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Sand Mafia: सफेद बालू के पीछे काला खेल, खनन विभाग नहीं कस पा रहा माफियाओं पर नकेल

Updated at : 09 Nov 2024 7:39 PM (IST)
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Sand Mafia: सफेद बालू के पीछे काला खेल, खनन विभाग नहीं कस पा रहा माफियाओं पर नकेल

Sand Mafia: खनन माफिया रात में बेखौफ होकर सफेद बालू का अवैध खनन कर रहे हैं. जहां खनन का काम हो रहा है वहां से महज 2-3 किलोमीटर ही दूर थाना है, इस वजह से पुलिस का रवैया सवालों के घेरे में हैं.

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Sand Mafia: छपरा जिले में नगर निगम क्षेत्र से सटे रिविलगंज थाना क्षेत्र के दिलिया रहीमपुर जान टोला में खनन माफिया फल-फूल रहे है. लगातार छोटी सरयू नदी से सफेद बालू के अवैध खनन का सिलसिला चल रहा है. लेकिन प्रशासनिक अमला इस पर नकेल कसने में कामयाब नहीं हो पाया है. नदी से आये दिन अवैध रूप से बालू खनन का काला कारोबार जारी है. हैरानी की बात यह है कि भगवान बाजार थाना क्षेत्र और रिविलगंज थाना पुलिस की नाक के नीचे ही गैर-कानूनी काम बेरोक-टोक चल रहा है.

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पुलिस का रवैया सवालों के घेरे में है

रात के सन्नाटे और अंधेरे में खनन माफिया के आदमी बेखौफ तरीके से सफेद बालू का अवैध खनन कर रहे हैं. नदी के पास कई ट्रैक्टर-ट्रॉली खाली आते हैं. इसके बाद बालू लोड करके चले जाते हैं. इस मनमानी पर लगाम लगती नहीं दिख रही है. पुलिस का रवैया इस मामले में सवालों के घेरे में है. बालू ढुलाई के बाद भगवान बाजार थाना क्षेत्र के अन्नपूर्णा मंदिर दौलतगंज, टक्कर मोड,गुदरी बाजार के सामने से ही ट्रैक्टर-ट्रॉली और ट्रक गुजरते हैं. लेकिन कोई रोकने वाला नहीं. विभिन्न चौक चौराहों पर तैनात पुलिस उनसे पूछताछ तक नहीं करती.खनन माफिया इस प्राकृतिक संपदा का दोहन कर मालामाल हो रहे है. वहीं प्रशासन उस पर अंकुश लगाने में नाकाम है.

बच्चे और बड़े पर दिख रहा प्रभाव

सफेद बालू के अंधाधुंध ढुलाई के कारण स्कूली बच्चों से लेकर बड़े लोग ब्रोंकाइटिस समेत अन्य बीमारियों के शिकार हो रहे हैं. शहर के दहियांवा महमूद चौक, डाकबंगला, तेलपा, मिशन रोड आदि इलाकों से प्रतिदिन सुबह से ही नदी घाटों से बालू लदे वाहनों का परिचालन शुरू हो जाता है. यह शहर का एक व्यस्ततम इलाका है. इसी रास्ते से होकर हजारो बच्चे अपने-अपने स्कूल जाते हैं. इस इलाके की सड़क पर बालू की मोटी परत देखी जा सकती है. जिस कारण जब भी इधर से कोई वाहन गुजरता है तो सड़क के चारो ओर धूल उड़ने लगती है. यह धूल सीधे-सीधे हवा में मिककर बच्चों के शरीर में प्रवेश कर जाती है और बच्चों में कई गंभीर बीमारियों की आशंका बनी रहती है.

खनन स्थल से थानों की दूरी 2-3 किलोमीटर

बड़ी बात तो यह है कि जहां अवैध बालू खनन होता है, वहां से भगवान बाजार थाने और नगर थाने की दूरी महज 2-3 किमी है. लेकिन, पुलिस की नजर भी बालू के अवैध कारोबार पर नहीं जा रही है. यही नहीं, अवैध बालू खनन व मिट्टी कटाई से पर्यावरण और स्वास्थ्य को भी खतरा है.

क्या बोले खनन पदाधिकारी

सारण जिला खनन पदाधिकारी लाल बिहारी सिंह ने कहा कि आये दिन छापेमारी तो होती है. एक बार फिर अभियान चलाया जायेगा. नियम विरुद्ध खनन करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई होगी.

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Paritosh Shahi

लेखक के बारे में

By Paritosh Shahi

परितोष शाही डिजिटल माध्यम में पिछले 3 सालों से पत्रकारिता में एक्टिव हैं. करियर की शुरुआत राजस्थान पत्रिका से की. अभी प्रभात खबर डिजिटल बिहार टीम में काम कर रहे हैं. देश और राज्य की राजनीति, सिनेमा और खेल (क्रिकेट) में रुचि रखते हैं.

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