सारण में श्रावणी मेले की तैयारियों का डीएम ने किया निरीक्षण, 29 जुलाई तक सभी व्यवस्थाएं पूरी करने का निर्देश

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ऐतिहासिक पहलेजा घाट का निरीक्षण करते डीएम

ऐतिहासिक पहलेजा घाट का निरीक्षण करते डीएम

Saran News : सारण के जिलाधिकारी वैभव श्रीवास्तव ने आगामी श्रावणी मेले के सुचारू आयोजन के लिए सोनपुर से बाबा हरिहरनाथ मंदिर तक कांवड़िया मार्ग और मेला क्षेत्र का निरीक्षण किया। उन्होंने 29 जुलाई तक सभी तैयारियां पूरी करने के निर्देश दिए, जिसमें घाटों की स्वच्छता, सुरक्षा व्यवस्था, और कांवड़ियों की सुविधाओं पर विशेष जोर दिया गया।

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Saran News : आगामी श्रावणी मेले के सफल, सुरक्षित और सुव्यवस्थित आयोजन को लेकर सारण के जिलाधिकारी वैभव श्रीवास्तव ने सोमवार को सोनपुर स्थित ऐतिहासिक पहलेजा घाट से लेकर बाबा हरिहरनाथ मंदिर तक संपूर्ण कांवड़िया मार्ग और मेला क्षेत्र का सघन निरीक्षण किया. इस दौरान उन्होंने विभिन्न विभागों द्वारा किए जा रहे कार्यों की समीक्षा की और शेष सभी तैयारियां 29 जुलाई तक हर हाल में पूरी करने का निर्देश दिया.

पूर्व में दिए गए निर्देशों के अनुपालन की हुई समीक्षा

उल्लेखनीय है कि जिलाधिकारी ने 30 जून को भी श्रावणी मेले की तैयारियों का विस्तृत निरीक्षण किया था. उस दौरान श्रद्धालुओं की सुरक्षा, सुविधा और सुचारु व्यवस्था को लेकर विभिन्न विभागों को आवश्यक निर्देश दिए गए थे. सोमवार को निरीक्षण के दौरान उन्हीं निर्देशों के अनुपालन की समीक्षा की गई और लंबित कार्यों को युद्धस्तर पर पूरा करने का निर्देश दिया गया.

घाटों पर स्वच्छता और मूलभूत सुविधाओं पर जोर

जिलाधिकारी ने निर्देश दिया कि पूरे सावन माह के दौरान पहलेजा घाट पर 24 घंटे साफ-सफाई, पर्याप्त प्रकाश व्यवस्था, शुद्ध पेयजल, चेंजिंग रूम और शौचालयों की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित की जाए. महिला श्रद्धालुओं की सुविधा और गरिमा को ध्यान में रखते हुए सुरक्षित स्थानों पर पर्याप्त संख्या में चेंजिंग रूम उपलब्ध कराने का भी निर्देश दिया. उन्होंने पीएचईडी को घाट परिसर में 100 उच्च गुणवत्ता वाले अस्थायी शौचालय तथा घाट की ओर जाने वाले मार्गों पर 50 अतिरिक्त शौचालय स्थापित करने और उनकी नियमित सफाई के लिए पर्याप्त सफाईकर्मियों की तैनाती सुनिश्चित करने को कहा.

सुरक्षा व्यवस्था को लेकर दिए महत्वपूर्ण निर्देश

जिलाधिकारी ने घाटों की सुरक्षित ढलान, आवश्यक स्थानों पर मजबूत बैरिकेडिंग तथा सुरक्षा मानकों के अनुरूप सभी व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने के निर्देश दिए. साथ ही नदी में बने पीपा पुल को सुरक्षा प्रोटोकॉल के अनुरूप समय पर हटाने को कहा. उन्होंने पूरे मेला क्षेत्र और संवेदनशील स्थलों पर पर्याप्त संख्या में सीसीटीवी कैमरे, वॉच टॉवर, पब्लिक एड्रेस (पीए) सिस्टम और प्रभावी निगरानी व्यवस्था स्थापित करने के निर्देश दिए. किसी भी आपात स्थिति और जलस्तर में बदलाव से निपटने के लिए पहलेजा घाट पर एसडीआरएफ की टीम को पूरी तरह मुस्तैद रखने को भी कहा.

कांवड़ियों की सुविधा के लिए अलग मार्ग विकसित होगा

श्रद्धालुओं की सुविधा और भीड़ प्रबंधन को ध्यान में रखते हुए आने और जाने वाले कांवड़ियों के लिए अलग-अलग मार्ग विकसित करने का निर्देश दिया गया. इसके साथ ही कांवड़िया पथ के सभी गड्ढों की तत्काल मरम्मत कर मार्ग को समतल बनाने और पूरे मार्ग पर निर्बाध प्रकाश व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा गया. डीएम ने पर्याप्त पार्किंग स्थलों का चिन्हांकन कर स्पष्ट संकेतक लगाने, आवश्यक स्थानों पर ड्रॉप गेट की व्यवस्था करने तथा मेला प्रबंधन के लिए पूर्ण रूप से सुसज्जित कंट्रोल रूम स्थापित करने का निर्देश दिया. पर्यटन विभाग को श्रद्धालुओं के विश्राम के लिए समय रहते विशाल हैंगर तैयार कराने को भी कहा गया.

मेडिकल कैंप और डाक बम श्रद्धालुओं के लिए विशेष व्यवस्था

मेला क्षेत्र में कुल आठ मेडिकल कैंप स्थापित किए जाएंगे, जिनमें से चार मेडिकल कैंप पहलेजा घाट पर 24 घंटे कार्यरत रहेंगे. इसके अलावा निरंतर यात्रा करने वाले डाक बम श्रद्धालुओं के लिए अलग से विशेष काउंटर स्थापित करने का निर्देश दिया गया, ताकि उन्हें जल अर्पण और आगे की यात्रा में किसी प्रकार की असुविधा न हो.

29 जुलाई तक पूरी हों सभी तैयारियां

जिलाधिकारी ने स्पष्ट निर्देश दिया कि प्रकाश व्यवस्था, बैरिकेडिंग, शौचालय, सैनिटेशन, साफ-सफाई, चेंजिंग रूम, हेल्प डेस्क, कंट्रोल रूम, वॉच टॉवर, सीसीटीवी कैमरे, पीए सिस्टम, एंबुलेंस तथा अन्य सभी आवश्यक सुविधाएं 29 जुलाई तक पूरी तरह तैयार हो जानी चाहिए. उन्होंने मेला परिसर और आसपास के झाड़-झंखाड़ को जेसीबी से तत्काल हटाने तथा पर्याप्त पुलिस बल और मैनपावर की तैनाती सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए.

वैशाली प्रशासन से समन्वय बनाने के निर्देश

डीएम ने कहा कि कांवड़ियों की यात्रा का एक हिस्सा सोनपुर से सटे वैशाली जिले के हाजीपुर क्षेत्र से होकर भी गुजरता है. ऐसे में वहां भी श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा न हो, इसके लिए संबंधित अधिकारियों को वैशाली के जिलाधिकारी से समन्वय स्थापित कर आवश्यक कार्रवाई करने का निर्देश दिया.

श्रद्धालुओं की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता : डीएम

निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी वैभव श्रीवास्तव ने कहा कि श्रावणी मेले में आने वाले प्रत्येक श्रद्धालु की सुरक्षा, सुविधा और सेवा जिला प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है. किसी भी स्तर पर लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी. सभी विभाग आपसी समन्वय के साथ निर्धारित समय-सीमा के भीतर सभी तैयारियां पूरी करें, ताकि श्रद्धालुओं को सुरक्षित, सुगम और व्यवस्थित वातावरण उपलब्ध कराया जा सके. निरीक्षण के दौरान अनुमंडल पदाधिकारी सोनपुर, अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी सोनपुर, डीसीएलआर सोनपुर, कार्यपालक दंडाधिकारी, अंचलाधिकारी, पहलेजा थाना के थानाध्यक्ष सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी, अभियंता और संबंधित कर्मी उपस्थित रहे.

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