शौचालय निर्माण हरेक शौचालय का होगा अक्षांश व देशांतर अंकित

Published at :14 Sep 2016 4:12 AM (IST)
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शौचालय निर्माण  हरेक शौचालय का होगा अक्षांश व देशांतर अंकित

समस्तीपुर : शौचालय निर्माण में फर्जीवाड़ा को रोकने के लिए अब कड़ी लगाम कसी जायेगी. इसके लिए आधुनिक तकनीक का सहारा लिया जायेगा. हरेक शौचालय के निर्माण की सुनिश्चिता बनाये रखने के लिए अब जिला व जल स्वच्छता समिति जियो टेगिंग का सहारा लेने जा रहा है. जिला समन्वयक दयानंद प्रसाद ने बताया कि नयी […]

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समस्तीपुर : शौचालय निर्माण में फर्जीवाड़ा को रोकने के लिए अब कड़ी लगाम कसी जायेगी. इसके लिए आधुनिक तकनीक का सहारा लिया जायेगा. हरेक शौचालय के निर्माण की सुनिश्चिता बनाये रखने के लिए अब जिला व जल स्वच्छता समिति जियो टेगिंग का सहारा लेने जा रहा है. जिला समन्वयक दयानंद प्रसाद ने बताया कि नयी तकनीक के माध्यम से शौचालय निर्माण की शत प्रतिशत सुनिश्चिता बनायी जा सकेगी. अब जो भी शौचालय जिला व जल स्वच्छता समिति के माध्यम से बनाये जायेंगे, उन सभी को जियो टेगिंग की आधुनिक तकनीक से जोड़ा जायेगा.

इसके लिए सभी प्रखंड समन्वयकों को प्रशिक्षण दिया जा चुका है. जियो टेगिंग के तहत शौचालय की पूरी रूप रेखा डिजटलाइज हो जायेगी. अभी जहां शौचालय निर्माण का सारा कार्य कागजों में सिमटा रहता है. वहीं अब इसे आधुनिक तकनीक से जोड़ा जा रहा है. इसके तहत जिस भी घर में शौचालय बनाये जायेंगे. उनका अक्षांश व देशांतर अंकित किया जायेगा. इसके बाद शौचालय की फोटो लगायी जायेगी. इससे इस अक्षांश व देशांतर को अंकित किया जायेगा. चुकीं सभी घरों का अक्षांश व देशांतर अलग-अलग होता है. इसलिए शौचालय निर्माण की सुनिश्चिता निर्धारित की जा सकेगी. इसके बाद इसे भारत सरकार के शौचालय मिशन पर अंकित किया जायेगा. जहां लोग अपने गांव घरों में बने हुए शौचालय की जानकारी व उनके खर्च का लेखा-जोखा ले सकेंगे. शौचालय निर्माण में कागजी प्रक्रिया की भाग दौड़ को समाप्त करने के लिये मोबाइल एप्स जारी किया गया है. इसके तहत लोग घर बैठे अपने मोबाइल फोन से शौचालय निर्माण का आवेदन कर सकेंगे. इसके बाद आवेदकों को मोबाइल एसएमएस के माध्यम से उनके आवेदन की संख्या को भेज दिया जायेगा. इसके बाद लोग जब शौचालय निर्माण का कार्य पूर्ण कर लेंगे, तो जियो टेगिंग के माध्यम से शौचालय का सत्यापन किया जायेगा. इसके बाद सरकार की ओर से अनुदान राशि बीडीओ की अनुशंसा पर उसके खाते में भेज दी जायेगी. पहले जहां शौचालय निर्माण का काम अधिकतर एनजीओ के माध्यम से किया जाता था. इसको लेकर विभाग भी ऊहापोह की स्थिति में रहता था. जिला जल स्वच्छता समिति के समन्वयक दयानंद प्रसाद कहते हैं कि शौचालय निर्माण की सुनिश्चिता के लिए जियो टेगिंग का सहारा लिया जायेगा. यह आधुनिक तकनीक है. इससे शत प्रतिशत शौचालयों को

जोड़ा जायेगा.
शौचालय निर्माण में फर्जीवाड़ा को रोका जायेगा
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