डिग्री कॉलेज मामले में डीएम ने प्रधान सचिव से मांगा मार्गदर्शन
Published by :Prabhat Khabar Digital Desk
Published at :27 Jun 2018 5:39 AM (IST)
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शिवहर : जिला पदाधिकारी अरशद अजीज ने शिक्षा विभाग के प्रधान सचिव को पत्र लिख कर अंगीभूत डिग्री कॉलेज शिवहर के संचालन को लेकर मार्गदर्शन मांगा है. पत्र में कहा गया है कि स्थानीय नवाब उच्च विद्यालय में अस्थायी तौर पर अंगीभूत डिग्री कॉलेज शिवहर संचालित है. जिसमें नामांकित एवं पंजीकृत 431 बच्चों की परीक्षा […]
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शिवहर : जिला पदाधिकारी अरशद अजीज ने शिक्षा विभाग के प्रधान सचिव को पत्र लिख कर अंगीभूत डिग्री कॉलेज शिवहर के संचालन को लेकर मार्गदर्शन मांगा है.
पत्र में कहा गया है कि स्थानीय नवाब उच्च विद्यालय में अस्थायी तौर पर अंगीभूत डिग्री कॉलेज शिवहर संचालित है. जिसमें नामांकित एवं पंजीकृत 431 बच्चों की परीक्षा एवं पढ़ाई पर प्रश्नचिह्न लग गया है, जबकि अगले सत्र में नामांकन की प्रक्रिया भी जारी है. ऐसे में 431 बच्चों के भविष्य स्थानीय लोगों की मांग के मद्देनजर अगले सत्र में नामांकन एवं पूर्व से नामांकित एवं पंजीकृत 431 छात्रों की पढ़ाई एवं परीक्षा को लेकर आगे की प्रक्रिया के लिए मार्गदर्शन दिया जाये.
बताते चलें कि सरकार ने शिवहर में अंगीभूत डिग्री कॉलेज की शैक्षणिक कार्य को फिलहाल स्थगित कर दिया है. जिसको लेकर जिले के लोगों में क्षोभ व्याप्त है. अब सवाल है कि जब सरकार द्वारा डिग्री कॉलेज प्रस्तावित है. भवन निर्माण का दिशा निर्देश है. वित्तीय 20 17-20 के लिए 431 बच्चों का नामांकन किया जा चुका है. वर्ष 2018 -21 के लिए ऑनलाइन आवेदन की प्रक्रिया जारी है. नामांकन के लिए आवेदन विश्वविद्यालय द्वारा समेकित रूप से लिए जा रहे हैं ऑनलाइन पोर्टल पर अंगीभूत डिग्री कॉलेज शिवहर का नाम आ रहा है.
अंगीभूत डिग्री कॉलेज शिवहर के नोडल पदाधिकारी डॉक्टर गणेश राय की माने तो विभाग द्वारा अभी तक नामांकन रोकने संबंधी कोई पत्र प्राप्त नहीं है. सरकार के निर्देश के आलोक में जावेद अख्तर अनूविद कुमार, कार्यपालक सहायक चुनचुन पंडित, तौकीर अहमद, नोडल पदाधिकारी गणेश.राय समेत एक गार्ड भी कॉलेज में प्रतिनियुक्त है.
अंगीभूत डिग्री कॉलेज को लेकर कहां से से फंसा पेच पूर्व डीएम राजकुमार ने एक लाइब्रेरियन एक कंप्यूटर ऑपरेटर कॉलेज के प्राध्यापकों समेत 28 अभ्यर्थियों का बायोडाटा सरकार को भेजा विश्वविद्यालय को भी इस संबंध में पत्र दिया. जिसमें कहा गया कि अंगीभूत डिग्री कॉलेज शिवहर में नामांकित बच्चों के पढ़ाई-लिखाई एवं शैक्षिक सत्र संचालन के लिए शिक्षकों की आवश्यकता है. सरकार द्वारा निर्धारित शैक्षणिक योग्यता मापदंड के अनुसार 28 अभ्यर्थी निशुल्क विद्यालय में शैक्षणिक कार्य संचालित करने को तैयार हैं जिसका अनुमोदन किया जाये. 28 लोगों के बायोडाटा के साथ पैनल को देखकर सरकार ने अनुमोदन तो नहीं किया, बल्कि इसे विधि सम्मत नहीं मानते हुए. फिलहाल शैक्षणिक सत्र संचालन पर भी रोक लगा दी.
अब सवाल है कि बच्चों का नामांकन लिया गया तो उसके पूर्व नामांकित बच्चों के शैक्षणिक सत्र संचालन को लेकर प्राध्यापकों की नियुक्ति की प्रक्रिया पूरी क्यों नहीं की गयी. इसके लिए प्राध्यापकों एवं अन्य कर्मियों का पद सृजन क्यों नहीं किया गया. चूक विश्वविद्यालय स्तर पर हुई या स्थानीय प्रशासनिक स्तर पर हुई या सरकारी स्तर पर हुई. इसका जवाब टटोलने लगे हैं किंतु इतना तय है यह चूक के कारण शिवहर में डिग्री कॉलेज के संचालन पर फिलहाल ग्रहण लग गया है. दूसरी तरफ सरकार राजकीय डिग्री कॉलेज शिवहर के रूप में कॉलेज संचालन को तैयार हैं तो फिर अंगीभूत डिग्री कॉलेज की प्रक्रिया में सरकारी सहयोग कैसे मिला यह विचारणीय प्रश्न है.
कारण जो भी हो किंतु शिवहर के लोग छात्रों के भविष्य को लेकर सरकार के कार्यशैली से नाराज हैं तथा इसको लेकर आंदोलन करने की तैयारी में है.
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