विवि में होगा भोजपुरी शोध संस्थान

Published at :01 May 2017 12:43 AM (IST)
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विवि में होगा भोजपुरी शोध संस्थान

कवायद. कॉलेज में छात्रों को भोजपुरी के प्रति किया जायेगा जागरूक छपरा(नगर) : जयप्रकाश विश्वविद्यालय रजत जयंती वर्ष के उपलक्ष्य में नए बदलाओं के साथ विवि को नई ऊंचाइयों पर ले जाने के लिये प्रो.हरिकेश सिंह ने जिन 21 सहयोगी संस्थानों को स्थापित करने का प्रस्ताव रखा है उनमें भोजपुरी शोध संस्थान स्थापित करना विवि […]

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कवायद. कॉलेज में छात्रों को भोजपुरी के प्रति किया जायेगा जागरूक

छपरा(नगर) : जयप्रकाश विश्वविद्यालय रजत जयंती वर्ष के उपलक्ष्य में नए बदलाओं के साथ विवि को नई ऊंचाइयों पर ले जाने के लिये प्रो.हरिकेश सिंह ने जिन 21 सहयोगी संस्थानों को स्थापित करने का प्रस्ताव रखा है उनमें भोजपुरी शोध संस्थान स्थापित करना विवि की पहली प्राथमिकता है. इस दिशा में पहल शुरू कर दी गयी है.
जल्द ही कैम्पस में एक अंतर्राष्ट्रीय स्तर का ‘भिखारी ठाकुर भोजपुरी संस्थान’ बनाया जाएगा जिसके माध्यम से जेपीयू के छात्रों को भोजपुरी विषय में शोध करने में आसानी होगी साथ ही भोजपुरी साहित्य के अध्ययन और लेखन के प्रति भी छात्रों में जागरूकता बढ़ेंगी. विदित हो कि जेपीयू में भोजपुरी विभाग के अभाव में छात्र-छात्राओं को उच्च स्तरीय अध्ययन और भोजपुरी विषय से शोध करने में काफी कठिनाई होती है.
छात्रों की राह होगी आसानी:
भोजपुरी अध्ययन के प्रति छात्रों में कम होती जागरूकता के पीछे सबसे बड़ा कारण है जयप्रकाश विश्वविद्यालय में इस भाषा की पढ़ाई का न होना वहीं भोजपुरी विभाग के नही होने से शोध के छात्रों को भी उच्च शिक्षा के लिए दूसरे विश्वविद्यालय का रुख करना पड़ता है. भोजपुरी के एक स्तरीय अध्ययन केंद्र और शोध संस्थान के खुल जाने से छात्रों में भोजपुरी के प्रति जागरूकता भी बढ़ेगी और इस भाषा के विभिन्न आयामों को समझने और उसके गहन अध्ययन में भी काफी आसानी होगी.
अंतर्राष्ट्रीय स्तर का होगा संस्थान:जेपीयू के कुलपति प्रो. हरिकेश सिंह ने भोजपुरी शोध संस्थान को प्राथमिकता देते हुए इसी वर्ष इसे स्थापित किये जाने को लेकर पहल शुरू करते हुए विवि पदाधिकारियों के साथ बैठक कर रोडमैप तैयार कर लिया है. भिखारी ठाकुर को समर्पित यह शोध संस्थान अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर डेवलप किया जाएगा.
छात्र-छात्राओं के लिए भोजपुरी से जुड़ी रचनात्मक पुस्तकें, गेस्ट फैकेल्टीस, रिसर्च सेंटर आदि की समुचित व्यवस्था कराई जाएगी साथ ही छात्रों में भोजपुरी अध्ययन के प्रति जागरूकता लाने और इस भाषा में शोध के प्रति रुचि बढ़ाने हेतु महाविद्यालय स्तर पर प्रयास किया जायेगा.
क्या कहते हैं कुलपति
जेपीयू में भोजपुरी के अध्ययन और शोध के लिए अंतरराष्ट्रीय स्तर का भोजपुरी शोध संस्थान बनाने हेतु पहल शुरू कर दी गयी है. छात्र-छात्राओं में भोजपुरी विषय के प्रति जागरूकता लाने के लिए विश्वविद्यालय प्रतिबद्ध है.
हरिकेश सिंह,कुलपति, जेपियू
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