Samastipur : सूखाड़ की राह पर जिला, जून व जुलाई में औसत से 75.5 प्रतिशत हुई कम बारिश
Published by : GIRIJA NANDAN SHARMA Updated At : 10 Jul 2025 6:25 PM
मानसून की दगाबाजी के कारण जिला सूखाड़ की राह पर है.
– जिले में सूखे पड़े ताल तलैया, भूमिगत जलस्तर खिसक रहा नीचे समस्तीपुर . मानसून की दगाबाजी के कारण जिला सूखाड़ की राह पर है.जून व जुलाई में अबतक औसत से 75.5 प्रतिशत कम बारिश हुई है.जून में औसत से 69 प्रतिशत कम बारिश हुई है. जून में औसत वर्षापात 153.8 मिली की जगह महज 47 मिमी बारिश हुई है. जो औसत से 106 मिमी कम है. इसी तरह जुलाई में अबतक औसत से 82 प्रतिशत कम बारिश हुई है. जुलाई में औसतन 286.7 मिमी बारिश हाेनी चाहिये. लेकिन अबतक औसत वर्षा महज 15. मिमी हुई है. हालांकि कि मई में वर्षा की स्थिति सामान्य रही. मई में औसत बारिश 41.3 मिमी की जगह 41.5 मिमी बारिश हुई. अप्रैल में औसत वर्षापात 12.9 मिमी की जगह 39.9 मिमी बारिश हुई. वहीं मार्च में औसत से 99 प्रतिशत कम बारिश हुई. मार्च में औसत वर्षा 8.7 मिमी की जगह महज 0.1 मिमी बारिश हुई. सूखे पड़े हैं ताल-तलैया जिले में बारिश की खराब की स्थिति के कारण ताल-तलैया सभी सूखे पड़े हैं. जलाशयों में पानी नहीं रहने के कारण पशु पक्षियों को भी परेशानी हो रही है. वहीं भूमिगत जल का लेयर भी लगातार नीचे खिसक रहा है. जिले में वर्ष 2020 और 2021 को छोड़ दें तो लगातार औसत से कम बारिश हो रही है. बारिश की स्थिति वर्ष 2008 से खराब होने लगी थी. तब से लगातार औसत से 50 से 60 प्रतिशत कम बारिश होती रही. बीच लॉकडाउन के समय 2020 और 2021 में बहुत अच्छी बारिश हुई थी. लेकिन उसके बाद स्थिति ठीक नहीं रही. नतीजा है कि जलाशय भी सूखे पड़े हैं. जल-जीवन-हरियाली अभियान के तहत जिले में वर्षा जल संचयन को लेकर कई योजना चलायी गयी. 1043 नये जल स्रोत का निर्माण कराया गया. पांच चेक डैम बनाये गये. सरकारी भवनों पर वर्षा जल संचयन सिस्टम बनाये गये, सरकारी कुओं व चापाकलों के पास सोख्ता का निर्माण कराया गया. लेकिन वर्षा नहीं होने के कारण जलाशयों में जल संचयन नहीं हो पा रहा है. मानसून रेखा दक्षिण की ओर शिफ्ट कर गया मानसून रेखा दक्षिण की ओर शिफ्ट कर गया है. इस कारण मानसून कमजोर पड़ा हुआ है. कमजोर मानसून के कारण बारिश नहीं हो रही है. 17-18 जुलाई के बाद बारिश की संभावना है. हालांकि जुलाई में औसत से 40 प्रतिशत कम बारिश की संभावना है. बंगाल की खाड़ी में बन रहे दबाव के कारण झारखंड, बंगाल और मध्य प्रदेश में अच्छी बारिश हो रही है. डॉ. ए सत्तार, मौसम वैज्ञानिक, डॉ. राजेन्द्र प्रसाद केन्द्रीय कृषि विश्वविद्यालय,पूसा
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