सरकारी चापाकलों पर अवैध कब्जा
Updated at : 13 Apr 2017 5:07 AM (IST)
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कहीं चापाकलों में लगा रहता है ताला कहीं घेराबंदी के अंदर हो गया सरकारी चापाकल शेखपुरा : जिले में सरकारी चापाकलों पर गांव के दबंगों का इस कदर कब्जा होता है कि लोग इस प्रचंड गर्मी में प्यास बुझाने के लिए दर-दर की ठोकरें खाने को विवश होते हैं. दरअसल शेखपुरा प्रखंड के पथलाकार गांव […]
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कहीं चापाकलों में लगा रहता है ताला
कहीं घेराबंदी के अंदर हो गया सरकारी चापाकल
शेखपुरा : जिले में सरकारी चापाकलों पर गांव के दबंगों का इस कदर कब्जा होता है कि लोग इस प्रचंड गर्मी में प्यास बुझाने के लिए दर-दर की ठोकरें खाने को विवश होते हैं. दरअसल शेखपुरा प्रखंड के पथलाकार गांव में पश्चिमी टोला स्थित जनवितरण दुकान के बगल गाड़े गये सरकारी चापाकल पर ताला जड़ा होता है. इस चापाकल से खास व्यक्ति के अलावा कोई भी ग्रामीण पानी नहीं ले सकते.
इसके साथ ही नगर परिषद क्षेत्र के तरछा मोहल्ले में विधायक निधि से गाड़े हुए चापाकल को अपना निजी चापाकल बता कर गृहस्वामी ने घेराबंदी कर ली. इतना ही नहीं सरकारी चापाकल होने के नाते जब लोग पानी लाने पहुंचे तब मारपीट एवं गाली गलौज के साथ झूठे मुकदमे में फंसाने की भी धमकी दे डालते है
. जिले में सरकारी चापाकलों की यह स्थिति शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में अधिकांशतः देखा जाता है. सबसे बड़ी विडंबना यह है कि लोगों की शिकायत पर भी विभाग और जिला प्रशासन के आला अधिकारी कोई कार्यवाही नहीं करते. यही कारण है कि सरकारी चापाकलों पर अवैध रूप से अधिपत्य जमाने का प्रचलन थमने के बजाएं और जोर पकड़ने लगा है. दिलचस्प बात यह है कि पंचायत चुनाव हो अथवा नगर निकाय चुनाव ऐसे में सरकारी चापाकलों में प्रत्याशियों के द्वारा संबरसिबल लगा कर वोटरों को प्रभावित करने का भी खेल सरेआम होता है. सरकारी चापाकलों के दुरुपयोग से भले ही राजनीतिक रसूख वाले वोट के ठेकेदारों का एकलौता स्वार्थ पूरा हो जाता है. लेकिन आम लोग योजना के क्रियान्वयन के बाद भी वास्तविक लाभ से वंचित हो जाते हैं.
खराब चापाकलों की मरम्मती में जुटा विभाग :
प्रचंड गर्मी के बीच जिले में पेयजल संकट से लोगों को निजात दिलाने के लिए पीएचडी विभाग ने कमर कस लिया है. विभागीय अधिकारियो की माने तो जिले में अब तक उड़नदस्ता टीम के माध्यम से 55 चापाकलों की मरम्मती सरकारी पूरा कर लिया गया है.
उन्होंने बताया कि हर घर नल का जल योजना के तहत जिले के ग्रामीण क्षेत्रों में 55 नए नलकूप लगाए जाने थे. जिसमें 29 मिनी जलापूर्ति नलकूपों को चालू कर दिया गया है उन्होंने बताया कि पूर्व से जिले के विभिन्न गांव में 24 मिनी जलापूर्ति योजनाएं कार्य कर रहे हैं.
क्या कहते हैं अधिकारी
”सरकारी चापाकलों पर स्वामी अथवा समर्सिबल लगाना अपराध है. इसकी शिकायत मिलने पर विभाग के द्वारा जांच करने पर कार्रवाई की जाएगी.”
विजय कुमार, कार्यपालक अभियंता, पीएचइडी.
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