पीजी में नामांकन से पहले दी जा रही सिलेबस की जानकारी, दाखिला के लिए 18 जून तक आवेदन
Published by : Rajeev Kumar Updated At : 07 Jun 2026 5:15 PM
जेपीयू प्रशासनिक भवन.
Saran News : नामांकन प्रक्रिया शुरू होने से पहले बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं कॉलेजों में बनाए गए हेल्प डेस्क पर पहुंचकर आवेदन, पाठ्यक्रम और सिलेबस से जुड़ी जानकारी प्राप्त कर रहे हैं.
छपरा से प्रभात किरण हिमांशु की रिपोर्ट
Saran News : जयप्रकाश विश्वविद्यालय (जेपीयू) में पीजी सत्र 2026-28 में नामांकन के लिए ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया जारी है. प्रमंडल के विभिन्न पीजी कॉलेजों तथा विश्वविद्यालय के 17 स्नातकोत्तर विभागों में नामांकन के लिए छात्र-छात्राएं निर्धारित प्रक्रिया के तहत आवेदन कर रहे हैं.
विश्वविद्यालय प्रशासन के अनुसार ऑनलाइन आवेदन की अंतिम तिथि 18 जून निर्धारित की गई है. पहली मेधा सूची 24 जून को प्रकाशित की जाएगी, जबकि 25 जून से नामांकन प्रक्रिया शुरू होगी.
बच्चे कॉलेज हेल्प डेस्क से प्राप्त कर रहे हैं जानकारी
नामांकन प्रक्रिया शुरू होने से पहले बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं कॉलेजों में बनाए गए हेल्प डेस्क पर पहुंचकर आवेदन, पाठ्यक्रम और सिलेबस से जुड़ी जानकारी प्राप्त कर रहे हैं. हेल्प डेस्क के माध्यम से विद्यार्थियों को पीजी पाठ्यक्रम के नए पैटर्न और च्वाइस बेस्ड क्रेडिट सिस्टम (सीबीसीएस) की विस्तृत जानकारी दी जा रही है.
सीबीसीएस के तहत आयोजित की जाती है परीक्षाएं
उल्लेखनीय है कि जयप्रकाश विश्वविद्यालय में वर्ष 2018 से ही च्वाइस बेस्ड क्रेडिट सिस्टम (सीबीसीएस) लागू है. पुराने पाठ्यक्रम में चारों सेमेस्टर के लिए अलग-अलग पत्र निर्धारित थे और सभी पत्रों को पूरा करना अनिवार्य था. सीबीसीएस लागू होने के बाद विषयों को कोर कोर्स के आधार पर संरचित किया गया है, जिनके आधार पर परीक्षाएं आयोजित की जाती है.
विज्ञान संकाय के छात्रों को विभिन्न अध्यायों में विकल्प (वेरिएशन) उपलब्ध होंगे, जबकि मानविकी संकाय के विद्यार्थियों को साहित्य (लिटरेचर) आधारित विकल्पों का चयन करने का अवसर मिलेगा. इसके अतिरिक्त प्रत्येक सेमेस्टर में एक अतिरिक्त (एडिशनल) विषय का अध्ययन भी अनिवार्य होगा.
चतुर्थ सेमेस्टर में कई विषयों का अध्ययन करने का अवसर
प्रथम सेमेस्टर के विद्यार्थियों को भारत सरकार के स्वच्छ भारत अभियान से संबंधित विषयवस्तु भी पाठ्यक्रम के हिस्से के रूप में पढ़ाई जाएगी. अतिरिक्त विषय की परीक्षा 100 अंकों की होगी, जिसमें 50 अंक आंतरिक मूल्यांकन एवं वायवा के लिए तथा शेष 50 अंक लिखित परीक्षा के लिए निर्धारित होंगे.
प्रथम सेमेस्टर उत्तीर्ण करने के बाद विद्यार्थियों को द्वितीय से चतुर्थ सेमेस्टर के दौरान सीबीसीएस के तहत फैशन डिजाइनिंग, कम्युनिकेशन लैंग्वेज, स्किल ट्रेनिंग सहित अन्य व्यावसायिक एवं कौशल आधारित विषयों का अध्ययन करने का अवसर मिलेगा.
विदेशी राजनीतिक व्यवस्थाओं को समझेंगे विद्यार्थी
सीबीसीएस पाठ्यक्रम के अंतर्गत राजनीतिक विज्ञान विभाग के छात्र-छात्राओं को विभिन्न देशों की राजनीतिक व्यवस्थाओं और विदेश नीति का अध्ययन कराया जाएगा. पाठ्यक्रम में अमेरिकी, फ्रांसीसी, स्विस एवं चीनी राजनीतिक प्रणाली को शामिल किया गया है.
इसके अलावा विद्यार्थियों को अरस्तू, प्लेटो तथा कार्ल मार्क्स जैसे प्रमुख राजनीतिक चिंतकों के सिद्धांतों से भी अवगत कराया जाएगा. सोशल एंड पॉलिटिकल थॉट्स के अंतर्गत पंडित जवाहरलाल नेहरू, श्री अरविंदो, स्वामी विवेकानंद, नेताजी सुभाष चंद्र बोस तथा पंडित दीनदयाल उपाध्याय के राजनीतिक एवं सामाजिक विचारों का अध्ययन कराया जाएगा.
फिल्म और साहित्य का भी मिलेगा अध्ययन
पीजी अंग्रेजी विभाग में भी च्वाइस बेस्ड क्रेडिट सिस्टम के तहत फिल्म एंड लिटरेचर को पाठ्यक्रम का हिस्सा बनाया गया है. इसके अंतर्गत विद्यार्थियों को साहित्य पर आधारित फिल्मों के अध्ययन का अवसर मिलेगा.
पाठ्यक्रम में लोकनायक भिखारी ठाकुर की प्रसिद्ध कृति ‘बिदेसिया’ तथा फणीश्वर नाथ रेणु की चर्चित कहानी ‘मारे गए गुलफाम’ पर आधारित फिल्म ‘तीसरी कसम’ के स्क्रिप्ट को वैकल्पिक अध्ययन सामग्री के रूप में शामिल किया गया है.
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