तीन दमकलों के सहारे शहर की सुरक्षा
Published by :Prabhat Khabar Digital Desk
Published at :17 Apr 2017 6:58 AM (IST)
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अव्यवस्था. जिले में स्थित फायर स्टेशन में चालकों का घोर अभाव छपरा : गरमी, धूप और तेज हवाओं के बीच जिले में इन दिनों आग लगने की घटनाएं बढ़ गयी हैं. खेत खलिहानों तथा फूस वाले बस्तियों में आग का खतरा बना हुआ है. ऐसे में छपरा अग्निशामक केंद्र सीमित सुविधाओं के साथ ही आग […]
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अव्यवस्था. जिले में स्थित फायर स्टेशन में चालकों का घोर अभाव
छपरा : गरमी, धूप और तेज हवाओं के बीच जिले में इन दिनों आग लगने की घटनाएं बढ़ गयी हैं. खेत खलिहानों तथा फूस वाले बस्तियों में आग का खतरा बना हुआ है. ऐसे में छपरा अग्निशामक केंद्र सीमित सुविधाओं के साथ ही आग की घटनाओं पर काबू पाने के लिए तत्पर दिख रहा है. हालांकि छपरा मुख्यालय समेत प्रखंड स्तर पर भी फायर ब्रिगेड की वाहनों को चलाने के लिए तकनीकी रूप से सक्षम चालकों का घोर अभाव है. जिस कारण आपात स्थिति में जिला अग्निशमन पदाधिकारी ही वाहन की स्टेयरिंग संभाल रहे हैं. वहीं शहर की सरक्षा के लिए महज तीन दमकल हैं.
जिला अग्निशमन पदाधिकारी संतोष कुमार पांडेय ने बताया कि गरमी के दिन में आग लगने की घटनाएं बढ़ने लगी हैं. जिसे लेकर लगातार विभिन्न क्षेत्रों से लोगों के फोन कॉल्स आ रहे हैं. हालांकि छपरा फायर स्टेशन में दमकल की तीन गाड़ियां हैं, पर इसे चलाने वाले तकनीकी रूप से सक्षम चालकों का अभाव है. ऐसी परिस्थिति में इस वाहनों को सीनियर ऑफिसर चला रहे हैं. वहीं आग बुझाने वाली बड़ी गाड़ी फायर ट्रेडर को चलाने के लिए कोई ट्रेंड चालक नहीं है. जिस कारण अग्निशमन पदाधिकारी स्वयं ही इसकी स्टेयरिंग संभालते हैं.
उन्होंने जिला पदाधिकारी को चालक उपलब्ध कराने के लिए कई बार आवेदन दिया है, पर आम लोगों की सुरक्षा को लेकर जिला प्रशासन द्वारा कोई सजगता नहीं दिखाई जा रही है. वहीं इतने बड़े शहर में दमकल की मात्र तीन वाहने हैं तथा सोनपुर तथा मढ़ौरा अनुमंडल में बने फायर स्टेशनों में भी चालकों का अभाव है.
आग से बचाव को लेकर की गयी है तैयारी : फायर स्टेशन द्वारा आग से बचाव और उसके रोकथाम को लेकर स्थानीय स्तर पर काफी तैयारियां की गयी हैं. सदर अनुमंडल समेत विभिन्न प्रखंडों में तैनात फायर ब्रिगेड की वाहनों को अलर्ट पर रखा गया है. सुबह 9 बजे से ही ग्रामीण इलाकों में संभावित क्षेत्रों के आसपास वाहनों को प्री पोजिशन में खड़ा किया जा रहा है. वहीं पूर्व में जिन जगहों पर आग लगने की घटनाएं हुई हैं उस क्ष्रेत्र में फायरकर्मियों के माध्यम से मॉक ड्रील चलाकर लोगों को जागरूक किया जा रहा है.
फायर ऑफिसर ने बताया कि सभी प्रखंडों में जनप्रतिनिधियों का मोबाईल नंबर फायरकर्मियों को उपलब्ध करा दिया गया है ताकि प्रभावित क्षेत्र में जाने से पहले ही फायरकर्मी वहां के जनप्रतिनिधियों को आग की घटना से अवगत करा दे और पानी की पर्याप्त व्यवस्था सुनिश्चित की जा सके.
गरमी के दिन में हो रही घटनाओं की रोकथाम को लेकर जारी हुई गाइडलाइन
कहां कितने संसाधन
छपरा सदर
फायर स्टेशन1
दमकल3
मिनी जीप1
अग्निक
सिपाही10
चालक01
सोनपुर
मिनी फायर स्टेशन01
दमकल02
मिक्स टेक्नोलॉजी वाहन01
फायरकर्मी10
मढ़ौरा
मिनी फायर स्टेशन01
दमकल02
मिक्स टेक्नोलॉजी वाहन01
फायरकर्मी10
बोले फायर ऑफिसर
गरमी के दिनों में आग की घटनाएं बढ़ जाती हैं. हालांकि पिछले वर्ष की तुलना में इस बार अधिकतर घटनाओं पर समय रहते काबू पा लिया गया है. फायर स्टेशन पर चालकों का अभाव है. कई बार जिलाधिकारी को इस संबंध में अवगत कराया गया पर उनके तरफ से कोई संज्ञान नहीं लिया जा रहा है. हमारे पास जो भी संसाधन उपलब्ध है उसी के सहारे हम तत्पर होकर कार्य कर रहे हैं. हमारे फायर कर्मी 24 घंटे अलर्ट पर हैं.
संतोष कुमार, जिला अग्निशमन पदाधिकारी, सारण
बार-बार हो रही हड़ताल से हो रही परेशानी
गृहरक्षकों का हड़ताल आये दिन जारी रहता है. ऐसे में जिन प्रखंडों में थाना को फायर ब्रिगेड उपलब्ध कराया गया है, उसके संचालन में काफी कठिनाई होती है. बार-बार हो रहे हड़ताल से कार्य को लेकर एक अनिश्चितता बनी रहती है. यही कारण है कि सरकार गृहरक्षकों के भरोसे अग्निशमन का कार्य नहीं करा रही.
लिहाजा जिले के जिन थानों में फायर ब्रिगेड उपलब्ध कराया गया है, उसके उपयोग पर प्रश्न चिह्न खड़ा हो गया है. थाना प्रभारियों को भी ट्रेंड कर्मियों के अभाव में अग्निशामक के संचालन में कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है. हालांकि इन सब समस्याओं के बाद भी फायरकर्मी क्षेत्र में आग की घटनाओं पर काबू पाने के लिए तत्पर हैं.
क्या-क्या बढ़ी हैं सुविधाएं
वाहनों में लगा जीपीएस सिस्टम
जीपीएस युक्त फोन का शुरू हुआ इस्तेमाल
सूचना तंत्र को किया गया व्यवस्थित
फायर स्टेशन द्वारा जारी नंबर
7485806110, 7485806111
किसकी सबसे ज्यादा आवश्यकता
चालकों की भर्ती, वाटर ट्रेडर, अग्निशामक वाहन
आग की रोकथाम के लिए गाइडलाइन
सुबह 9 बजे के पहले ही बना लें भोजन
भोजन बनाते समय पहनें सूती वस्त्र
खाना बनाने के स्थान पर रखें 2 बाल्टी पानी
चूल्हे की राख बुझा कर सुरक्षित स्थान पर रखें
गैस सिलिंडर की नौबत उपयोग के बाद बंद करें
ग्रामीण क्षेत्रों में शीशे का टुकड़ा धूप में न फेकें
घरों में आइएसआइ मार्क वाला बिजली का तार लगाये
खेत खलिहान में लालटेन का प्रयोग न करें
जहां थ्रेसर हो वहां पानी का भी स्टॉक रखें
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