स्वीकृति के 10 वर्ष बाद भी नहीं खुला ब्लड बैंक

Updated at : 24 Nov 2016 4:24 AM (IST)
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स्वीकृति के 10 वर्ष बाद भी नहीं खुला ब्लड बैंक

पुपरी : स्थानीय पीएचसी में करीब दस वर्ष पूर्व ब्लड बैंक स्थापित करने की स्वीकृति मिली थी, पर अब तक लोगों को इसका कोई लाभ नहीं मिल पा रहा है. हालांकि 12 मार्च 2006 को हीं यहां ब्लड बैंक की स्थापना के लिए विभाग की ओर से संबंधित डिवाइस उपलब्ध कराने के साथ हीं डायग्नोसिस […]

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पुपरी : स्थानीय पीएचसी में करीब दस वर्ष पूर्व ब्लड बैंक स्थापित करने की स्वीकृति मिली थी, पर अब तक लोगों को इसका कोई लाभ नहीं मिल पा रहा है.

हालांकि 12 मार्च 2006 को हीं यहां ब्लड बैंक की स्थापना के लिए विभाग की ओर से संबंधित डिवाइस उपलब्ध कराने के साथ हीं डायग्नोसिस सेंटर का निर्माण कराया गया. इसको लेकर लाखों की लागत से उपस्कर की खरीदारी की गयी जो वर्तमान में डायग्नोसिस सेंटर के एक कमरे में धूल फांक रहा है. उस समय कमरे व संसाधन के अभाव में ब्लड बैंक चालू नहीं किये जाने की बातें सामने आ रही थी. समय बीतता गया और वर्ष 2010 में ब्लड बैंक को चालू कराने के लिए डाग्नोसिस सेंटर के एक कमरे में रेफ्रीजरेटर, इक्युवेटर वंच टू सेंट्रीप्यूज व डिवाइस को सजा कर रखा गया. तकनीशियन का नियोजन किया गया, पर ब्लड बैंक का उद्घाटन नहीं हो सका. बाद सिविल सर्जन द्वारा उसे भी हटा दिया गया.
लोगों की आस पर फिरा पानी : ब्लड बैंक खुलने की सूचना से क्षेत्र के लोगों में काफी खुशी थी. उनका मानना था कि आपातकाल में भी ब्लड की कमी के चलते लोगों को अन्यत्र नहीं जाना पड़ेगा, पर ऐसा नहीं हो सका. उनके आशा पर पानी फिर गया. स्थानीय जनप्रतिनिधियों का मानना है कि इसके लिए सिर्फ विभाग की हीं नहीं, स्थानीय अनुमंडल व विभागीय प्रशासन भी है, जिसके चलते लाखों के मशीन को जंग खा रहा है. वास्तव में इसके लिए कौन जिम्मेदार है यह तो जांच का विषय है,
पर यह बात तो बिल्कुल साफ हो गया है कि विपदा के समय में क्षेत्र के लोगों को यहां से ब्लड की सुविधा नहीं मिलने पर लोगों को सदर अस्पताल व अन्यत्र जाना हीं पड़ेगा जो एक गंभीर मुद्दा है. हालांकि ब्लड के अभाव में अब तक अनुमंडल मुख्यालय में कई लोगों की मौत हो चुकी है, पर इस गंभीर मुद्दा पर सोचने के लिए न प्रशासन के पास वक्त है और न जनप्रतिनिधियों के पास. स्थानीय जनप्रतिनिधि अरविंद कुमार अमित, राजकुमार, राजकुमार मंडल,चंदन कुमार व संजय कुमार ने संयुक्त रूप से स्वास्थ्य मंत्री को आवेदन भेज कर ब्लड बैंक को शीघ्र चालू कराने की मांग की है.
कहते हैं पीएचसी प्रभारी
इस बाबत पीएचसी प्रभारी डाॅ सुरेंद्र कुमार ने बताया कि ब्लड बैंक के संचालन के लिए एक तकनीशियन का नियोजन हुआ था, पर चिकित्सक को पदस्थापित नहीं किया गया. लिहाजा प्रशिक्षण के बाद उक्त तकनीशियन को हटा दिया गया. मशीन व उपस्कर रखे-रखे खराब हो रहा है. अब वरीय अधिकारियों की ताजा निर्देश के बाद ब्लड बैंक को चालू किया जायेगा.
डॉ सुरेंद्र कुमार, पीएचसी प्रभारी
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