थानाध्यक्ष हत्याकांड का शूटर चेक सिंह गैंगवार में हुआ ढेर
Published by :Prabhat Khabar Digital Desk
Published at :12 Feb 2015 12:37 AM (IST)
विज्ञापन

छपरा (सारण) : कुख्यात अपराधी तथा बहुचर्चित इसुआपुर थानाध्यक्ष हत्याकांड का मुख्य शूटर बुधवार की देर संध्या अपराधियों के साथ मुठभेड़ में मारा गया. अपराधी कैलाश सिंह उर्फ चेक सिंह का शव पुलिस ने अपने कब्जे में ले लिया है. उसकी पहचान व पुष्टि कराये जाने की प्रक्रिया चल रही है. इस संबंध में पूछे […]
विज्ञापन
छपरा (सारण) : कुख्यात अपराधी तथा बहुचर्चित इसुआपुर थानाध्यक्ष हत्याकांड का मुख्य शूटर बुधवार की देर संध्या अपराधियों के साथ मुठभेड़ में मारा गया. अपराधी कैलाश सिंह उर्फ चेक सिंह का शव पुलिस ने अपने कब्जे में ले लिया है. उसकी पहचान व पुष्टि कराये जाने की प्रक्रिया चल रही है.
इस संबंध में पूछे जाने पर पुलिस अधीक्षक सत्यवीर सिंह ने बताया की परसा थाना क्षेत्र के परसौना गांव में अपराधियों के बीच मुठभेड़ में एक अपराधी मारा गया है, जिसके शव की पहचान चेक सिंह के रूप में की गयी है. हालांकि अभी इसकी पूरी तरह पुष्टि नहीं हो पायी है. बताते चलें कि 22 दिसंबर को इसुआपुर थाने के थानाध्यक्ष संजय कुमार तिवारी की हत्या तीन अपराधियों ने गोली मार कर कर दी थी.
इसमें मुख्य शूटर की भूमिका चेक सिंह ने निभायी थी. पुलिस के अनुसार, मुठभेड़ में मारे गये अपराधी चेक सिंह को पुलिस लंबे समय से तलाश रही थी. परसा थाना क्षेत्र के परसा बाजार पर 30 सितंबर, 2014 को दो युवकों की हुई हत्याओं के मामले में भी चेक सिंह की पुलिस को तलाश थी.
इसके अलावा दिघवारा थाना क्षेत्र में ग्राहक सेवा केंद्र के कंप्यूटर ऑपरेटर की गोली मार कर हत्या करने और सवा दो लाख रुपये के मामले में पुलिस तलाश रही थी. सारण पुलिस के लिए सिरदर्द बने चेक सिंह के खिलाफ जिले के विभिन्न थानों में हत्या व लूट जैसे गंभीर अपराध के करीब एक दर्जन मामले लंबित हैं. चेक सिंह के मारे जाने से न केवल आम जनों ने राहत की सांस ली है बल्कि पुलिस की परेशानी भी दूर होने की उम्मीद जतायी जा रही है.
50 हजार कमाने की चाहत में बना था अपराधी
छपरा (कोर्ट) : कम मेहनत कर रुपया कमाने की चाहत में एक किशोर न केवल स्वयं अपराधी बन बैठा, बल्कि अपने होनहार बड़े भाई पर भी अपराधी होने का ठप्पा लगवा उसके साथ जेल पहुंच गया. बुधवार को इसुआपुर थानाध्यक्ष संजय कुमार तिवारी की हत्या के मामले में गिरफ्तार इसी थाना क्षेत्र के गंगोई निवासी अमीर सिंह का पुत्र राजन कुमार सिंह उर्फ कुश कुछ माह पूर्व ही कुख्यात कैलाश सिंह उर्फ चेक सिंह के संपर्क में आया और उससे प्रभावित हो उसने अपराध की राह पर चलना स्वीकार कर लिया.
गुरुवार को राजन, उसके बड़े भाई नीकेश तथा आतानगर निवासी राजनारायण सिंह का पुत्र रविरंजन कुमार को न्यायालय में पेश करने आये पुलिस अधिकारियों में से एक ने बताया कि कुश ने पूछताछ में कहा है कि उसे कैलाश उर्फ चेक सिंह ने पेट्रोल पंप की रकम को बैंक जाने की जानकारी देने के एवज में 50 हजार रुपये देने की बात कही थी.
उसे इतना बताना था कि रुपया बैंक के लिए कब और कैसे जा रहा है. इसकी जानकारी उसने अपने बड़े भाई नीकेश के मोबाइल से दी थी और उसी फोन तथा सिम के माध्यम से पुलिस ने उसे तथा उसके बड़े भाई नीकेश, जो होटल मैनेजमेंट कर रहा है को गिरफ्तार कर जेल भेजा.
छह माह पहले जेल से हुआ था रिहा
थानाध्यक्ष हत्या मामले के मुख्य सरगना चेक सिंह छह माह पहले जेल से जमानत पर छूटा था. हत्या, लूट के करीब एक दर्जन मामलों में वांछित चेक सिंह कुछ मामलों में जमानत भी करा लिया है. सूत्रों के अनुसार चेक सिंह का जिले में काफी मजबूत नेटवर्क है और नेटवर्क में अपराध की योजना बनाने तथा उसे अंजाम देने में काफी दक्ष अपराधी शामिल हैं. शातिर अपराधी के रूप में चिह्न्ति चेक सिंह के आतंक से जिले के करीब आधा दर्जन थानों की पुलिस परेशान है.
प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी
विज्ञापन
लेखक के बारे में
By Prabhat Khabar Digital Desk
यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।
Prabhat Khabar App :
देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए
विज्ञापन










