कार्यालयों में उर्दू में कार्य को करें प्रोत्साहित : डीएम
छपरा : उर्दू को बिहार के द्वितीय राजभाषा का दर्जा हासिल है, लिहाजा उर्दू में कार्यालयी कार्य को प्रोत्साहित करना प्रत्येक कर्मी की जिम्मेवारी है. उक्त बातें प्रभारी जिला पदाधिकारी अरूण कुमार ने समाहरणालय के सभागार में आयोजित उर्दू भाषा में दक्षता विकास हेतु आयोजित कार्यशाला का उद्घाटन करते हुए कहीं.
उन्होंने कहा कि प्रत्येक कार्यालय में उर्दू में आवेदन स्वीकृत करने का कार्य करने संबंधी नोटिस लगाने का निर्देश दिया एवं प्रत्येक कार्यालय में उर्दू सभागार पत्र मंगवाने की हिदायत दी. वहीं उर्दू में प्राप्त आवेदनों के निपटारे व क्रियान्वयन को त्वरित ढंग से करने की बात कहते हुए कहा कि इससे उर्दू भाषी लोग आवेदन करने की ओर प्रोत्साहित हो सकेंगे.
उन्होंने उर्दू से अन्य भाषा में एवं दूसरी भाषाओं से उर्दू में अनुवाद करने के कार्य को तेज करने की वकालत की एवं उर्दू अनुवादक व टंकक को मूल कार्य में लगाये जाने की वकालत की. कार्यशाला के पश्चात जांच परीक्षा का भी आयोजन किया गया. मौके पर विशेष कार्य पदाधिकारी कुमार विनोद, उप समाहर्ता मो उमैर समेत विभिन्न कार्यालयों में पदस्थापित उर्दू अनुवादक, सहायक उर्दू अनुवादक, टाइपिस्ट एवं अन्य कर्मी उपस्थित थे.
सभागार में हुई उर्दू दक्षता विकास कार्यशाला
नोट. फोटो नंबर 17 सीएचपी 15 है. कैप्सन होगा- कार्यशाला का उद्घाटन करते प्रभारी डीएम अरूण कुमार
