छपरा (सदर) : पटना उच्च न्यायालय के आदेश के आलोक में डीएम के निर्देश पर जिला पर्षद की जमीन में दिघवारा नगर पंचायत क्षेत्र में निर्माणाधीन 269 दुकानों से अधिक अतिक्रमण हटाने के लिए सोनपुर एसडीओ ने दिघवारा सीओ को निर्देश दिया है. पटना उच्च न्यायालय ने कन्हैया कुमार पटवा एवं अन्य बनाम बिहार के द्वारा दायर सीडब्लूजेसी नंबर 8071-2017 के आदेश के आलोक में निर्धारित समय तक नक्शा पारित नहीं होने की स्थिति में विस्थापित दुकानदारों द्वारा अनधिकृत रूप से दुकानों पर अतिक्रमण कर लेने के मामले में अतिक्रमणकारियों को हटाने की कार्रवाई तेज हो गयी है.
सारण जिला पर्षद के जिला अभियंता के पत्र एवं दुकानों की संलग्न सूची के आधार पर नगर पंचायत दिघवारा से समन्वय स्थापित कर नक्शा पारित कराते हुए दुकान को अतिक्रमणमुक्त कराने का निर्देश दिया है.
अतिक्रमण हटाने व विधि व्यवस्था को ले पदाधिकारियों की तैनाती : दुकानदारों से जिला पर्षद के अर्धनिर्मित ढांचे को खाली कराने के दौरान शांति व्यवस्था बनाये रखने के लिए दिघवारा बीडीओ, नगर पंचायत के कार्यपालक पदाधिकारी, दिघवारा के पंचायत राज पदाधिकारी, इंदिरा आवास पर्यवेक्षक, प्रखंड सांख्यिकी पर्यवेक्षक तथा दिघवारा के कनीय अभियंता की तैनाती सोनपुर एसडीओ शंभु शरण पांडेय ने की है.
वहीं दिघवारा थानाध्यक्ष को निर्देश दिया है कि दिघवारा सीओ से समन्वय स्थापित कर प्रतिनियुक्त दंडाधिकारियों के साथ पुलिस पदाधिकारी एवं पर्याप्त संख्या में महिला एवं पुलिस बल की प्रतिनियुक्ति कर पटना उच्च न्यायालय के पारित आदेश का अनुपालन सुनिश्चित कराने को कहा है. इस दौरान उन्होंने अतिक्रमण हटाने के लिए जेसीबी, ट्रैक्टर, मजदूर आदि की व्यवस्था का जिम्मा जिला पर्षद के जिला अभियंता एवं कनीय अभियंता को दिया है.
इसके अलावा दिघवारा प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी को प्राथमिक उपचार की सामग्री, जीवन रक्षक किट, चालक सहित एंबुलेंस की व्यवस्था का निर्देश दिया है. वहीं प्रभारी अग्निशमन पदाधिकारी सोनपुर इस दौरान चालक एवं कर्मी सहित फायर वाहन को तैनात किया जाये.
जिप के कुछ तकनीकी व सामान्य कर्मियों ने ही अवैध वसूली की बदौलत कराया अतिक्रमण!
दिघवारा नगर पंचायत क्षेत्र में जिला पर्षद की दुकानों के निर्माण का मामला पटना उच्च न्यायालय में जाने के बाद न्यायालय ने नियमानुसार नक्शा पारित कर दुकान बनाने का निर्देश देते हुए तत्काल सभी अतिक्रमणकारियों को हटाने का निर्देश दिया था. परंतु, ढाई से तीन वर्षों में कोर्ट के आदेश के बाद प्रारंभ में तो दुकानदारों को अतिक्रमित स्थल से हटाया गया, परंतु, जिला पर्षद के ही कुछ तकनीकी व रसूख वाले कर्मियों द्वारा एकमुश्त व मासिक निर्धारित नजराने के आधार पर दुकानदारों से अतिक्रमण कराया गया.
अब जब कोर्ट ने दूसरी बार अतिक्रमण हटाने का आदेश दिया है, तो कोर्ट के आदेश का अनुपालन कराने में संबंधित पदाधिकारी सिर्फ कागजी घोड़ा दौड़ा रहे हैं, जो निश्चित तौर पर अतिक्रमण हटाने से जुड़े कुछ कनीय कर्मियों की अतिक्रमणकारियों से कथित मिलीभगत एवं मौन सहमति को दर्शाता है.
बोले एसडीओ
दिघवारा नगर पंचायत क्षेत्र में सारण जिला पर्षद की जमीन पर निर्माणाधीन दुकानों से अवैध कब्जा करने वाले लोगों को हटाने के लिए पदाधिकारियों की टीम गठित कर दी गयी है. लोकसभा चुनाव के कारण कोर्ट के आदेश का अनुपालन होने में विलंब हुआ है. शीघ्र ही संबंधित पक्ष को निर्देश देकर अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई की जायेगी.
शंभु शरण पांडेय, एसडीओ, सोनपुर, सारण