समस्तीपुर में नजारत घोटाले से मचा हड़कंप, डीएम और डीडीसी तक पहुंची आरोपी पंचायत सचिव की फाइल

Published by : Purushottam Kumar Updated At : 29 May 2026 7:28 PM

विज्ञापन

प्रखंड कार्यालय की तस्वीर

Samastipur News:समस्तीपुर के विभूतिपुर प्रखंड में 31 अगस्त 2026 को सेवानिवृत्त होने वाले पंचायत सचिव शशि भूषण कर्ण पर 16.90 लाख रुपये के सरकारी गबन का आरोप. बीडीओ सुनील कुमार ने एक सप्ताह में राशि जमा न करने पर एफआईआर की चेतावनी दी. जानिए खबर विस्तार से…

विज्ञापन

Samastipur News: समस्तीपुर जिले के विभूतिपुर प्रखंड कार्यालय से भ्रष्टाचार और वित्तीय अनियमितता से जुड़ा एक बेहद सनसनीखेज मामला सामने आया है. प्रखंड कार्यालय ने तत्कालीन पंचायत सचिव शशि भूषण कर्ण पर सरकारी राशि का समायोजन न करने और महत्वपूर्ण अभिलेखों को दबाकर रखने का गंभीर आरोप लगाया है. इस दुस्साहसिक लापरवाही को लेकर विभूतिपुर के बीडीओ (प्रखंड विकास पदाधिकारी) सुनील कुमार ने कड़ी कार्रवाई करते हुए पंचायत सचिव को एक पत्र जारी किया है. इस पत्र के जरिए आरोपी पंचायत सचिव को महज एक सप्ताह के भीतर स्पष्टीकरण देने और पूरी राशि सरकारी खाते में जमा करने का सख्त निर्देश दिया गया है, जिससे प्रशासनिक गलियारे में हड़कंप मच गया है.

तीन पंचायतों का प्रभार दबाकर बैठने का आरोप

बीडीओ द्वारा जारी आधिकारिक पत्र में साफ तौर पर उल्लेख किया गया है कि शशि भूषण कर्ण विभूतिपुर प्रखंड में अपनी तैनाती के दौरान ग्राम पंचायत राज आलमपुर कोदरिया, सिंघिया बुजुर्ग दक्षिण एवं भरपुरा पटपारा पंचायत के पंचायत सचिव के रूप में कार्यरत थे. आरोप है कि उन्होंने इन संबंधित पंचायतों की अति महत्वपूर्ण योजना पंजी, सरकारी अभिलेख एवं अन्य जरूरी दस्तावेजों का प्रभार अब तक वर्तमान पंचायत सचिव को नहीं सौंपा है. इस प्रभार को सौंपने के लिए वर्ष 2023 से लेकर 2025 तक प्रखंड कार्यालय द्वारा उन्हें कई बार लिखित निर्देश जारी किए गए, लेकिन उन्होंने हर बार आदेशों को हवा में उड़ा दिया और किसी भी निर्देश का अनुपालन नहीं किया.

16.90 लाख का नहीं मिला हिसाब

विभूतिपुर प्रखंड कार्यालय ने पंचायत सचिव की इस टालमटोल की नीति को प्रथम दृष्टया सीधे-सरकारी राशि के गबन का मामला माना है. पत्र के अनुसार, प्रखंड नजारत से ली गई 16 लाख 40 हजार रुपये की मोटी अग्रिम (एडवांस) राशि तथा ग्राम पंचायत आलमपुर कोदरिया की योजना मद में रखे 40 हजार 500 रुपये सहित कुल 16 लाख 90 हजार 500 रुपये का अब तक कोई समायोजन नहीं किया गया है. बीडीओ सुनील कुमार ने दो टूक लहजे में निर्देश दिया है कि एक सप्ताह के भीतर या तो इस पूरी राशि का वैध समायोजन दिखाया जाए या फिर इसे नकद रूप में सरकारी खजाने में जमा करते हुए सभी पंचायतों का प्रभार वर्तमान सचिव को सौंप दिया जाए. अगर ऐसा नहीं किया जाता है, तो सरकारी राशि और महत्वपूर्ण सरकारी दस्तावेजों के गबन के संगीन आरोप में स्थानीय थाने में उनके खिलाफ नामजद प्राथमिकी (FIR) दर्ज करा दी जाएगी.

समस्तीपुर के आला अधिकारियों तक पहुंची फाइल

इस मामले की गंभीरता इसलिए भी अधिक बढ़ गई है क्योंकि आरोपी पंचायत सचिव शशि भूषण कर्ण आगामी 31 अगस्त 2026 को सरकारी सेवा से सेवानिवृत्त (रिटायर) होने वाले हैं. सेवानिवृत्ति से ठीक पहले इस तरह के बड़े गबन के मामले ने उनकी विदाई पर संकट के बादल खड़े कर दिए हैं. प्रखंड कार्यालय द्वारा इस पूरी कार्रवाई और जारी किए गए अल्टीमेटम पत्र की आधिकारिक प्रतिलिपि जिला पंचायत राज पदाधिकारी (DPRO), उप विकास आयुक्त (DDC) एवं जिला पदाधिकारी (DM) समस्तीपुर को भी आवश्यक कार्रवाई और सूचना के लिए भेज दी गई है, जिससे अब आरोपी सचिव की मुश्किलें चौतरफा बढ़ती नजर आ रही हैं.

समस्तीपुर से गिरिजा नंदन की रिपोर्ट

विज्ञापन
Purushottam Kumar

लेखक के बारे में

By Purushottam Kumar

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन