सारण में अधिवक्ताओं की बड़ी मांग, पेंशन और कैशलेस इलाज की राशि बढ़ाने की डिमांड

Published by : Sakshi kumari Updated At : 30 May 2026 1:49 PM

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जिला विधि मंडल

Saran News: विधि मंडल छपरा के सैकड़ों अधिवक्ताओं ने संयुक्त रूप से हस्ताक्षरित आवेदन बिहार अधिवक्ता वेलफेयर कमिटी के अध्यक्ष को भेजा है. यह आवेदन विधि मंडल के अध्यक्ष एवं महामंत्री के माध्यम से प्रेषित किया गया है.

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Saran News: (सारण के छपरा से विकास कुमार की रिपोर्ट)
विधि मंडल छपरा के सैकड़ों अधिवक्ताओं ने संयुक्त रूप से हस्ताक्षरित आवेदन बिहार अधिवक्ता वेलफेयर कमिटी के अध्यक्ष को भेजा है. यह आवेदन विधि मंडल के अध्यक्ष एवं महामंत्री के माध्यम से प्रेषित किया गया है. अधिवक्ताओं ने अपने आवेदन में सेवानिवृत्ति लाभ, पेंशन व्यवस्था और स्वास्थ्य सुविधाओं में सुधार की मांग की है.

सेवानिवृत्ति लाभ बढ़ाने की उठाई मांग

अधिवक्ताओं ने कहा है कि वर्ष 1983 में अधिवक्ता वेलफेयर स्टांप का जो मूल्य निर्धारित था, उसी आधार पर सेवानिवृत्ति लाभ की राशि तय की गई थी. बाद के वर्षों में बिहार सरकार ने वेलफेयर स्टांप की कीमत बढ़ाकर 50 रुपये कर दी, लेकिन अधिवक्ताओं को मिलने वाली सेवानिवृत्ति लाभ राशि में उसी अनुपात में वृद्धि नहीं की गई. उनका कहना है कि वर्तमान महंगाई और वेलफेयर स्टांप के बढ़े मूल्य को देखते हुए सेवानिवृत्ति लाभ की राशि 50 लाख रुपये निर्धारित की जानी चाहिए.

भुगतान में हो रही देरी पर जताई चिंता

आवेदन में यह भी कहा गया है कि सेवानिवृत्ति लाभ के भुगतान में कई बार वर्षों का समय लग जाता है, जिससे सेवानिवृत्त अधिवक्ताओं को आर्थिक कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है. अधिवक्ताओं ने इस प्रक्रिया को सरल और समयबद्ध बनाने की मांग की है.

30 हजार रुपये मासिक पेंशन लागू करने की मांग

अधिवक्ताओं ने सरकार से सम्मानजनक पेंशन व्यवस्था लागू करने की मांग करते हुए कहा है कि अधिवक्ताओं को प्रतिमाह 30 हजार रुपये पेंशन प्रदान की जानी चाहिए. उनका तर्क है कि लंबे समय तक न्याय व्यवस्था में योगदान देने वाले अधिवक्ताओं को वृद्धावस्था में आर्थिक सुरक्षा मिलनी चाहिए.

कैशलेस इलाज योजना में शामिल करने की मांग

आवेदन में मुख्यमंत्री से यह भी आग्रह किया गया है कि सरकारी पदाधिकारियों, कर्मचारियों, जनप्रतिनिधियों और उनके सहायकों की तरह अधिवक्ताओं को भी कैशलेस इलाज योजना का लाभ दिया जाए. अधिवक्ताओं का कहना है कि स्वास्थ्य संबंधी बढ़ते खर्च को देखते हुए उन्हें भी इस योजना में शामिल किया जाना आवश्यक है.

शीघ्र निर्णय लेने का आग्रह

अधिवक्ताओं ने बिहार सरकार और बिहार अधिवक्ता वेलफेयर कमिटी से इन मांगों पर गंभीरतापूर्वक विचार कर शीघ्र निर्णय लेने का अनुरोध किया है. उनका कहना है कि इससे अधिवक्ता समाज को सामाजिक और आर्थिक सुरक्षा मिलेगी तथा उनके सम्मानजनक जीवनयापन का मार्ग प्रशस्त होगा.

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लेखक के बारे में

By Sakshi kumari

साक्षी देश के प्रथम राष्ट्रपति डॉ. राजेंद्र प्रसाद की धरती सीवान से आती हैं. पत्रकारिता में करियर की शुरुआत News4Nation के साथ की. 3 सालों तक डिजिटल माध्यम से पत्रकारिता करने के बाद वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल के साथ कंटेंट राइटर के रूप में कार्यरत हैं. बिहार की राजनीति में रुचि रखती हैं. हर दिन नया सीखने के लिए इच्छुक रहती हैं.

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