छुट्टियों में आसपास की प्रसिद्ध जगहों को घूमें

Updated at : 29 Sep 2017 3:57 AM (IST)
विज्ञापन
छुट्टियों में आसपास की प्रसिद्ध जगहों को घूमें

छपरा : चारों तरफ शारदीय नवरात्र के उत्सव में लोग सराबोर है. शहर से लेकर गांव तक धार्मिक और सांस्कृतिक रूप से इस पर्व को मनाने में सभी जुटे हैं. कहीं रामलीला का मंचन हो रहा है, तो कहीं भजन व कीर्तन से माहौल भक्तिमय बना हुआ है. सारण जिले में तथा इसके अगल-बगल के […]

विज्ञापन

छपरा : चारों तरफ शारदीय नवरात्र के उत्सव में लोग सराबोर है. शहर से लेकर गांव तक धार्मिक और सांस्कृतिक रूप से इस पर्व को मनाने में सभी जुटे हैं. कहीं रामलीला का मंचन हो रहा है, तो कहीं भजन व कीर्तन से माहौल भक्तिमय बना हुआ है. सारण जिले में तथा इसके अगल-बगल के कई जिले ऐसे हैं जो ऐतिहासिक, धार्मिक तथा सांस्कृतिक रूप से काफी प्रसिद्ध हैं, जहां छुट्टियों में आनंदपूर्वक समय व्यतित किया जा सकता है.

छपरा शहर में भी है कई ऐसे स्थान : शहर के रतनपुरा स्थित धर्मनाथ जी का मंदिर काफी प्रसिद्ध है, जहां पूजा उत्सव के बाद भी श्रद्धालु जुटते हैं. कटरा स्थित सत्यनारायण मंदिर, दधिचि आश्रम, पार्वती आश्रम, रामकृष्ण मिशन आश्रम, गोवर्धन दास का पोखरा पर भी अवकाश में अपने पूरे परिवार के साथ लोग पहुंचकर शांतचित्त से पूजा-पाठ व समय व्यतित कर सकते हैं. शहर से सटे सात किलोमीटर पश्चिम सरयू नदी के किनारे गोदना स्थित हनुमान जी के ननिहाल के रूप में प्रसिद्ध महर्षि गौतम ऋषि के आश्रम का भ्रमण भी किया जा सकता है.
इससे आगे चार किलोमीटर पहुंचने पर प्रसिद्ध श्रीनाथ बाबा का मंदिर भी दर्शनीय स्थल है. इन दोनों मंदिरों के बीच में रिविलगंज बाजार में मुख्य सड़क पर स्थित दो सौ वर्ष पुराना पक्की ठाकुरबाड़ी भी रोचक स्थान के रूप में प्रसिद्ध है, जहां हमेशा श्रद्धालु पहुंचते रहते हैं.
बाबा हरिहरनाथ का मंदिर : सारण जिले में स्थित तथा हाजीपुर व पटना के निकटतम शहर सोनपुर में स्थित बाबा हरिहरनाथ मंदिर में भक्त पहुंचकर अपनी मनोकामना पूर्ण करते हैं. यहां हरि और हर अर्थात भगवान शिव व विष्णु का संयुक्त प्रतिमा स्थापित है. शिवलिंग व भगवान विष्णु की प्रतिमा एक साथ होने के कारण यहां दोनों धर्मावलंबियों की भीड़ जुटती है.
छुट्टी के दिनों में यहां राज्य के लोग तो आते ही है. बाहर के राज्यों से भी काफी संख्या में लोग जुटते हैं. नवरात्र में यहां पड़ोसी देश नेपाल के श्रद्धालुओं का आना-जाना बढ़ जाता है. हरिहरनाथ मंदिर के पूरब नारायणी नदी के तट पर दक्षिणेश्वर मां काली का मंदिर स्थित है. जहां नवरात्र में काफी संख्या में भक्त जुटते हैं.
यहां बगल के श्मशान में बैठकर तांत्रिक भी अपना अनुष्ठान पूरा करते हैं. काली मंदिर के उत्तर पश्चिम में कुछ दूरी पर प्राचीन गौरीशंकर मंदिर है, जहां श्रद्धालु भक्त पहुंचते हैं. इन मंदिरों में भी छुट्टी के दिनों में पहुंच कर पूजा-अर्चना करने वाले लोगों का तांता लगा रहता है.
छपरा शहर से करीब 90 किलोमीटर की दूरी पर थावे (गोपालगंज) स्थित थावे भवानी मंदिर का दर्शन जाने के लिए यातायात की व्यवस्था काफी बेहतर हो चुकी है. शारदीय नवरात्र में वहां पूजा-अर्चना करने के लिए जाने वाले श्रद्धालुओं की संख्या बढ़ी है. यहां से रेल मार्ग से जाने के लिए दो रूट हैं तथा सड़क मार्ग से जाने के लिए छपरा-सीवान होते हुए थावे पहुंचा जा सकता है. इसके अलावा छपरा से महमदपुर के रास्ते भी थावे जाना काफी आसान है.
छपरा से 28 किलोमीटर की दूरी पर छपरा-पटना मुख्य मार्ग से सटे आमी गांव में स्थित शक्तिपीठ मां अंबिका भवानी के दर्शन के लिए भक्तों की भीड़ साल भर जुटी रहती है. नवरात्र में यहां राज्य के ही नहीं, बल्कि देश के कई राज्यों से भी लोग पहुंचते हैं तथा पूजा-पाठ कर मां से मनौती मांगते हैं. ऐसी मान्यता है कि मां से जो भी भक्त मनौती मांगता है, उसकी मनोकामना पूर्ण होती है.
विज्ञापन
Prabhat Khabar Digital Desk

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar Digital Desk

यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन