11 सप्ताह बाद भी नहीं मिला सुराग
Published by :Prabhat Khabar Digital Desk
Published at :12 Apr 2017 3:21 AM (IST)
विज्ञापन

मामला भाजपा नेता आचार्य केशवानंद गिरि की हत्या का मांझी : थाना क्षेत्र के रघुनाथ गिरि मठिया गांव के निवासी व मांझी विधान सभा के पूर्व प्रत्याशी एवं भाजपा के वरिष्ठ नेता आचार्य केशवानंद गिरि की हत्या के 76 दिन बीत गया लेकिन पुलिस के हाथ खाली होने से लोगो में दहशत है. स्व. गिरि […]
विज्ञापन
मामला भाजपा नेता आचार्य केशवानंद गिरि की हत्या का
मांझी : थाना क्षेत्र के रघुनाथ गिरि मठिया गांव के निवासी व मांझी विधान सभा के पूर्व प्रत्याशी एवं भाजपा के वरिष्ठ नेता आचार्य केशवानंद गिरि की हत्या के 76 दिन बीत गया लेकिन पुलिस के हाथ खाली होने से लोगो में दहशत है. स्व. गिरि के हत्या कारणों का सुराग पुलिस को हाथ नहीं लग सका. पुलिस हत्या की गुत्थी को सुलझाने में नाकाम रही है. जिससे ग्रामीणों का पुलिस पर से भरोसा उठ रहा है. पुलिस ने हत्यारों को पकड़ने के लिए एक सप्ताह का समय मांगी थी. लेकिन एक सप्ताह कौन कहे की 11 सप्ताह बीत जाने के बाद भी पुलिस के हाथ खाली ही है.
घर से बुलाकर की गयी थी हत्या : भाजपा नेता केशवानंद गिरी की हत्या अपराधियों ने घर से बुलाकर किया था. उनकी विधवा पत्नी ने बताई थी की रात में करीब 11 बजे के बाद कुछ लोग आये और मोटरसाइकिल खराब होने की बात कह कर उन्हें घर से बाहर ले गये तथा बाहर ले जाने के बाद गोली मारकर उनकी हत्या कर दी.घटना की जानकारी सुबह में तब हुई, जब राहगीरो ने सड़क पर पड़े हुए शव देख कर परिजनों को सूचना दी थी.
मांग के बाद एएसपी को बनाया गया जांचकर्ता
पुलिस पर भरोसा नहीं होने की बात ग्रामीण ने कहकर सीबीआई तथा केन्दीय टीम से जांच की मांग कर रहे थे.ग्रामीणों स्थानीय पुलिस पर अविश्वास जताया था. ग्रामीणों की मांग पर एएसपी मनीष कुमार को अनुसंधानकर्ता बनाया गया. आखिर वह कौन थे जो 25 जनवरी की रात को घर से बुला कर ले गए. पुलिस को उस की तलाश आज तक नहीं कर सकी. आखिर किस व्यक्ति ने घर से मोटरसाइकिल खराब की बहाना बना कर ले गये. पुलिस के अनुसार अति करीबी होगा तभी किसी से बिना बताये घर से कुछ देर में लौटे की बात कह कर चले गये.
जमीनी स्तर पर आम लोगों के बीच लोकप्रिय केशवानंद गिरि की हत्या कांड की गुथी नही सुलझने से ग्रामीण सकते में है. लोगो को सहायक पुलिस अधीक्षक सह अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी पर भरोसा था कि हत्या की गुथी सुलझा लेंगे. लेकिन इतने दिनों बीत जाने बाद भी किसी ठोस नतीजे तक पुलिस नहीं पहुंच सकी है.
प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी
विज्ञापन
लेखक के बारे में
By Prabhat Khabar Digital Desk
यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।
Prabhat Khabar App :
देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए
विज्ञापन




