छपरा. छपरा शहर के मौना और मोहन नगर को जोड़ने वाले मौन पंचायत भवन रोड इन दिनों गंभीर जलजमाव की समस्या से जूझ रहा है, जिससे स्थानीय निवासियों की रोजमर्रे की जिंदगी मुश्किल में पड़ गयी है. हाल ही में, शहर में डबल डेकर फ्लाईओवर का निर्माण शुरू होने के कारण इस मार्ग पर यातायात का दबाव बढ़ गया है. पहले से ही जलजमाव से ग्रस्त इस सड़क पर अब और भी ज्यादा समस्याएं उत्पन्न हो रही हैं, क्योंकि इस मार्ग को मुख्य वैकल्पिक मार्ग के रूप में उपयोग किया जा रहा है.
स्थायी जलजमाव की समस्या
स्थानीय निवासियों के अनुसार, यह समस्या एक दशक से बनी हुई है, लेकिन आज तक इसका समाधान नहीं निकाला गया. मौन पंचायत रोड के करीब 500 मीटर क्षेत्र में जलजमाव की समस्या स्थायी रूप से बनी हुई है. खासकर वार्ड 33, 34 और 35 के अंतर्गत आने वाली यह सड़क अब उस रूप में जलभराव के कारण अनुपयोगी हो चुकी है. सड़क का एक हिस्सा ऊंचा बना दिया गया है, जिसके कारण नालों का पानी यहां नहीं निकल पाता और जलजमाव की समस्या दिन-ब-दिन बढ़ती जा रही है. इस क्षेत्र में स्थित सिद्धार्थ नगर, महादेव नगर, मथुरा कॉलोनी, गांधी चौक, सरकारी बाजार और नेहरू चौक जैसे प्रमुख स्थानों से लोग अक्सर इस सड़क का उपयोग करते हैं और जब मुख्य मार्ग पर ट्रैफिक जाम होता है, तो यही मार्ग वैकल्पिक रास्ता बन जाता है. इससे वहां की आवागमन स्थिति और भी मुश्किल हो गयी है. बीते वर्षों से समस्या का समाधान न होने के कारण स्थानीय लोग परेशान हैं. स्थानीय निवासी रमेश चंद्र, अमित, बिहारी, और लाल जी प्रसाद का कहना है कि लगभग पांच साल पहले वार्ड 35 में सड़क का निर्माण किया गया था, जिसे काफी ऊंचा बना दिया गया था. वहीं, वार्ड 33 और 34 में सड़क अब पहले से नीचे हो गयी है, जिससे जलनिकासी में समस्या उत्पन्न हो गयी है. नालों की सफाई नियमित रूप से नहीं की जाती, जिसके कारण पानी न निकल कर सड़क पर ही जमा हो जाता है.बिना प्लानिंग निर्माण कार्य ने बढ़ायी परेशानी
यह सड़कों का निर्माण बिना किसी स्पष्ट योजना के किया गया है, जिससे न केवल जलजमाव बढ़ रहा है, बल्कि आने-जाने में असुविधा भी हो रही है. रघुकुल, समृद्धि नगर, ललिता नगर जैसे क्षेत्र, जो सड़कों के दोनों ओर स्थित हैं, उन स्थानों की नालियों में पानी के बहाव के लिए कोई व्यवस्था नहीं की गई है. सड़क के ऊंचे हिस्सों पर पानी का बहाव ठीक है, लेकिन जैसे ही पानी नीचे की सड़क पर आता है, वह वहीं जमकर रुक जाता है, और घरों में पानी भरने लगता है. यही नहीं, समस्या अब और भी विकट हो गयी है, क्योंकि सड़क की ऊंचाई और निचाई के कारण जलनिकासी की व्यवस्था बिल्कुल अव्यवस्थित हो गयी है.विद्यालय जाने वाले बच्चों को परेशानी
जलजमाव का प्रभाव सबसे ज्यादा बच्चों पर पड़ रहा है, जो इस सड़कों से स्कूल जाते हैं. उन्हें कीचड़ से होकर गुजरने की मजबूरी बन चुकी है. उन्हें गंदे पानी और कीचड़ से होकर अपनी मंजिल तक पहुंचने में कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है. विद्यालय जाने वाले बच्चों के लिए यह समस्या और भी गंभीर है क्योंकि बारिश के मौसम में यह स्थिति और खराब हो जाती है.डिप्टी मेयर ने किया आश्वासन
इस विषय पर छपरा नगर निगम की डिप्टी मेयर, रागिनी देवी ने बताया कि नालों की सफाई के लिए संबंधित सफाई कर्मचारियों को निर्देश दिये गये हैं. इसके अलावा, जलजमाव हटाने की प्रक्रिया और सड़क व नाला निर्माण की योजना प्रस्तावित की गयी है. उन्होंने कहा कि जैसे ही डबल डेकर निर्माण के कारण प्रभावित क्षेत्रों में समस्या उत्पन्न हो रही है, सफाई व्यवस्था को नियमित रूप से मॉनिटर किया जा रहा है और जल्द ही सड़कों और नालों के निर्माण पर काम शुरू होगा.आगे की योजना
निगम प्रशासन द्वारा ये भी निर्देश जारी किये गये हैं कि डबल डेकर फ्लाइओवर के निर्माण के कारण प्रभावित इलाकों में जलजमाव और सफाई की समस्या को शीघ्र सुलझाया जायेगा. इसके अलावा, शहर में अन्य क्षेत्रों में भी सड़क निर्माण और जलनिकासी की व्यवस्था सुधारने के लिए नगर निगम ने योजना बनायी है. उम्मीद जतायी जा रही है कि इससे आने वाले समय में शहर में जलजमाव की समस्या कम होगी और नागरिकों को राहत मिलेगी. यदि प्रशासन सही समय पर उचित कदम उठाता है, तो इस जलजमाव की समस्या से निजात मिल सकती है और इस क्षेत्र के लोगों की जिंदगी को पहले की तरह आसान बनाया जा सकता है.डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

