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दो साल से बंद है जलापूर्ति अफसर बता रहे हैं चालू

Updated at : 21 Mar 2018 3:20 AM (IST)
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दो साल से बंद है जलापूर्ति अफसर बता रहे हैं चालू

शेखपुरा : जिले में जल स्तर गिरने से गांवों में जल संकट गहराने लगा है. ऐसी स्थिति में विभाग के अधिकारी सजगता के बजाय पानी आपूर्ति की व्यवस्था में कागजी खानापूर्ति करने में तल्लीन हैं. शेखपुरा प्रखंड के पुरैना गांव में पिछले दो वर्षों से जलापूर्ति व्यवस्था ठप है. यहां करीब 15 साल पहले जलमीनार […]

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शेखपुरा : जिले में जल स्तर गिरने से गांवों में जल संकट गहराने लगा है. ऐसी स्थिति में विभाग के अधिकारी सजगता के बजाय पानी आपूर्ति की व्यवस्था में कागजी खानापूर्ति करने में तल्लीन हैं. शेखपुरा प्रखंड के पुरैना गांव में पिछले दो वर्षों से जलापूर्ति व्यवस्था ठप है. यहां करीब 15 साल पहले जलमीनार बनाने के बाद पाइप बिछायी गयी थी.

लगभग बारह सौ परिवारों के इस गांव में चंद माह में भी नियमित रूप से पानी की आपूर्ति की जा सकी. गांव की पूरी आबादी में पाइप लाइन नहीं भेजने के कारण बड़ी आबादी जलापूर्ति व्यवस्था से वंचित रह गयी थी. लेकिन विडंबना यह है कि जिन गांव की गलियों में पाइप बिछायी गयी, उसमें लीकेज की स्थिति काफी गंभीर हो गयी. ऐसी परिस्थिति में लीकेज बनाने के बजाय अधिकारियों ने गांव में जलापूर्ति व्यवस्था को ठप कर दिया. इससे भी बड़ी बात यह है कि गांव में दो वर्षों से ठप जलापूर्ति व्यवस्था को लेकर जब पीएचईडी के कार्यपालक अभियंता विजय कुमार से स्थिति की जानकारी ली गयी तो उन्होंने पुरैना की जलापूर्ति व्यवस्था को नियमित रूप से चालू बताया.

उन्होंने दो सालों से जलापूर्ति ठप रहने की ग्रामीणों के दावे पर ने मीडियाकर्मी को अपने साथ गांव जाने की बात कहीं. ऐसी परिस्थिति में गांव के अंदर जल संकट की समस्या को लेकर अगर विभाग और अधिकारी को अगर खोखले दावे सच साबित करने कोशिश करने वाला कहा जाए तो यह कोई बड़ी बात नहीं होगी. इधर, गांव में जल संकट से जूझ रहे ग्रामीण एवं महिलाओं ने कहा कि यहां पानी की समस्या विकराल रूप धारण कर लेती है. गांव में कुएं और चापाकलों के बदौलत ही पानी की जरूरतों को किसी तरह पूरा किया जा रहा है.

ऑपरेटर की व्यवस्था नहीं : बड़ी बात यह है कि गांव में जलापूर्ति व्यवस्था नियमित रूप से बहाल रहे. इसको लेकर यहां ऑपरेटर की भी तैनाती नहीं की जा सकी है. स्थानीय ग्रामीणों में प्रमिला देवी ने बताया कि शुरुआती दौर में यहां ऑपरेटर की तैनाती की गयी थी. लेकिन कर्मी को मानदेय नहीं दिये जाने की स्थिति में ऑपरेटर ने भी अपनी रुचि दिखाने छोड़ दी.
मुखिया और ग्रामीणों ने लगाया आरोप : गांव में जलापूर्ति व्यवस्था को लेकर अधिकारियों के दावे के विपरीत ग्रामीणों ने आक्रोश जाहिर करते हुए आरोप लगाया है. इस मौके पर ग्रामीणों ने कहा कि पीएचडी के अधिकारियों के समक्ष पिछले दो वर्षों में दर्जनों बार जलापूर्ति ठप रहने की शिकायत की गई. लेकिन अब तक इस दिशा में कोई कार्रवाई नहीं की जा सकी. मौके पर मुखिया सत्येंद्र शर्मा ने बताया कि पुरैना गांव में पिछले दो वर्षों से पानी की आपूर्ति नहीं की जा रही है. इस बाबत विभाग को पूर्व में ही अवगत करा दिया गया है.
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