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57 हजार हेक्टेयर में ही हुई रोपनी

Updated at : 30 Jul 2017 4:16 AM (IST)
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57 हजार हेक्टेयर में ही हुई रोपनी

मुहिम. हरनौत के किसानों ने अब तक सबसे अधिक की धनरोपनी नालंदा में 1.28 लाख हेक्टेयर में खेती का है लक्ष्य जिले के सभी प्रखंडों में हो रही धान की रोपनी बिहारशरीफ : सावन माह धीरे-धीरे बीतने की ओर अग्रसर है, पर नालंदा में धनरोपनी का कार्य अभी भी पूरा नहीं हुआ है. अब तक […]

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मुहिम. हरनौत के किसानों ने अब तक सबसे अधिक की धनरोपनी

नालंदा में 1.28 लाख हेक्टेयर में खेती का है लक्ष्य
जिले के सभी प्रखंडों में हो रही धान की रोपनी
बिहारशरीफ : सावन माह धीरे-धीरे बीतने की ओर अग्रसर है, पर नालंदा में धनरोपनी का कार्य अभी भी पूरा नहीं हुआ है. अब तक जितनी रोपाई हो जानी चाहिए थी, उतनी नहीं हो सकी है. सावन माह में हुई झमाझम बारिश का ही प्रतिफल है कि अब तक 57 हजार से अधिक हेक्टेयर भूमि में किसान 28 जुलाई तक धान की रोपाई कर पाने में सफल रहे हैं.
जिले में इन दिनों सभी प्रखंडों के किसान धान की रोपाई करने में जुटे हैं. अब तक नालंदा जिले में 57 हजार 920 हेक्टेयर भूमि में धान की रोपाई हो चुकी है. जिसमें से सबसे अधिक हरनौत प्रखंड के किसान धान की रोपनी करने में सफल हुए हैं. इस प्रखंड में अब तक 7987 हेक्टेयर में धान की रोपाई हो चुकी है. इस प्रखंड में 12200 हेक्टेयर में धान की खेती करने का लक्ष्य है. इस प्रखंड के किसान धीरे-धीरे लक्ष्य की ओर अग्रसर हो रहे हैं.
यहां के किसान जोर-शोर से धन रोपनी कार्य में लगे हुए हैं. बुजुर्ग किसानों का मानना है कि आगत तौर पर की गयी धान की रोपाई से फसल की पैदावार अधिक होती है. इस लिहाजा किसान जोर-शोर से इस कार्य में लगे हैं. इसके अलावा दूसरे स्थान पर इस्लामपुर प्रखंड है. इस प्रखंड में 12000 हेक्टेयर में रोपाई करने का लक्ष्य है, इसके विपरीत 5225 हेक्टेयर में रोपाई हो चुकी है. जिले में अब तक हुई रोपाई का यह आंकड़ा जिला कृषि विभाग का है. जैसे-जैसे आकाश से पानी धरती पर टपका रहा है, वैसे-वैसे जिले में धन रोपनी के काम में तेजी आ रहा है.
जुलाई में अब तक 303.38 एमएम हुई बारिश
जुलाई में अब तक औसतन से कहीं अधिक बारिश हो चुकी है. जहां जुलाई में औसतन 252.8 मिलीमीटर बारिश होनी चाहिए और 28 जुलाई तक 228.03 मिली मीटर बारिश होनी चाहिए,लेकिन इस तारीख तक 303.38 मिलीमीटर बारिश हो चुकी है. जो औसतन बारिश से 32.87 फीसदी अधिक है. औसतन से अधिक बारिश होने से खरीफ फसलों के लिए फायदेमंद साबित होने वाला है. कृषि समन्वयक मुरारी मोहन ने बताया कि जुलाई में अब तक औसतन से अधिक बारिश हुई है. यह बारिश खरीफ फसलों में खासकर धान की रोपाई के लिए काफी फयदेमंद साबित हो रही है. निकट समय में धन रोपनी कार्य में और भी तेजी आ जाने की उम्मीद है.
97 फीसदी बिचड़े की हुई बुआई
नालंदा जिले में चालू वित्तीय वर्ष में 12 हजार 800 हेक्टेयर में धान के बिचड़े बोने का लक्ष्य कृषि विभाग की ओर से निर्धारित किया गया है. इस लक्ष्य के विरुद्ध 26 जुलाई तक 97 फीसदी बिचड़े की बुआई हो चुकी है. यानी की 12 हजार 359 हेक्टेयर में बिचड़े डाले जा चुके हैं. इस तरह कहा जा सकता है जिले में बिचड़े बोने का काम लगभग पूरा हो चुका है.
क्या कहते हैं अधिकारी
धान की रोपाई का कार्य जिले में प्रगति पर है. जिले में अब तक 57920हजार हेक्टेयर में धान की रोपाई हो चुकी है. किसान धन रोपनी कार्य में जुटे हैं. अगले सप्ताह तक इस कार्य में और भी तेजी आ जाने की उम्मीद है.
अशोक कुमार, जिला कृषि पदाधिकारी, नालंदा
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