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सड़क पर है दबंगों का कब्जा

Updated at : 13 Jul 2017 4:05 AM (IST)
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सड़क पर है दबंगों का कब्जा

आरोप. स्कूल के रास्ते पर सालों भर जमा रहता है नाले का पानी पिछले दो-तीन दिनों से हो रही लगातार बारिश ने विद्यालय के मुख्य सड़क मार्ग को पूरी तरह जलमग्न कर दिया है. ऐसी स्थिति में स्कूली बच्चों का विद्यालय तक पहुंचना दुश्वार हो रहा है. सौ ऐसे बच्चों का नामांकन रद्द किया गया […]

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आरोप. स्कूल के रास्ते पर सालों भर जमा रहता है नाले का पानी

पिछले दो-तीन दिनों से हो रही लगातार बारिश ने विद्यालय के मुख्य सड़क मार्ग को पूरी तरह जलमग्न कर दिया है. ऐसी स्थिति में स्कूली बच्चों का विद्यालय तक पहुंचना दुश्वार हो रहा है. सौ ऐसे बच्चों का नामांकन रद्द किया गया जो प्राइवेट स्कूल में पढ़ाई कर रहे हैं. इस कार्रवाई के बाद विद्यालय में नामांकन की स्थिति 350 बच्चे गये हैं.
शेखपुरा : नगर परिषद् क्षेत्र के उत्क्रमित मध्य विद्यालय कन्या मकतब सकुनत के मुख्य रास्ते पर सालों भर जलजमाव की स्थिति बनी रहती है. हालांकि पिछले दो-तीन दिनों से हो रही लगातार बारिश ने विद्यालय के मुख्य सड़क मार्ग को पूरी तरह जलमग्न कर दिया है. ऐसी स्थिति में स्कूली बच्चों का विद्यालय तक पहुंचना दुश्वार हो रहा है. इसके साथ ही विद्यालय के चारों ओर फैली गंदगी और जलजमाव के कारण बच्चों के स्वास्थ्य पर भी बुरा प्रभाव पड़ रहा है.
सबसे बड़ी विडंबना यह है कि सालों भर जलजमाव के स्थिति को लेकर आज तक कोई पहल नहीं की जा सकी. इसका खामियाजा स्कूली छात्र-छात्राओं एवं शिक्षकों को बरसात के समय में भुगतना पड़ रहा है. स्कूल के बाहर मुख्य सड़क मार्ग पर जलजमाव की भयावह स्थिति कहीं ना कहीं स्कूल जाने वाले छोटे-छोटे बच्चों के लिए मुसीबत साबित हो रही है.
350 बच्चों के लिए लिए है आठ शिक्षक : कन्या मकतब विद्यालय की स्थिति पर अगर नजर डालें तो यहां करीब 450 नामांकित बच्चे थे, लेकिन विद्यालय के द्वारा सरकार के दिशा-निर्देश पर चलाये गये अभियान में करीब सौ ऐसे बच्चों का नामांकन रद्द किया गया जो प्राइवेट स्कूल में पढ़ाई कर रहे हैं. इस कार्रवाई के बाद विद्यालय में नामांकन की स्थिति 350 बच्चे गये हैं. विद्यालय में आम तौर पर प्रतिदिन 200 से ढाई सौ बच्चों की उपस्थिति हो पाती है, लेकिन बरसात के कारण आवागमन में कठिनाइयों की स्थिति होने के कारण बच्चों की उपस्थिति कम गयी है. विद्यालय के प्रधानाध्यापक धर्मेंद्र कुमार ने बताया कि विद्यालय में 350 नामांकित बच्चों के लिए आठ शिक्षक कार्यरत है.
ऐसी स्थिति में शिक्षकों के अभाव के कारण पठन-पाठन में थोड़ी परेशानी होती है.
पानी निकास की जमीन पर दबंगों का कब्जा
विद्यालय के मुख्य सड़क मार्ग पर जलजमाव की स्थिति के लिए कोई बड़ा कारण नहीं बल्कि इसके पानी निकास की जमीन पर स्थानीय दबंगों का कब्जा बताया जा रहा है. हालांकि इस दिशा में स्थानीय पार्षद सकीना रूखसार ने एक सप्ताह पूर्व भी नगर परिषद् कार्यालय में लिखित आवेदन देकर जलजमाव की स्थिति से निजात दिलाने की गुहार लगायी थी, लेकिन विडंबना यह है कि नगर परिषद् के द्वारा भी विद्यालय को जलजमाव की स्थिति से मुक्त कराने में दिशा में कोई पहलकदमी नहीं की जा सकी.
इस स्थिति को लेकर स्थानीय पार्षद ने बताया कि पहले जलजमाव की स्थिति के कारण बच्चे और शिक्षक चप्पल हाथ में लेकर सड़क पर जमे नाले का पानी से गुजर कर स्कूल पहुंच जाते थे, लेकिन अभी स्थिति यह है कि स्कूली बच्चों को कपड़े भी उतारने पड़ जाते हैं. महिला पार्षद ने इस दिशा में जिला प्रशासन को गंभीरता पूर्वक कार्रवाई करने की मांग की है.
क्या कहते हैं अधिकारी :
विद्यालय के मुख्य सड़क मार्ग पर जलजमाव से परेशानी की स्थिति की जानकारी नहीं मिली थी. इस मामले की छानबीन कर कार्रवाई की दिशा में उचित कार्रवाई की जायेगी. किसी हाल में बच्चों को स्कूल तक आवागमन में बाधा को बरदाश्त नहीं किया जायेगा.
मो़ सफीउद्दीन, डीइओ, शेखपुरा
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