रूटीन चेकअप कराने नर्सिंग होम गयी गर्भवती का कराया प्रसव, मौत

Updated at : 02 Aug 2024 10:48 PM (IST)
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रूटीन चेकअप कराने नर्सिंग होम गयी गर्भवती का कराया प्रसव, मौत

संवाददाता, इसुआपुरप्रखंड में चल रहे दर्जनों नर्सिंग होम मौत का घर बन चुके हैं. यहां फर्जी डॉक्टर इलाज करते हैं. पर्याप्त व्यवस्था नहीं होने के कारण यहां भर्ती मरीजों की मौत आये दिन होते रहते हैं. इनमें से अधिकतर का रजिस्ट्रेशन नहीं कराया गया है. नामी डॉक्टरों का नेम प्लेट लगाकर गरीबों की जिंदगी के साथ खिलवाड़ किया जाता है और मोटी कमाई की जाती है. यहां दलालों के माध्यम से सुदूर गांवों से मरीजों को बहला-फुसलाकर लाया जाता है.

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संवाददाता, इसुआपुर प्रखंड में चल रहे दर्जनों नर्सिंग होम मौत का घर बन चुके हैं. यहां फर्जी डॉक्टर इलाज करते हैं. पर्याप्त व्यवस्था नहीं होने के कारण यहां भर्ती मरीजों की मौत आये दिन होते रहते हैं. इनमें से अधिकतर का रजिस्ट्रेशन नहीं कराया गया है. नामी डॉक्टरों का नेम प्लेट लगाकर गरीबों की जिंदगी के साथ खिलवाड़ किया जाता है और मोटी कमाई की जाती है. यहां दलालों के माध्यम से सुदूर गांवों से मरीजों को बहला-फुसलाकर लाया जाता है.

ऐसी ही एक घटना बृहस्पतिवार को एक नर्सिंग होम में देखने को मिली है. राजन शर्मा, ग्राम पंचखंडा, थाना मसरख की पत्नी को दलाल बहलाकर ले लाये, लेकिन प्रसव के दौरान ही उसकी मौत हो गयी. नर्सिंग होम संचालक ने आनन-फानन में उसके शव को उसके घर पहुंचवा दिया. लेकिन, मृतका के परिजन अस्पताल के बाहर हंगामा करते रहे. उनका कहना था कि मृतका रूपा देवी, प्रथम संतान को जन्म देने वाली थी. वह रुटीन चेकअप के लिए अस्पताल में आयी थी. लेकिन, डॉक्टर ने उसका गर्भ ही बाहर निकाल दिया. इसके बाद बच्चे को मसरक के किसी अस्पताल में रखा गया है, जहां वह इलाजरत है. जबकि, इस दौरान रूपा की मौत हो गयी.

लोगों ने बताया कि नर्सिंग होम के ऊपर डॉ मंजू देवी के नाम से बड़ा सा बोर्ड लगाया गया है, जिससे मरीज गुमराह हो जाते हैं तथा इलाज करवाने चले आते हैं. इलाज के क्रम में डॉ मंजू देवी मौजूद नहीं रहती हैं. फर्जी डॉक्टर ही इलाज व ऑपरेशन भी करते हैं. इसमें कई बार मरीजों की जान चली जाती है. हद तो तब हो जाती है जब सूचना थाने को दी जाती है और थाना का कोई भी कर्मी घटनास्थल पर नहीं पहुंचता है और न ही प्राथमिकी दर्ज की जाती है. इससे अस्पताल संचालकों के अंदर से डर खत्म हो चुका है. इस बारे में जब इसुआपुर सीएचसी की प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ तूलिका से बात की गयी तो उन्होंने कहा कि मामला मेरे संज्ञान में आ गया है. मंगलवार तक एक कमेटी बनाकर इसकी जांच करूंगी.

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