काराकाट. प्रखंड में उर्वरक की कालाबाजारी को लेकर सोमवार को किसान भवन कार्यालय में अधिकारी व उर्वरक बिक्रेताओं की बैठक हुई. किसानों की लगातार शिकायत पर प्रखंड प्रतिनिधि, प्रशासन व उर्वरक दुकानदार के साथ बैठक हुई. प्रखंड प्रमुख प्रतिनिधि नारायण पासवान बीडीओ राहुल कुमार सिंह, नगर पंचायत मुख्य पार्षद प्रतिनिधि मुन्ना भारती ने बीएओ दिलीप कुमार पटेल से प्रखंड में मौजूद उर्वरक की जानकारी ली. प्रखंड जनप्रतिनिधियों व अधिकारियों ने उर्वरक बिक्रेताओं को सरकारी दर पर बिक्री करने का दबाव बनाया, तो निर्धारित दर पर उर्वरक बेचने को तैयार नहीं हुए. जनप्रतिनिधियों व उर्वरक बिक्रेताओं के बीच तीखी नोक झोंक हुई. प्रखंड प्रमुख प्रतिनिधि, बीडीओ, मुख्य पार्षद प्रतिनिधि ने बताया कि किसान दुकानदारों पर निर्धारित सरकारी दर से अधिक कीमत वसूलने व जबरन अतिरिक्त उत्पाद थोपने का गंभीर आरोप लगाया. अधिकारियों के अनुसार, वर्तमान में 13 हजार 628 हेक्टेयर में खेती हुई है. किसानों के अनुसार, इतनी बड़ी खेती के मुकाबले उपलब्ध उर्वरक अपर्याप्त है. इससे उर्वरक का संकट की स्थिति बनी हुई है. वहीं, दुकानदारों ने अपने पक्ष में कहा कि वे जान बुझकर अधिक कीमत अधिक वसूला जाता है. बल्कि, जिला सप्लायर ही उनसे सरकारी दर से अधिक प्रति बैग 280 रुपये लेकर उर्वरक उपलब्ध कराते है. इसके अलावा परिवहन खर्च के नाम पर प्रति बैग 20 रुपये अतिरिक्त वाहन भाड़ा देना पड़ता है. इन सभी खर्चों के बाद सरकारी निर्धारित दर पर उर्वरक बेचना संभव नहीं है. यह भी बताया गया कि हर उर्वरक बैग के साथ एक किलो जिंक, नैनो यूरिया या नैनो डीएपी अनिवार्य रूप से जोड़ दिया गया है . प्रखंड प्रमुख , बीडीओ , मुख्य पार्षद व बीस सूत्री सदस्यों ने मामले की गंभीरता को देखते हुए उर्वरक दुकानदारों से लिखित स्पष्टीकरण के की मांग किया, लेकिन उर्वरक दुकानदारों ने लिखित देने से साफ इंकार कर दिया. जनप्रतिनिधियों व अधिकारियों ने कहा कि किसानों का शोषण किसी भी कीमत पर बर्दास्त नहीं की जायेगी. यदि कालाबाजारी की पुष्टि होती है, तो कार्रवाई की जायेगी.
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