योग प्राणायाम व आयुर्वेद अपनायें रोग से मुक्ति पायें
Published by : Prabhat Khabar Digital Desk Updated At : 12 Jun 2017 12:54 AM
शिवहर : योग सभी रोगों के अंत करने में सहायक है. इसलिए मानव को जीवन में योग जीवन शैली अपनानी चाहिए. उक्त बातें पतंजलि योग समिति के जिला प्रभारी सुभाष चंद्र गुप्त ने कही. बातचीत में कहा कि 21 जून को शिवहर में योग शिविर का आयोजन किया जायेगा. जिसकी तैयारी की जा रही है.नबाव […]
शिवहर : योग सभी रोगों के अंत करने में सहायक है. इसलिए मानव को जीवन में योग जीवन शैली अपनानी चाहिए. उक्त बातें पतंजलि योग समिति के जिला प्रभारी सुभाष चंद्र गुप्त ने कही. बातचीत में कहा कि 21 जून को शिवहर में योग शिविर का आयोजन किया जायेगा. जिसकी तैयारी की जा रही है.नबाव उच्च विद्यालय परिसर में योग शिविर लगाया जायेगा.
योग दिवस पर आयोजित इस योग शिविर में 10 हजार से अधिक लोगों के शामिल होने का लक्ष्य रखा गया है. उन्होने लोगों से संतुलित व संयमित जीवन शैली अपनाने की सलाह देते हुए कहा कि 90 प्रतिशत रोग केवल पेट से संबंधित होते हैं. ऐसे में पेट में कब्ज नहीं रहना चाहिए. इससे बचने के लिए योग व आर्यूवेद उतम उपाय है.
करीब 160 तरह के रोग केवल मांसाहार से होते है. भोजन के बाद तुरंत जल नहीं पीने चाहिए. वह स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव डालता है. करीब भोजन के एक घंटे बाद ही जल पीना चाहिए. कहा कि बढ़ती हुई गर्मी में कम से कम पांच लीटर जल का पीना आवश्यक है.कहा कि शराब, कोल्डड्रिंक और चाय के सेवन से हृदय पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है.गुटका, शराब, बीड़ी, सिगरेट,कोल्डडिंक्र से आंत में सड़न व कैंसर तक हो सकती है.
उन्होंने पर्यावरण संरक्षण व रोग से निजात पाने के लिए औषधीय पौधा लगाने पर बल देते हुए कहा कि तुलसी पता के नियमित सेवन से मलेरिया रोग का खतरा कम होता है.कई रोगों के उपचार में तुलसी दवा का काम करती है. मूली प्रतिदिन खाने से व्यक्ति अनेक रोगों से मुक्त रहता है.अनार आंव, संग्रहणी, पुरानी खांसी व हृदय रोगों के लिए सर्वश्रेष्ठ है. वही हृदयरोगी के लिए अर्जुन की छाल, लौकी का रस, तुलसी, पुदीना, मौसमी, सेंधा नमक, गुड़, चोकरयुक्त आटा, छिलकेयुक्त अनाज लाभकारी है. नीबू यकृत, टाइफाइड, दस्त, पेट के रोग तथा हैजा से बचाता है.चोकर की रोटी खाने से शरीर की प्रतिरोधक शक्ति बढ़ती है. इसलिए सदैव गेहूं मोटा ही पिसवाना चाहिए. वही मोटे आटा के रोटी का सेवन करना चाहिए. देर रात तक जागने से शरीर की प्रतिरोधक शक्ति कमजोर हो जाती है. भोजन का पाचन भी ठीक से नहीं हो पाता है. इससे आंखों के संबंधित रोग भी होते हैं.जिला प्रभारी ने कहा कि हर रोग के निदान में योग प्राणायाम व आयुर्वेद सक्षम है.
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