आयुष व डेंटल चिकित्सकों के सहारे चल रहा रिविलगंज सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र

Updated at : 08 Apr 2024 8:54 PM (IST)
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आयुष व डेंटल चिकित्सकों के सहारे चल रहा रिविलगंज सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र

सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र रिविलगंज आयुष व डेंटल चिकित्सकों के सहारे चल रहा है. यहां चिकित्सकों की भारी कमी है. यहां एक ही एमबीबीएस चिकित्सक हैं, जो अस्पताल के प्रभारी हैं. वह अस्पताल संचालन से जुड़े कार्यों में व्यस्त रहते हैं. व्यस्तता के कारण वह अस्पताल के ओपीडी में मरीजों को सेवा नहीं दे पाते हैं. जबकि, आठ आयुष व डेंटल चिकित्सक हैं, जिसमें छह चिकित्सक ट्रेनिंग में आये हुए हैं.

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रिविलगंज (सारण). सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र रिविलगंज आयुष व डेंटल चिकित्सकों के सहारे चल रहा है. यहां चिकित्सकों की भारी कमी है. यहां एक ही एमबीबीएस चिकित्सक हैं, जो अस्पताल के प्रभारी हैं. वह अस्पताल संचालन से जुड़े कार्यों में व्यस्त रहते हैं. व्यस्तता के कारण वह अस्पताल के ओपीडी में मरीजों को सेवा नहीं दे पाते हैं. जबकि, आठ आयुष व डेंटल चिकित्सक हैं, जिसमें छह चिकित्सक ट्रेनिंग में आये हुए हैं. वहीं, दो चिकित्सक डेंटल डॉ विवेक कुमार व आयुष डॉ अहमद अली सीएचसी में रेगुलर पदस्थापित हैं. इसके अलावा सीएचसी में पुष्पेंद्र कुमार, इश्तियाक अहमद, वीरेंद्र कुमार सहित तीन जीएनएम हैं, जो ओपीडी, इमरजेंसी सहित भव्या एप पर मरीजों का लेखा-जोखा रखने एवं डाटा से संबंधित कार्य भी करते हैं. अस्पताल में स्वास्थ्यकर्मियों की भी भारी कमी है, जिसके कारण अस्पताल में लगातार मरीजों की संख्या में कमी आ रही है. लोग छपरा सदर अस्पताल जाने के लिए मजबूर हो रहे हैं. वर्तमान समय में मरीजों की औसत संख्या 90 से 100 हो गयी है. जबकि, पहले मरीजों की संख्या 150 के आसपास रहती थी. मरीजों के लिए अस्पताल में रखे गये लाखों रुपये के उपकरण इलाज संबंधी कार्य में उपयोग नहीं करने के कारण खराब होने के कगार पर हैं. अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड में शौचालय की व्यवस्था नहीं है. अगर इमरजेंसी मरीजों को शौचालय जाना होता है, तो बिल्डिंग के बाहर निकलकर अस्पताल परिसर में बने शौचालय का उपयोग करना पड़ता है. इससे मरीजों को काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है. साथ ही ओपीडी के चिकित्सक कार्यालय में स्थित शौचालय का ताला हमेशा बंद रहता है. साथ ही अस्पताल में लगाये गये आरओ से दूषित पानी निकलता है, जिसके कारण मरीजों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है. अस्पताल परिसर में टीबी के मरीजों के लिए जांच रूम है, जो पूरी तरह जर्जर स्थिति में है. साथ ही एक्स-रे रूम भी जर्जर स्थिति में है. अस्पताल के ओपीडी में 125 दवाएं एवं इमरजेंसी में 70 दवाएं उपलब्ध हैं. फार्मासिस्ट सगीर आलम ने बताया कि अस्पताल में सभी दवाएं उपलब्ध हैं. इधर, प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ राकेश कुमार ने कहा कि लैब रूम व एक्सरे रूम को बनाने को लेकर भवन निर्माण विभाग को अवगत करा दिया गया है. साथ ही जो एक्स-रे रूम बंद पड़ा हुआ है, उससे भी विभाग को अवगत करा दिया गया है. ओपीडी चिकित्सक रूम में शौचालय का ताला इसलिए बंद पड़ा है, क्योंकि स्थानीय लोग उसे यूज करके गंदा कर देते हैं. अस्पताल में चिकित्सकों की कमी है. इसके बावजूद यहां इलाज कराने आये मरीजों की उचित देखभाल होती है.

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