Saran News : जिले में प्रतिबंध के बावजूद फल-फूल रहा अवैध लॉटरी का धंधा
Published by : CHANDRASHEKHAR SARAN Updated At : 13 Apr 2025 5:20 PM
Saran News : जिले के शहरी क्षेत्र में प्रशासनिक सख्ती और स्पष्ट प्रतिबंध के बावजूद अवैध लॉटरी का धंधा धड़ल्ले से जारी है. गरीबों को चंद मिनटों में लखपति और करोड़पति बनने का सपना दिखाकर उनके दिनभर की मेहनत की कमाई को लूटा जा रहा है.
गरीबों को करोड़पति बनाने का सपना दिखाकर लूटी जा रही मेहनत की कमाई, प्रशासन मौन प्रतिनिधि, छपरा. जिले के शहरी क्षेत्र में प्रशासनिक सख्ती और स्पष्ट प्रतिबंध के बावजूद अवैध लॉटरी का धंधा धड़ल्ले से जारी है. गरीबों को चंद मिनटों में लखपति और करोड़पति बनने का सपना दिखाकर उनके दिनभर की मेहनत की कमाई को लूटा जा रहा है. यह गोरखधंधा साहिबगंज सोनार पट्टी, गुदरी बाजार, श्यामचक सहित अन्य इलाकों में फैला हुआ है. नगर थाना और भगवान बाजार थाना क्षेत्र में इस गैरकानूनी गतिविधि की जानकारी होने के बावजूद अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गयी है. इस लॉटरी के माध्यम से गरीब, खासकर रिक्शा चालक, ठेला-फुटपाथ दुकानदार, मजदूर वर्ग के लोग अपने जीवन को संवारने की उम्मीद में इसमें फंसते जा रहे हैं. चिट-पुर्जा पर चल रहा है पूरा खेल इस अवैध कारोबार में पारंपरिक लॉटरी टिकट की जगह चिट-पुर्जा प्रणाली का उपयोग किया जा रहा है. इस पद्धति में गुप्त कोडिंग के जरिये सट्टा का संचालन किया जाता है ताकि प्रशासन की नजरों से बचा जा सके. सूत्रों की मानें तो इस कारोबार से जुड़े कई लोग खुद करोड़पति बन चुके हैं, जबकि इसमें पैसा लगाने वाले अधिकतर गरीब और कर्जदार हो गये हैं. शुरुआत में मामूली इनाम दिलाकर लोगों को फंसाया जाता है और फिर धीरे-धीरे वे अपनी पूरी जमा पूंजी इसमें गंवा देते हैं. यह सारा धंधा शहर के कई घरों से ही संचालित हो रहा है, जिससे पकड़ में आना और मुश्किल हो गया है. लालच में आकर लॉटरी खरीदते हैं लोग इस अवैध लॉटरी कारोबार से जहां सरकार को करोड़ों रुपये के राजस्व की क्षति हो रही है, वहीं समाज के सबसे कमजोर वर्ग की मेहनत की कमाई भी बर्बाद हो रही है. लालच में आकर लोग लॉटरी खरीदते हैं और बार-बार हारने के बावजूद इसे छोड़ नहीं पाते. वहीं स्थानीय लोगों का आरोप है कि पुलिस और प्रशासन को इस गोरखधंधे की पूरी जानकारी है, लेकिन किसी भी स्तर पर कार्रवाई नहीं हो रही है. लोगों का कहना है कि यह कारोबार कुछ स्थानीय प्रभावशाली लोगों के संरक्षण में चल रहा है, जिसके कारण अधिकारी कार्रवाई करने से हिचक रहे हैं. रोजाना हजारों रुपये का खेल चलता है और मजबूरी में फंसे मजदूर अपनी मजदूरी का बड़ा हिस्सा इस सट्टे में गंवा रहे हैं. कई परिवार कर्ज में डूबते जा रहे हैं, लेकिन उनकी सुध लेने वाला कोई नहीं है. स्थानीय सामाजिक कार्यकर्ताओं और नागरिकों ने मांग की है कि इस अवैध कारोबार पर तत्काल रोक लगायी जाए और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाये.
डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है
प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी
Prabhat Khabar App :
देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए










