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60 घंटे बाद जिगना गांव में बहाल हुई बिजली, लोगों ने ली राहत की सांस

Updated at : 05 Jan 2026 10:08 PM (IST)
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60 घंटे बाद जिगना गांव में बहाल हुई बिजली, लोगों ने ली राहत की सांस

जेइ की पिटाई के दूसरे दिन से काटी गयी थी बिजली, अंधेरे में डूबा था गांव, विधायक और डीएम तक पहुंचा मामला, तो सोमवार की शाम हुई पहल

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शिवसागर. थाना क्षेत्र के जिगना गांव में शुक्रवार की शाम बिजली विभाग के कनीय अभियंता (जेइ) के साथ गांव के कुछ लोगों ने मारपीट की थी. इस घटना में जेई सहित तीन कर्मी जख्मी हो गये थे. इसकी प्रतिक्रिया में बिजली विभाग ने तीन दिसंबर की सुबह से पूरे गांव की बिजली आपूर्ति बंद कर दी थी. गांव में बिजली बहाल करने के लिए तीन व चार दिसंबर तक मुखिया सहित ग्रामीण बिजली विभाग से गुहार लगा कर थक चुके थे. पांच दिसंबर को गांव की राजनीति का हाइ वोल्टेज ड्रामा शुरू हुआ. मामला विधायक बशिष्ट सिंह व डीएम उदिता सिंह तक पहुंचा, तो शाम में गांव में बिजली बहाल कर दी गयी. गांव रोशन हो उठा. लोगों ने राहत की सांस ली. बिजली बहाल होते ही गांव के पुरुष गेहूं के पटवन के लिए खेतों में लगे मोटरों की ओर दौड़ पड़े, तो महिलाएं पीने का पानी के इंतजाम के लिए अपने-अपने घरों में लगे मोटरों की ओर चल पड़ी.

क्या था मामला

दो जनवरी की शाम करीब 6:54 बजे जेइ विजय शंकर सिंह के नेतृत्व में जिगना गांव छापेमारी टीम पहुंची थी. गांव हजारी सिंह के पुत्र दिलीप कुमार के आटा चक्की-सह-धान मिल में छापेमारी की थी. इसी दौरान पूछताछ में विवाद बढ़ने पर कुछ लोगों ने टीम पर हमला कर दिया था. इस घटना में जेइ विजय शंकर सिंह, मानव बल जितेंद्र सिंह समेत तीन लोग घायल हो गये थे. इसकी प्राथमिकी जेइ ने थाने में प्राथमिकी दर्ज करायी थी.

कहते हैं विधायक

करगहर विधानसभा क्षेत्र के विधायक बशिष्ठ सिंह ने कहा कि मुझे आज करीब 11 बजे इसकी जानकारी मिली थी. मैंने तुरंत बिजली विभाग के अधीक्षण अभियंता से बात कर बिजली बहाल करने को कहा था. शाम तक बिजली बहाल हो गयी. एक व्यक्ति की गलती का पूरे गांव को सजा नहीं दी जानी चाहिए.

कहते हैं मुखिया

मुखिया जय प्रकाश चौरसिया ने कहा कि सोमवार को इसकी शिकायत विधायक व डीएम से की गयी थी. सोमवार की शाम गांव में बिजली आपूर्ति बहाल हो गयी है. उन्होंने कहा कि मैं शुरू से ही घटना की निंदा करता रहा हूं. जो हुआ था वह गलत था. लेकिन, चंद लोगों की गलती की सजा पूरे गांव को नहीं दी जा सकती है. यहां अंग्रेजी राज नहीं है.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

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PANCHDEV KUMAR

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