सारण के रंगलाल गांव में विकास की राह कीचड़ में दबी, घुटने भर पानी से होकर स्कूल जाने को मजबूर बच्चे

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नोट: फोटो नंबर 21 सीएचपी 1 है कैप्सन होगा-बच्चे हाथ में जुते चप्पल लेकर स्कूल जाने को मजबूर  | Prabhat Khabar Network

बच्चे हाथ में जुते चप्पल लेकर स्कूल जाने को मजबूर | Prabhat Khabar Network

सारण जिले के एकमा प्रखंड का रंगलाल गांव आज भी पक्की सड़क जैसी बुनियादी सुविधा से महरूम है. बारिश में घुटनों तक कीचड़ जमने से ग्रामीणों का जीवन दूभर हो गया है. आपातकालीन सेवाओं का पहुंचना भी मुश्किल है.

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Saran News: देश जहां डिजिटल इंडिया और आधुनिक विकास की ओर तेजी से बढ़ने का दावा कर रहा है, वहीं सारण जिले के एकमा प्रखंड का चनचौरा पंचायत स्थित वार्ड संख्या-13 का टोले रंगलाल गांव आज भी बुनियादी सुविधाओं से वंचित है. गांव में पक्की सड़क नहीं होने के कारण बारिश के दिनों में पूरा रास्ता कीचड़ और जलजमाव में तब्दील हो जाता है. हालात ऐसे हैं कि आपातकाल में गांव तक एंबुलेंस या दमकल वाहन का पहुंचना भी लगभग असंभव हो जाता है.

बारिश में सड़क बन जाती है दलदल

ग्रामीणों के अनुसार, आजादी के दशकों बाद भी गांव में पक्की सड़क का निर्माण नहीं हो सका है. हल्की बारिश होते ही सड़क घुटने भर कीचड़ और पानी से भर जाती है. इससे गांव का मुख्य मार्ग से संपर्क प्रभावित हो जाता है और लोगों का आवागमन मुश्किल हो जाता है.

स्कूल जाने से कतराने लगे बच्चे

गांव की रंजू देवी, किरण देवी, कुंती देवी और गीता देवी ने बताया कि कीचड़ से भरे रास्ते के कारण बच्चों को स्कूल जाने में काफी परेशानी होती है. कई बार बच्चे हाथ में जूते-चप्पल लेकर कीचड़ पार करते हैं और कई बच्चे इसी वजह से स्कूल जाने से भी कतराने लगे हैं.

रोजमर्रा की जरूरत का सामान लाने और अस्पताल जाने जैसे सामान्य कार्य भी ग्रामीणों के लिए चुनौती बने हुए हैं.

गर्भवती महिलाओं और बुजुर्गों की बढ़ी मुश्किलें

ग्रामीणों का कहना है कि सबसे अधिक परेशानी गर्भवती महिलाओं, बुजुर्गों और बीमार लोगों को होती है. आपातकालीन स्थिति में गांव तक एंबुलेंस नहीं पहुंच पाती, जिससे मरीजों को चारपाई या अन्य साधनों से मुख्य सड़क तक ले जाना पड़ता है.

ग्रामीणों का आरोप, शिकायत के बावजूद नहीं हुई कार्रवाई

पिंटू ठाकुर, जयराम दास, दूधनाथ ठाकुर, नरबेश्वर ठाकुर, दीपक ठाकुर, दिलीप ठाकुर सहित दर्जनों ग्रामीणों का आरोप है कि इस समस्या की जानकारी कई बार स्थानीय जनप्रतिनिधियों और प्रशासन को दी गई, लेकिन अब तक कोई ठोस पहल नहीं हुई.

ग्रामीणों का कहना है कि चुनाव के समय नेता गांव में आकर सड़क बनाने का वादा करते हैं, लेकिन चुनाव खत्म होने के बाद कोई सुध लेने नहीं आता.

पक्की सड़क निर्माण की उठाई मांग

ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि रंगलाल गांव में जल्द से जल्द पक्की सड़क का निर्माण कराया जाए, ताकि बच्चों की पढ़ाई, ग्रामीणों का आवागमन और आपातकालीन सेवाएं प्रभावित न हों तथा गांव के लोगों को इस नारकीय स्थिति से राहत मिल सके.

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