फंसा ओवरब्रिज का निर्माण
Published by :Prabhat Khabar Digital Desk
Published at :29 Aug 2016 7:11 AM (IST)
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आरओबी के पुन: सुधार काे दिया था निर्देश, नहीं लौटाया नक्शा समस्तीपुर : शहर के भोला टॉकिज रेलवे गुमटी नंबर 53 पर राज्य सरकार व रेलवे के बीच पुल निर्माण का मामला फंस गया है. करीब तीन माह गुजर जाने के बाद भी मुख्यालय को सुधार कर नक्शा नहीं लौटाया गया है. चर्चा है कि […]
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आरओबी के पुन: सुधार काे दिया था निर्देश, नहीं लौटाया नक्शा
समस्तीपुर : शहर के भोला टॉकिज रेलवे गुमटी नंबर 53 पर राज्य सरकार व रेलवे के बीच पुल निर्माण का मामला फंस गया है. करीब तीन माह गुजर जाने के बाद भी मुख्यालय को सुधार कर नक्शा नहीं लौटाया गया है. चर्चा है कि तीसरी बार नक्शा बनाने का काम अभी शुरू भी नहीं हो पाया है. इससे उक्त गुमटी पर पुल बनना संदिग्ध हो गया है. बता दें कि रेलवे के निर्माण विभाग के मुख्य अभियंता(हाजीपुर) ने पुल का नक्शा सुधार के लिए मई माह में मंडल को लौटा दिया था, जिसे सुधार कर अबतक मुख्यालय को नहीं लौटाया गया है.
पुल के बन जाने पर शहर के पंजाबी कॉलोनी, धर्मपुर, चकनूर, ताजपुर रोड आदि क्षेत्र के लोगों की जाम की समस्या दूर हो जाती. पुल नहीं रहने के कारण उक्त क्षेत्र के लोगों को रोज गुमटी पर घंटों जाम में फंसना पड़ता है. यहां बता दें कि रेलवे ने उक्त गुमटी पर पुल बनाने की स्वीकृति दे रखी है. इसके लिए करीब 13 करोड़ रुपये की योजना भी बनायी थी तथा रेलवे ने कार्य कराने के लिए दस लाख रुपये एडवांस भी दे रखा है. लेकिन मामला राज्य सरकार की ओर से फंसा है. रेलवे के अभियंताओं द्वारा बनाये गये नक्शे को राज्य सरकार अबतक दो बार लौटा चुकी है.
कहां फंसा है आरओबी निर्माण का मामला : सूत्रों पर ने बताया कि गुमटी पर आरओबी रेलवे व राज्य सरकार मिल कर बनाती है. रेलवे सिर्फ रेल लाइन के ऊपर पुल बनाती है. पुल का पहुंच पथ राज्य सरकार अपने खर्च पर बनाती है. अथवा राज्य सरकार निर्माण पर खर्च होने वाली राशि रेलवे को देकर उन्हीं को पुल बनाने को कहती है. पुल का नक्शा बनाने वाले रेलवे के निर्माण
विभाग के अभियंता बताते हैं कि रेलवे पुल बनाने को तैयार है. रेलवे क्षेत्र के बाद पुल के पहुं च पथ को लेकर समस्या आ रही है. जहां पर पुल बनाया जाना है पूर्व से कई मकान बने हैं, जिसका अधिग्रहण व उसे खाली कराना आसान नहीं होगा. उक्त स्थल पर कई मार्केंटिंग कॉम्पलेक्श भी बने हैं, जो पुल बनने में सबसे बड़ा बाधक है. चर्चा है कि राज्य सरकार की ओर से मामला इसी कारण फंसा है.
आरओबी का स्थान बदलने पर भी हुआ था विचार : गुमटी से अलग हटा कर पुल बनाने पर रेलवे व राज्य सरकार के साथ वार्ता हुई थी. लेकिन इसपर भी बात आगे नहीं बढ़ पायी. चुकी गुमटी के आसपास घनी आबादी है. जगह कम होने से पुल निर्माण में परेशानी हो रही है. चर्चा है कि बाद में दोनों विभाग के अधिकारियों ने माना कि जहां गुमटी है, वहीं पर किसी तरह पुल बना दिया जाये.
रोजाना 70 मेल एक्सप्रेस गुजरती हैं गुमटी से : रेलवे सूत्रों ने बताया कि 53 नंबर गुमटी समस्तीपुर- मुजफ्फरपुर रेलखंड पर स्थित है. इस खंड पर रोजना 70 मेल व एक्सप्रेस ट्रेनें गुजरती हैं. इसके अलावा 30-40 माल ट्रेन व पैसेंजर गाड़ियां हैं. फलस्वरूप हर पांच से दस मिनट बाद गुमटी को बंद कर दिया जाता है. इससे गुमटी के दोनों ओर लगभग दिनभर जाम लगा रहता है. गुमटी पर जाम के कारण समस्तीपुर- ताजपुर रोड भी प्रभावित होता है. जाम के कारण लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ता है.
चीफ इंजीनियर पुल (निर्माण) हाजीपुर ने मई माह में दूसरी बार लौटाया था नक्शा
पुल बनने से शहर के पश्चिमी क्षेत्र के लोगों को जाम से मिलती राहत
वर्षों से लोग गुमटी पर पुल बनाने के लिए कर रहे हैं आंदोलन
बोले रेलवे के अभियंता
मुख्य अभियंता पुल(निर्माण) हाजीपुर ने आरओबी का नक्शा पुन: संशोधन के लिए लौटाया गया था. नक्शे में फिर से सुधार के लिए अभियंता लगे हैं. अभी नक्शा में सुधार का काम पूर्ण नहीं हो पाया है. बहुत जल्द नक्शा को नये सिरे से बनाकर मुख्यालय को भेजी जायेगी. नक्शा पास होने और राज्य सरकार से अनुमति मिलने पर निर्माण कार्य शुरू किया जायेगा.
सौरभ मिश्रा, उपमुख्य अभियंता (निर्माण), पूर्व मध्य रेलवे समस्तीपुर
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