलाज ओपीडी में किया.
क्या कहते हैं अधिकारी
प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र अरियरी में तैनात किये गये मूल चिकित्सक पिछले कई वर्षों से फरार हैं. उनके विरुद्ध विभाग के द्वारा कार्रवाई भी की गयी है. जिला स्तर पर चिकित्सकों की प्रतिनियुक्ति का प्रावधान है. ऐसी स्थिति में किसी प्रकार वैकल्पिक व्यवस्था से प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में ओपीडी और जरूरी सेवाएं संचालित की जा रही है. मरीजों को चिकित्सा लाभ देने में स्वास्थ्य विभाग सजग है.
डॉ मृगेंद्र प्रसाद सिंह, सिविल सर्जन, शेखपुरा
व्यवस्था के अभाव में मरीजों को परेशानी
प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र लचर व्यवस्था से प्रखंड के जरीजों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है. यहां आने वाले मरीज को या तो इंतजार करना पड़ता है या उन्हें सदर अस्पताल ले जाने की परेशानियों का सामना करना पड़ता है. ऐसी स्थिति में मामूली बीमारी के लिए भी मरीजों को सदर अस्पताल का ही दौड़ लगाना पड़ रहा है.
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