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चेनारी में भारत माला एक्सप्रेस-वे का काम किसानों ने रोका

Updated at : 17 Jun 2025 9:15 PM (IST)
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चेनारी में भारत माला एक्सप्रेस-वे का काम किसानों ने रोका

Sasaram News.चेनारी थाना क्षेत्र का सेमरी गांव मंगलवार को रणक्षेत्र बनते-बनते रह गया. खेतों में एक तरफ वैसे किसान डटे थे, जिनकी अधिग्रहित जमीन का मुआवजा अब तक उन्हें नहीं मिला है, तो दूसरी ओर मशीनों के साथ पहुंचे ठेकेदार के कर्मी, पुलिस बल और अफसर थे, जो भारतमाला एक्सप्रेस वे का कार्य शुरू कराने पर आमादा थे.

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बड़ी संख्या में पुलिस बल के साथ पहुंचे थे अधिकारी,किसानों के विरोध पर रूका काम

बिना मुआवजा दिये प्रशासन सड़क निर्माण का कार्य नहीं करे शुरू-पूर्व मंत्री

सासाराम कार्यालय/ प्रतिनिधि चेनारी.

चेनारी थाना क्षेत्र का सेमरी गांव मंगलवार को रणक्षेत्र बनते-बनते रह गया. खेतों में एक तरफ वैसे किसान डटे थे, जिनकी अधिग्रहित जमीन का मुआवजा अब तक उन्हें नहीं मिला है, तो दूसरी ओर मशीनों के साथ पहुंचे ठेकेदार के कर्मी, पुलिस बल और अफसर थे, जो भारतमाला एक्सप्रेस वे का कार्य शुरू कराने पर आमादा थे. कार्य शुरू कराने के लिए एसडीएम के नेतृत्व में भारी संख्या में पुलिस बल पहुंची थी. लेकिन, इसका विरोध किया. किसानों के विरोध को देखते हुए प्रशासन ने फिलहाल निर्माण कार्य रोक दिया है. इसी बीच सेमरी गांव पहुंचे चेनारी विधानसभा क्षेत्र के विधायक सह पूर्व मंत्री मुरारी प्रसाद गौतम को ग्रामीणों ने घेरा और उन्हें बताया कि बिना मुआवजा दिये प्रशासन जबरन हमारे खेतों में सड़क निर्माण का कार्य करा रहा है. पूर्व मंत्री मुरारी प्रसाद गौतम ने कहा कि इसी बात को लेकर केनारकला पंचायत भवन में किसानों के साथ बैठक हो रही थी. उन्होंने कहा कि बिना मुआवजा दिये सड़क निर्माण का कार्य प्रशासन शुरू नहीं कराये. एक सप्ताह के अंदर प्रशासन किसानों की जमीन के कागजों को दुरूस्त कराये और मुआवजा दे. इसके बाद कार्य शुरू हो. कागजातों को दुरुस्त कराने के लिए सीओ को निर्देश दिया गया है.

डीएम ने कार्य शुरू कराने का दिया था निर्देश

सोमवार की बैठक में डीएम उदिता सिंह ने भारतमाला एक्सप्रेस वे का कार्य जल्द शुरू कराने का निर्देश दिया था. उन्होंने कहा था कि भारतमाला परियोजना के तहत वाराणसी-रांची-कोलकाता एक्सप्रेस वे के दूसरे चरण का कार्य शुरू हो गया है. अधिग्रहित भूमि का मुआवजा शिविर लगाकर जिला भू अर्जन विभाग दे रहा है. वहीं इस एक्सप्रेसवे से जुड़ी एजेंसी ने कई स्थानों पर साफ-सफाई कर निर्माण कार्य शुरू कर दिया है. डीएम की बैठक के बाद जिला भू अर्जन पदाधिकारी जफर हसन ने बताया था कि चेनारी अंचल के 13 मौजों विरनगर, नारायणपुर, किनरचोला, चोरही, डेहरियां, केनार खुर्द, सेमरी, सहसी, बेन्सिल, रघुनाथपुर, बरताली बडकी, बरताली छोटकी, खुजा और शिवसागर अंचल के नौ मौजों खुढनु, सिकरौर, करमा, चोर, खुढिया, उचौली, चेनारी, मझुई और कोनकी में अधिग्रहित की जाने वाली जमीन का तेजी से मुआवजे का भुगतान शुरू कर दिया गया है.

नहीं मिलेगी फसल क्षतिपूर्ति

डीएम की बैठक के बाद जिला भू अर्जन पदाधिकारी ने कहा था कि सभी संबंधित पदाधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि वह व्यापक प्रचार-प्रसार के साथ जागरूकता अभियान चलाकर किसानों को अधिग्रहित जमीन पर धान की फसल लगाने से रोकें. अन्यथा इससे किसानों को नुकसान होगा. क्योंकि, एक्सप्रेसवे का निर्माण कार्य शुरू हो गया है. निर्माण कार्य किये जाने के कारण उनकी फसल नष्ट हो जायेगी. उन्हें आर्थिक क्षति होगी, जिसका भुगतान करना संभव नहीं होगा. इन जमीनों पर फसल लगायी जा रही है, जिससे निर्माण प्रक्रिया बाधित होगी. अधिग्रहित भूमि पर खेती कार्य, विशेषकर धान की रोपनी न की जाये. यह कदम रैयतों को अनावश्यक श्रम, निवेश व संभावित हानि से बचाने के लिए उठाया गया है.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

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Vikash Kumar

लेखक के बारे में

By Vikash Kumar

Vikash Kumar is a contributor at Prabhat Khabar.

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