आक्रोशित परिजनों ने किया हंगामा

Published at :16 Jul 2013 1:52 PM (IST)
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आक्रोशित परिजनों ने किया हंगामा

* इलाज के अभाव में सदर अस्पताल में महिला की मौतछपरा (सारण) : सदर अस्पताल में रविवार की सुबह एक महिला मरीज की मौत उपचार के अभाव में हो गयी. इससे आक्रोशित मरीज के परिजनों ने जम कर हंगामा किया और दोषी चिकित्सा कर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की. घटना की सूचना पर मौके […]

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* इलाज के अभाव में सदर अस्पताल में महिला की मौत
छपरा (सारण) : सदर अस्पताल में रविवार की सुबह एक महिला मरीज की मौत उपचार के अभाव में हो गयी. इससे आक्रोशित मरीज के परिजनों ने जम कर हंगामा किया और दोषी चिकित्सा कर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की.

घटना की सूचना पर मौके पर मढ़ौरा के राजद विधायक जितेंद्र कुमार राय पहुंचे और घटना की जानकारी ली तथा दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की. इस घटना को सदर अस्पताल के उपाधीक्षक डॉ शंभुनाथ सिंह ने काफी गंभीरता से लिया है और दोषी चिकित्सक डॉ शालिनी सोनी समेत अन्य चिकित्सा कर्मियों से जवाब-तलब किया है.

* घंटों तड़पती रही बीमार महिला
सदर अस्पताल में शनिवार की रात को करीब एक बजे छठ माह की गर्भवती महिला को लेकर उसके परिजन पहुंचे. उस समय महिला डॉक्टर गायब थी. ड्यूटी पर तैनात महिला चिकित्साकर्मियों ने उसे महिला वार्ड में भरती नहीं किया और आपातकालीन कक्ष में भरती कराने को कहा, लेकिन आपात कालीन कक्ष में भी कर्मियों ने भरती करने से इनकार कर दिया.

इस प्रकार महिला इलाज के अभाव में दर्द से तड़पती रही. अंतत: ज्यादा रक्तस्नव होने के कारण महिला की मौत हो गयी. महिला को पहले से तीन बच्चे हैं और वह चौथे बच्चे की मांग बननेवाली थी. छह माह की गर्भवती महिला गंभीर रूप से बीमार थी. वह जिले के खैरा थाने के डुमरी पंचायत के गोपालपुर गांव के जगजीवन राम की पत्नी शैल देवी (35 वर्ष) थी. उक्त महिला को रक्तस्नव हो रहा था.

* पहले भी हुई है कई मरीजों की मौत
सदर अस्पताल के महिला प्रसव कक्ष में पहले भी कई महिला मरीजों की मौत हो चुकी है. कुछ दिनों पहले भी प्रभुनाथ नगर दलित बस्ती की एक महिला मरीज की मौत चिकित्सक की लापरवाही के कारण हो गयी. उस दिन डॉ जय श्री प्रसाद की ड्यूटी थी. इसको लेकर भी सदर अस्पताल में काफी हंगामा हुआ था.

इलाज के अभाव में और चिकित्सकों की लापरवाही के कारण महिला आपातकालीन कक्ष व प्रसव कक्ष में मरीजों की मौत होना आम बात है. यहीं नहीं मरीजों को अपने निजी नर्सिग होम में बहका कर ले जाना भी कोई नयी बात नहीं है. महिला कक्ष में कार्यरत महिला चिकित्सकों द्वारा मरीजों को जान बूझ कर परेशान किया जाता है, ताकि वह अपने नर्सिंग होम में मरीजों को आसानी से ले जा सके.

* डीएम से की मांग
अनुसूचित जाति अधिकार मिशन के अध्यक्ष नीरज राम ने जिलाधिकारी को एक ज्ञापन सौंप कर शैल देवी की मौत की जांच कराने और दोषी चिकित्सकों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है. पत्र में कहा गया है कि उक्त महिला अनुसूचित जाती की थीं. इलाज के अभाव में मृत महिला के परिजनों को दो लाख रुपये मुआवजा दिलाने की भी मांग की है.

* इस घटना को काफी गंभीरता से लिया गया है और ड्यूटी पर तैनात महिला चिकित्सक डॉ शालिनी मोनी व अन्य चिकित्साकर्मियों से जवाब-तलब किया गया है. साथ ही इस मामले की जांच का भी आदेश दिया गया है.
डॉ शंभूनाथ सिंह,उपाधीक्षक, सदर अस्पताल,छपरा

* शैल देवी हमारे निर्वाचन क्षेत्र की रहनेवाली थीं. सदर अस्पताल में उपचार के अभाव में उसकी मौत हो गयी. सूचना पर अस्पताल पहुंचा और घटना की जानकारी ली. यह काफी दुखद घटना है. इसके लिए दोषी चिकित्साकर्मियों के खिलाफ गंभीर कार्रवाई की मांग करते हैं. साथ ही उसे उचित मुआवजा भी मिलनी चाहिए.
जितेंद्र कुमार राय,विधायक, मढ़ौरा विधान सभा क्षेत्र, सारण

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