शराब के बाद अब ताड़ी पर गाज, नहीं बिकेगी ताड़ी

Updated at : 04 Apr 2016 2:25 AM (IST)
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शराब के बाद अब ताड़ी पर गाज, नहीं बिकेगी ताड़ी

शेखपुरा : जिले में देशी शराब के बाद अब ताड़ी भी मिलना मुश्किल हो जायेगा. सरकार के नये आदेश के तहत ताड़ पेड़ के मालिक ताड़ी का प्रयोग अपने इस्तेमाल के अलावा उसकी बिक्री नहीं कर पायेंगे. इसके अलावा होमियोपैथिक,आयुर्वेदिक या अन्य प्रकार के दवा का सेवन भी केवल दवा के रूप में करने पर […]

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शेखपुरा : जिले में देशी शराब के बाद अब ताड़ी भी मिलना मुश्किल हो जायेगा. सरकार के नये आदेश के तहत ताड़ पेड़ के मालिक ताड़ी का प्रयोग अपने इस्तेमाल के अलावा उसकी बिक्री नहीं कर पायेंगे. इसके अलावा होमियोपैथिक,आयुर्वेदिक या अन्य प्रकार के दवा का सेवन भी केवल दवा के रूप में करने पर जोर दिया गया है. इससे अलग कुछ करने पर इसे अपराध माना जायेगा और सरकार के नये बनाये गये नियमों के तहत उसे जेल की हवा खानी होगी.

सरकार के नये शराब नीति को लेकर पटना से वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से यहां उत्पाद विभाग को अद्यतन जानकारी दी गयी तथा शराब बंदी के दौरान आने वाली कठिनाई की भी जानकारी ली गयी. बताया गया कि शराब बंदी को लेकर विभाग को सभी संसाधन से युक्त किया जायेगा तथा पर्याप्त संख्या में वाहन भी उपलब्ध कराया जायेगा. वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से यहां उत्पाद विभाग को अद्यतन जानकारी दी गयी तथा शराब बंदी के दौरान आने वाली कठिनाई की भी जानकारी ली गयी.

बताया गया कि शराब बंदी को लेकर विभगा को सभी संसाधन से युक्त किया जायेगा तथा पर्याप्त संख्या में वाहन भी उपलब्ध कराया जायेगा. वीडियो कांफ्रेंसिंग के बारे में जानकारी देते हुए उत्पाद अधीक्षक विकेश कुमार ने बताया कि सरकारी तौर पर यह स्पष्ट कर दिया गया है कि देहाती क्षेत्र में अंग्रेजी शराब का सेवन भी नहीं किया जा सकता है.

इसके अलावा पांच किलो से ज्यादा महुआ के फूल रखने के लिए भी प्रशासन से अनुमति लेना अनिवार्य है. वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से मद्य निषेध विभाग के प्रधान सचिव केके पाठक ने जीविका को भी शराब बंदी के काम आगे आने को कहा है.
स्वैच्छिक रूप से लोगों को शराब से दूर रखने के अलावा अवैध शराब निर्माण में जुड़े लोगों को इससे दूर करते हुए स्वरोजगार के वैकल्पिक व्यवस्था करने पर भी चर्चा की गयी. बताया गया कि राज्य मे शराब बंदी करवाने में जीविका की सबसे बड़ी भूमिका है. इसलिए अब जीविका को और सक्रिय भूमिका निभाने की आवश्यकता पर जोर दिया गया.
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