2.68 करोड़ गबन की प्राथमिकी

Published at :13 Jul 2016 5:11 AM (IST)
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2.68 करोड़ गबन की प्राथमिकी

लापरवाही. 70 बसों की आपूर्ति के लिए राशि लेकर 48 बसों की ही की गयी आपूर्ति छपरा (सारण) : सरस्वती कंपोनेट मोटर्स के मालिक तथा प्रबंधक द्वारा दो करोड़ 68 लाख रुपये सरकारी राशि गबन करने के आरोप में नगर थाने में मंगलवार को प्राथमिकी दर्ज करायी गयी. योजना एवं विकास विभाग के संयुक्त निदेशक […]

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लापरवाही. 70 बसों की आपूर्ति के लिए राशि लेकर 48 बसों की ही की गयी आपूर्ति

छपरा (सारण) : सरस्वती कंपोनेट मोटर्स के मालिक तथा प्रबंधक द्वारा दो करोड़ 68 लाख रुपये सरकारी राशि गबन करने के आरोप में नगर थाने में मंगलवार को प्राथमिकी दर्ज करायी गयी. योजना एवं विकास विभाग के संयुक्त निदेशक के आदेश के आलोक में यह कार्रवाई की गयी है.
जिला योजना पदाधिकारी कामेश्वर प्रसाद द्वारा दर्ज करायी गयी प्राथमिकी में आरोप है कि सरस्वती कंपोनेट मोटर्स को जिला योजना एवं विकास विभाग के द्वारा क्षेत्र योजना अंतर्गत तत्कालीन सांसद लालू प्रसाद के विकास निधि से क्रय करने हेतु 70 बसों की आपूर्ति करने हेतु 22 फरवरी , 2013 को आदेश दिया गया, जिसमें 32 एवं 40 सीटों की क्षमता वाली 35-35 बसों की आपूर्ति करनी थी. इसके एवज में सात करोड़ 85 लाख 21 हजार 955 रुपये का भुगतान कर दिया गया. लेकिन 48 बसों की ही आपूर्ति सरस्वती कंपोनेट मोटर्स के प्रबंधक राजेश कुमार सिन्हा तथा मालिक अरुण कुमार तिवारी द्वारा की गयी,
जिसमें 40 सीटर 13 और 32 सीटर 35 बसें शामिल हैं. शेष 22 बसों की आपूर्ति नहीं की गयी. 40 सीटर बस की कीमत 12 लाख रुपये तथा 32 सीटर बस की कीमत 11 लाख रुपये निर्धारित थी. शेष बसों की आपूर्ति नहीं किये जाने पर प्रशासन द्वारा बार-बार पत्राचार किया गया एवं मौखिक रूप से भी तगादा किया गया, लेकिन आपूर्तिकर्ता द्वारा शेष बसों की आपूर्ति नहीं की गयी. इसी बीच मालिक तथा प्रबंधक द्वारा एजेंसी को यहां से बंद कर दिया और दूसरे स्थान पर स्थानांतरित कर दिया गया.
काफी दबाव बनाये जाने के बाद मात्र 25 लाख रुपये की राशि वापस की गयी. शेष राशि लंबे पत्राचार के बावजूद नहीं लौटायी . इस वजह से योजना एवं विकास विभाग के द्वारा क्षेत्र योजना अंतर्गत शेष बसों की आपूर्ति के आदेश को रद्द कर दिया गया तथा आपूर्तिकर्ता के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करने का आदेश दिया. इस आलोक में प्रमंडलीय आयुक्त के द्वारा भी आपूर्तिकर्ता के खिलाफ नीलाम पत्र वाद दायर कर सूद समेत राशि वसूल करने हेतु र्कावाई प्रारंभ करने का आदेश दिया गया.
साथ ही आपूर्तिकर्ता के खिलाफ अमानत में खयानत करने और सरकारी राशि गबन करने तथा धोखाधड़ी करने के आरोप में प्राथमिकी दर्ज कराने का आदेश दिया गया. इस मामले में सरस्वती कंपोनेट मोटर्स के प्रबंधक राजेश कुमार सिन्हा और मालिक अरुण कुमार तिवारी के खिलाफ नामजद प्राथमिकी दर्ज करायी गयी है. साथ ही नीलाम पत्र वाद भी दायर कर दिया गया है. दर्ज प्राथमिकी में बताया गया है कि एजेंसी द्वारा तगादा करने पर लौटाये गये 25 लाख रुपये को सूद में समायोजित कर दिया गया है.
क्या कहते हैं थानाध्यक्ष
सरकारी राशि गबन करने के आरोप में सरस्वती कंपोनेट मोटर्स के मालिक तथा प्रबंधक के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर ली गयी है और गिरफ्तारी के लिए कार्रवाई की जा रही है. दो करोड़ 68 लाख रुपये मूल्य की 22 बसों की आपूर्ति नहीं करने का आरोप है और साथ ही आपूर्तिकर्ता द्वारा एजेंसी को छपरा से बंद कर दूसरी जगह पर स्थानांतरित कर दिया गया है.
रवि कुमार, पुलिस इंस्पेक्टर सह थानाध्यक्ष,नगर थाना, छपरा
सरस्वती कंपोनेट मोटर्स के मालिक व प्रबंधक पर राशि लेकर बसों की आपूर्ति नहीं करने का मामला
तीन वर्षों तक चले पत्राचार के बावजूद न तो बस की आपूर्ति की और न ही राशि वापस की
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