नकली डीएम बनकर गांव में जमाई हनक, 20 मिनट में खुल गई पोल

Published by : Paritosh Shahi Updated At : 02 Feb 2026 6:10 PM

विज्ञापन

फर्जी आईएएस को डीएम ने थाने के हवाले किया

Fake IAS Officer: डीएम वैभव श्रीवास्तव के ऑफिस में खुद को यूपी कैडर का IAS बताने वाला एक फर्जी अधिकारी गिरफ्तार किया गया है. मुफस्सिल थाना क्षेत्र के रितेश कुमार ने मेरठ में पोस्टिंग बताकर DM को गुमराह करने की कोशिश की, लेकिन मात्र 20 मिनट की पूछताछ में उसकी पोल खुल गई और वह सलाखों के पीछे पहुंच गया.

विज्ञापन

Fake IAS Officer: सोमवार को एक व्यक्ति जिलाधिकारी (DM) वैभव श्रीवास्तव के कार्यालय में पूरे सूटबूट में अपने आप को भारतीय प्रशासनिक सेवा का अधिकारी बताते हुए मिलने पहुंच गया. जब जिलाधिकारी ने उसके बारे में धीरे-धीरे जानकारी लेनी शुरू की और जानकारी के दौरान फर्जी अधिकारी होने का मामला सामने आया तो उन्होंने तुरंत अपने सुरक्षा कर्मियों को बुलाकर फर्जी अधिकारी को नगर थाने के हवाले करने को कहा.

इस बीच सूचना पाकर एसडीपीओ रामपुकार सिंह पहुंचे. उन्होंने फर्जी अधिकारी को अपने कब्जे में लेते हुए, नगर थाना को तुरंत कार्रवाई करने को कहा. गिरफ्तार फर्जी अधिकारी सदर प्रखंड के मुफस्सिल थाना क्षेत्र बसाढी गांव निवासी कृष्णा पंडित का पुत्र रितेश कुमार बताया जाता है. वह अपने भाई मुन्ना पंडित के साथ जिलाधिकारी से मिलने पहुंचा था.

मेरठ में बताया था अपनी पोस्टिंग

जिलाधिकारी को गिरफ्तार फर्जी अधिकारी ने अपनी पोस्टिंग उत्तर प्रदेश के मेरठ जिले में बताई थी. चुकी जिलाधिकारी खुद उत्तर प्रदेश के निवासी हैं इसलिए उन्होंने छानबीन शुरू कर दी और कड़ी 20 मिनट के अंदर फर्जीवाड़ा का मामला समझते हुए पुलिस के हवाले कर दिया.

पहले एसएसपी से मिला फिर डीएम से मिलने पहुंचा था

थाने में पूछताछ के दौरान यह बात सामने आई की जिलाधिकारी से मिलने के पहले वह एस एस पी से मिल चुका था. उसके बाद डीएम से मिलने पहुंचा था. यह भी बताया जा रहा है कि पूर्व जिलाधिकारी और एसपी से भी कई बार मिल चुका था यह फर्जी अधिकारी.

गांव में भी अधिकारी होने का है चर्चा

रितेश ने पूरे अपने गांव में अपने आप को भारतीय प्रशासनिक सेवा का अधिकारी बताकर हनक बना ली है. गांव के कुछ लोगों से बात की गई तो उनके द्वारा बताया गया कि यहां पर यह व्यक्ति अपने आप को अधिकारी बताता है. कई अधिकारी से मिलने भी आते हैं. कई बार स्थानीय थाने के अधिकारियों के साथ इसकी उठक बैठक देखी गई है. अब पर्दाफाश हो गया.

भाई ने कहा विक्षिप्त है यह

साथ में पकड़े गए रितेश के बड़े भाई मुन्ना पंडित नगर थाने के पुलिस को बताया कि यह मेरा छोटा भाई है और विक्षिप्त है. मेरे पास ₹100 थे और उसने उसे गुलदस्ता खरीद लिया और मिलने के लिए चला गया. पुलिस पूरे मामले में आवेदन का इंतजार कर रही है कि जिलाधिकारी के तरफ से आवेदन आए ताकि प्राथमिकी की कार्रवाई की जा सके.

बिहार की ताजा खबरों के लिए क्लिक करें

क्या बोले थाना अध्यक्ष

पुलिस अधिकारी संजीव कुमार ने कहा कि लिखित रूप में आवेदन का इंतजार किया जा रहा है. डीएम के तरफ से जैसे ही आवेदन आएगा प्राथमिकी की कार्रवाई शुरू कर दी जाएगी.

इसे भी पढ़ें: हड़ताल पर गए कर्मियों पर लागू होगा नो वर्क नो पे, जमीन से जुड़े काम चलते रहेंगे, सरकार ने जारी किए आदेश

विज्ञापन
Paritosh Shahi

लेखक के बारे में

By Paritosh Shahi

परितोष शाही पिछले 4 वर्षों से डिजिटल मीडिया और पत्रकारिता में सक्रिय हैं. उन्होंने अपने करियर की शुरुआत राजस्थान पत्रिका से की और वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल की बिहार टीम का हिस्सा हैं. राजनीति, सिनेमा और खेल, विशेषकर क्रिकेट में उनकी गहरी रुचि है. जटिल खबरों को सरल भाषा में पाठकों तक पहुंचाना और बदलते न्यूज माहौल में तेजी से काम करना उनकी विशेषता है. परितोष शाही ने पत्रकारिता की पढ़ाई बनारस हिंदू यूनिवर्सिटी (BHU) से की. पढ़ाई के दौरान ही पत्रकारिता की बारीकियों को समझना शुरू कर दिया था. खबरों को देखने, समझने और लोगों तक सही तरीके से पहुंचाने की सोच ने शुरुआत से ही इस क्षेत्र की ओर आकर्षित किया. पत्रकारिता में करियर की पहली बड़ी शुरुआत बिहार विधानसभा चुनाव 2020 के दौरान हुई, जब उन्होंने जन की बात के साथ इंटर्नशिप की. इस दौरान बिहार के 26 जिलों में जाकर सर्वे किया. यह अनुभव काफी खास रहा, क्योंकि यहां जमीनी स्तर पर राजनीति, जनता के मुद्दों और चुनावी माहौल को बहुत करीब से समझा. इसी अनुभव ने राजनीतिक समझ को और मजबूत बनाया. इसके बाद राजस्थान पत्रिका में 3 महीने की इंटर्नशिप की. यहां खबर लिखने की असली दुनिया को करीब से जाना. महज एक महीने के अंदर ही रियल टाइम न्यूज लिखने लगे. इस दौरान सीखा कि तेजी के साथ-साथ खबर की सटीकता कितनी जरूरी होती है. राजस्थान पत्रिका ने उनके अंदर एक मजबूत डिजिटल पत्रकार की नींव रखी. पत्रकारिता के सफर में आगे बढ़ते हुए पटना के जनता जंक्शन न्यूज पोर्टल में वीडियो प्रोड्यूसर के रूप में भी काम किया. यहां कैमरे के सामने बोलना, प्रेजेंटेशन देना और वीडियो कंटेंट की बारीकियां सीखीं. करीब 6 महीने के इस अनुभव ने कैमरा फ्रेंडली बनाया और ऑन-स्क्रीन प्रेजेंस को मजबूत किया. 1 अप्रैल 2023 को राजस्थान पत्रिका को प्रोफेशनल तौर पर ज्वाइन किया. यहां 17 महीने में कई बड़े चुनावी कवरेज में अहम भूमिका निभाई. लोकसभा चुनाव 2024 में नेशनल टीम के साथ जिम्मेदारी संभालने का मौका मिला. इसके अलावा मध्य प्रदेश, राजस्थान और छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनाव के दौरान भी स्टेट टीम के साथ मिलकर काम किया. इस दौरान चुनावी रणनीति, राजनीतिक घटनाक्रम और बड़े मुद्दों पर काम करने का व्यापक अनुभव मिला. फिलहाल परितोष शाही प्रभात खबर डिजिटल बिहार टीम के साथ जुड़े हुए हैं. यहां बिहार विधानसभा चुनाव के दौरान कई बड़ी खबरों को रियल टाइम में ब्रेक किया, ग्राउंड से जुड़े मुद्दों पर खबरें लिखीं और वीडियो भी बनाए. बिहार चुनाव के दौरान कई जिलों में गांव- गांव घूम कर लोगों की समस्या को जाना-समझा और उनके मुद्दे को जन प्रतिनिधियों तक पहुंचाया. उनकी कोशिश हमेशा यही रहती है कि पाठकों और दर्शकों तक सबसे पहले, सही और असरदार खबर पहुंचे. पत्रकारिता में लक्ष्य लगातार सीखते रहना, खुद को बेहतर बनाना और भरोसेमंद पत्रकार के रूप में अपनी पहचान मजबूत करना है.

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन