तस्वीरें बयां कर रहीं हकीकत! छपरा सदर अस्पताल की व्यवस्था फेल, मरीज को ले जाने के लिए जूझते रहे परिजन

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मरीज को परिजनों द्वारा कीचड़ भरे रास्ते से ले जाते हुए देखा गया

Saran News : छपरा सदर अस्पताल की बदहाल व्यवस्था: मरीज को स्ट्रेचर उठाकर ले जाने को मजबूर हुए परिजन. परिजनों ने कंधों पर संभाली मरीज की जिम्मेदारी.

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सारण से हरि प्रकाश मिश्रा की रिपोर्ट
Saran News : छपरा सदर अस्पताल में अव्यवस्था के कारण मरीजों को भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है. शुक्रवार को रिविलगंज थाना क्षेत्र की रहने वाली एक मरीज माया देवी को सिटी स्कैन के लिए ले जाने के दौरान अस्पताल की लचर व्यवस्था उजागर हो गई. परिजनों को मजबूरन स्ट्रेचर के ऊपरी हिस्से को हाथ से उठाकर मरीज को ले जाना पड़ा, जिससे अस्पताल प्रशासन की व्यवस्था पर सवाल खड़े हो गए. सीटी स्कैन विभाग से इमरजेंसी विभाग तक जाने में मरीज के परिजन मरीज को स्ट्रेचर के साथ जमीन पर रखकर उन्हें उठाकर विभाग तक ले जाया गया.

कीचड़ में फंसा स्ट्रेचर, मरीजों को उठाकर ले जाने को मजबूर परिजन

गुरुवार को हुई बारिश के बाद मिट्टी पूरी तरह से सूख गई है जिस कारण स्ट्रेचर ले जाने में उसका पहिया फंस जा रहा है जिससे कि मरीज के गिरने की भी संभावना बनी हुई है. फिलहाल अस्पताल परिसर में कुछ जगहों पर जलजमाव की भी समस्या बनी हुई है. खासकर इमरजेंसी विभाग के सामने की सड़क पूरी तरह जर्जर हो चुकी है और बारिश के कारण वहां पानी भर गया है. ऐसे में मरीजों को एक विभाग से दूसरे विभाग तक ले जाना बेहद मुश्किल हो रहा है. स्ट्रेचर का पहिया पानी और कीचड़ में फंस जाने के कारण परिजनों को उसे उठाकर ले जाना पड़ता है, जो मरीजों की सुरक्षा के लिहाज से भी गंभीर चिंता का विषय है.

अस्पताल की बदहाली से मरीज बेहाल, कीचड़ और जलजमाव के बीच इलाज

वहीं मरीजों के परिजनों ने बताया कि अस्पताल को हाईटेक बनाने के दावे तो किए जाते हैं, लेकिन जमीनी हकीकत इससे बिल्कुल अलग है. मूलभूत सुविधाओं की कमी और खराब इंफ्रास्ट्रक्चर के कारण मरीजों को रोजाना परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है. वहीं इस संबंध में अस्पताल के उपाधीक्षक डॉ. के.एम. दुबे ने बताया कि इमरजेंसी के सामने की सड़क की स्थिति को लेकर वरीय अधिकारियों को सूचना दे दी गई है और जल्द ही इसे ठीक कराने का प्रयास किया जाएगा. हालांकि, सवाल यह है कि जब तक व्यवस्था दुरुस्त नहीं होती तब तक मरीजों को इसी तरह परेशान होना पड़ेगा.

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युवराज रतन

लेखक के बारे में

By युवराज रतन

पटना जन्मस्थली है मेरी, निष्पक्ष, तथ्यात्मक और जनहित आधारित पत्रकारिता में विश्वास करता हूं. वर्तमान में मेरा उद्देश्य बिहार के स्थानीय मुद्दों को प्रमुखता से उठाना और पाठकों तक सत्यापित जानकारी पहुंचाना है. किसी भी समाचार को प्रकाशित करने से पहले उपलब्ध तथ्यों और स्रोतों का सत्यापन करना मेरी प्राथमिकता है. पाठकों को विश्वसनीय, निष्पक्ष और जनहितकारी जानकारी उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध हूं.

प्राथमिक शिक्षा संत जेवियर्स हाई स्कूल, पटना से पूरी करने के बाद संत जेवियर्स कॉलेज ऑफ मैनेजमेंट एंड टेक्नॉलजी से बैचलर्स ऑफ मास कम्यूनिकेशन से स्नातक किया हूं. 2020 से पटना स्थित मीडिया संस्थान न्यूज 4 नेशन में एंकर सह प्रोड्यूसर के पद पर डेढ़ वर्षों तक काम किया. इसके उपरांत जून 2022 से इंडियन पॉलिटिकल एक्शन कमिटी (I-PAC) में सीनियर एग्जीक्यूटिव के पद पर रहते हुए डिजिटल कम्यूनिकेशन टीम में कार्य करने का मौका मिला. वर्तमान में प्रभात खबर में कंटेंट राइटर के पद पर हूं इसके माध्यम से नागरिकों के पास तथ्यात्मक और सही सूचनाएँ, खबर और अपडेट देने का कार्य कर रहा हूं.

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