Saran News : जिले में सरकारी जमीन पर दबंगों का कब्जा, नगर निगम और स्कूलों की जमीन तक नहीं बची

Updated at : 03 May 2025 10:33 PM (IST)
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Saran News : जिले में सरकारी जमीन पर दबंगों का कब्जा, नगर निगम और स्कूलों की जमीन तक नहीं बची

Saran News : जिले में सरकारी जमीन पर दबंगों और भू-माफियाओं का कब्जा लगातार बढ़ता जा रहा है.

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छपरा. जिले में सरकारी जमीन पर दबंगों और भू-माफियाओं का कब्जा लगातार बढ़ता जा रहा है. हालात इतने बिगड़ चुके हैं कि नगर निगम की संपत्ति हो या स्कूलों की जमीन हर जगह अवैध कब्जे ने प्रशासन की नाक में दम कर रखा है. खासकर नगर निगम क्षेत्र की जमीनों पर दबंगों का कब्जा वर्षों से बना हुआ है, लेकिन प्रशासनिक कार्रवाई नाममात्र की भी नहीं हो रही.गौरतलब हो कि नगर निगम क्षेत्र में पहले जो जमीनें निगम की योजनाओं के लिए सुरक्षित थीं, अब वे जमीनें या तो मकान बनाकर कब्जा ली गयी हैं या चारदीवारी खींचकर निजी संपत्ति बना दी गयी हैं. पिछले 50 वर्षों में नगर निगम की 12 बीघे से अधिक जमीन पर अवैध कब्जा हो चुका है. सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि इस कब्जे की प्रक्रिया में राजस्व कर्मियों और कुछ अधिकारियों की भूमिका भी संदिग्ध बतायी जा रही है. हर बार कोर्ट में नगर निगम की हार और कब्जाधारियों की जीत इसी संदेह को गहरा करती है.

नगर निगम की जमीन की हो रही खरीद-बिक्री

गुदरी बाजार की वह जमीन जो लीज पर दी गयी थी, अब खुलेआम बेची और खरीदी जा रही है. इस पर बनी पांच दुकानों को लेकर 2013 में भी विवाद हुआ था, लेकिन कार्रवाई के बजाय मामला ठंडे बस्ते में चला गया. अब एक बार फिर नौ साल बाद यह मामला तब सुर्खियों में आया जब नगर आयुक्त ने दुकानें खाली कराने और सील करने का आदेश दिया. यह मामला फिलहाल कोर्ट में लंबित है.

इन स्थानों पर है दबंगा का कब्जा

शहर के कई प्रमुख और भीड़भाड़ वाले इलाकों में निगम और स्कूल की जमीन पर अतिक्रमण हो चुका है, जिनमें प्रमुख स्थान हैं. सलेमपुर शिल्पी पोखरा, राजेंद्र कॉलेज मोड़, गुदरी बाजार मस्जिद के पास, श्याम चौक पानी टंकी के पास, सलापतगंज दलित बस्ती, नयी बाजार मोहल्ले, शहर के चार स्लॉटर हाउस, शिव महल, सरकारी बाजार, मौन नीम से नेहरू चौक तक, बैलखाना सराय, बेसिक स्कूल के आसपास, गुदरी बाजार मछली हट्टा, तेलपा और रोजा इलाके में कब्जा है.

गांधी हाइस्कूल की जमीन भी नहीं बची

सारण जिले के प्रमुख हाइस्कूल और मिडिल स्कूलों की जमीनें भी अवैध कब्जे की शिकार हैं. गांधी हाइस्कूल की वह जमीन, जिस पर स्कूल प्रशासन भवन निर्माण करना चाहता था, वर्षों से दबंगों के कब्जे में है. 2013 में तत्कालीन जिलाधिकारी ने हाइकोर्ट में यह स्वीकार किया था कि जमीन स्कूल की है, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई. इसी तरह जिला स्कूल समेत कई अन्य स्कूलों के प्रधानाध्यापकों ने भी अतिक्रमण हटवाने के लिए जिलाधिकारी और जिला शिक्षा पदाधिकारी से बार-बार गुहार लगायी, लेकिन कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं की गयी. दबंगों से टकराव के डर से अब शिक्षक भी चुप्पी साधने को मजबूर हैं.

मेरे पास ऐसा कोई मामला नहीं आया है

ऐसी कोई भी शिकायत आती है तो निश्चित तौर पर कार्रवाई होगी. मेरे पास ऐसा कोई मामला आया नहीं है. सरकारी जमीन पर कोई भी व्यक्ति कब्जा नहीं कर सकता. यदि ऐसा किया है तो कार्रवाई के दायरे में है.

मुकेश कुमारएडीएम, सारण

नगर आयुक्त को सुचित किया गया है

नगर निगम की जहां-जहां जमीन अवैध कब्जे में है सब पर नजर है. नगर आयुक्त को पत्र लिखकर सुचित किया गया है कि निगम के सभी जमीन को कब्जा मुक्त कराए, ताकि विभिन्न योजनाओं के तहत निगम का अपना भवन तैयार हो सके.लक्ष्मी नारायण गुप्तामहापौर, छपरा नगर निगम

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

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