Fake parallel zonal office: कभी मुफलिसी की जिंदगी जीने वाला बन गया फर्जीवाड़े का किंगपिन

Updated at : 19 Feb 2025 10:33 PM (IST)
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Fake parallel zonal office: कभी मुफलिसी की जिंदगी जीने वाला बन गया फर्जीवाड़े का किंगपिन

फर्जी अंचल कार्यालय का खुलासा होने के बाद कभी मुफलिसी का जिंदगी जीने वाला फर्जीवाड़े किंगपिन उमेश राय का काला करतूत का सच सामने आया.

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मोहिउद्दीननगर : प्रखंड की करीमनगर पंचायत के मोगलचक में एसडीएम विकास पांडेय के छापेमारी के फर्जी अंचल कार्यालय का खुलासा होने के बाद कभी मुफलिसी का जिंदगी जीने वाला फर्जीवाड़े किंगपिन उमेश राय का काला करतूत का सच सामने आया. करीब दो दशक पूर्व एक राजस्व कर्मी की बदौलत उसने न सिर्फ अंचल कार्यालय में अपनी पैठ बनायी बल्कि धीरे-धीरे अधिकारियों व अंचल कर्मियों का चहेता भी बन बैठा. तत्कालीन स्थिति भी उसके अनुकूल थी. समय व परिस्थितियों का उसने जम कर लाभ उठाया. सूत्रों की बात मानें तो दाखिल खारिज सहित अन्य भूमि विवाद मामलों के निबटारे में आमलोगों की निगाह में वह गारंटर बन गया था. स्थानीय राजनीति गलियारों में उसने रसूखदार की हैसियत बना ली थी. इतने बड़े फर्जीवाड़े का खुलासा होने के बाद स्थानीय लोग सरकारी कर्मी की संलिप्तता पर भी प्रश्न चिन्ह उठा रहे हैं. करीब दो दशक से भी अधिक समय से चल रहे फर्जीवाड़े का मामला आखिर अधिकारियों के कानों तक आजतक क्यों नहीं पहुंचा. पूरी घटना की उच्चस्तरीय जांच करने करने के बाद करोड़ों का फर्जीवाड़ा सामने आ सकता है. साथ ही सरकारी राजस्व की क्षति का मामले से भी पर्दा उठ सकता है. इसमें संलिप्त बड़े रैकेट का खुलासा संभव है. उक्त अवैध अंचल कार्यालय में दाखिल खारिज से लेकर रसीद भी काटे जाने की बात सामने आ रही है. विभिन्न सरकारी योजनाओं का लाभ प्राप्त करने के लिए भूमि संबंधित अद्यतन रसीद की उपलब्धता तो मामूली सी बात थी.

राजस्व कर्मी के बयान पर दर्ज कराई गई प्राथमिकी

अवैध समानांतर अंचल कार्यालय संचालन किए जाने के मामले को करीमनगर पंचायत के राजस्व कर्मचारी कृष्णनंदन कुमार के बयान पर थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई गई है. जिसमें करीमनगर पंचायत के मोगलचक वार्ड संख्या-5 निवासी स्व रामाशीष राय के पुत्र उमेश राय को आरोपित किया गया है. दिए गए आवेदन में राजस्व कर्मचारी ने बताया है कि उमेश राय अपने निजी मकान में राजस्व से संबंधित अवैध कार्य संचालित कर रहे थे. एसडीएम पटोरी विकास कुमार पांडेय द्वारा की गई छापेमारी में पाया गया कि उमेश राय के पास कुछ ऐसे सरकारी दस्तावेज मौजूद थे, जो कि किसी निजी व्यक्ति के पास नहीं होने चाहिए. उपरोक्त पाये गये दस्तावेजों में अनेक राजस्व ग्रामों के खतियान, खेसरा पजी, पंजी-2, लगान रसीद, खतियान का प्रारूप आदि मौजूद थे. सभी दस्तावेज राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग, बिहार सरकार की संपत्ति है एवं किसी निजी व्यक्ति के पास होने का औचित्य नहीं है. आरोपी के पास पाये गये उपरोक्त दस्तावेजों एवं उनकी गतिविधियों से ऐसा प्रतीत होता है कि वह अनधिकृत रूप से राजस्व संबंधी कार्य करते आ रहे है एवं उनके द्वारा सरकारी दस्तावेजों का कूट रचित किया जाता है. थानाध्यक्ष गौरव प्रसाद ने आरोपी पर कई सुसंगत धाराओं के मुताबिक प्राथमिकी दर्ज कर पुलिस अभिरक्षा में उसे न्यायिक हिरासत को भेज दिया गया है.

अंचल कार्यालय में पसरा रहा सन्नाटा

एसडीएम द्वारा कार्रवाई के बाद अंचल कार्यालय में सन्नाटा पसरा रहा. आम दिनों की तरह लोगों का आना जाना कम रहा है. इधर, एसडीएम विकास पांडेय ने बताया कि इस घटना के बाद राजस्व कर्मी से कारण पृच्छा पूछा गया है. संतोष जनक जवाब नहीं देने पर विभागीय कार्रवाई की अनुशंसा की जाएगी.

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