गलत संबंध का विरोध करना पड़ा महंगा
Published by : Prabhat Khabar Digital Desk Updated At : 20 May 2015 1:11 AM
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रोसड़ा : विगत डेढ़ माह पूर्व सिंघिया थाना क्षेत्र के बेहट गांव में हुई फांसी लगाकर हत्या मामले में निदरेष लोगों को फंसाये जाने के विरोध में करीब तीन दर्जन से अधिक लोगों ने हस्ताक्षरयुक्त आवेदन डीएसपी को दिया है. इसमें सूचक द्वारा स्वयं अपने कु कृत्य को छुपाने के उद्देश्य से गलत सूचना देकर […]
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रोसड़ा : विगत डेढ़ माह पूर्व सिंघिया थाना क्षेत्र के बेहट गांव में हुई फांसी लगाकर हत्या मामले में निदरेष लोगों को फंसाये जाने के विरोध में करीब तीन दर्जन से अधिक लोगों ने हस्ताक्षरयुक्त आवेदन डीएसपी को दिया है. इसमें सूचक द्वारा स्वयं अपने कु कृत्य को छुपाने के उद्देश्य से गलत सूचना देकर निदरेष लोगों को फंसाये जाने की बात कही है.
गांव के दुर्गा प्रसाद यादव, उधारनी यादव, नकेश्वर यादव, दिनेश यादव, मनोहर यादव, मोती पासवान, सुरेश यादव, भीखो यादव समेत कई दर्जन लोगों ने आवेदन देते हुए ऐसी घटना नहीं होने की बात कही है. लोगों के अनुसार सूचना ममता देवी व सचिन राय के बीच अनैतिक संबंध को मृतक द्वारा देख लिये जाने के कारण साक्ष्य को छुपाने के लिए किया गया.
दर्ज मुकदमा में सूचक ने स्वयं स्वीकार की है कि उनके पति धर्मेद्र राय परिवार के अन्य सभी पुरुष सदस्यों के साथ दिल्ली में मजदूरी करते हैं. कुछ दिन पूर्व ही मृतक देवर राम राय उर्फ भुल्ला राय गांव आया था. मृतक के द्वारा भाभी के साथ गांव के चार लोगों के साथ गलत संबंध का विरोध किया जा रहा था. सूचक ने घर से हटकर एक डेरा बना लिया था जिसका विरोध मृतक किया करता था.
आवेदकों ने उक्त सारी जानकारी देते हुए आगे कहा कि घटना की रात कई बार इसी बात को लेकर हल्ला हुआ था. इससे तंग आकर पड़ोसियों ने मृतक के आग्रह करने पर थाना को सूचित किया. उसके बाद चौकीदार भूपन पासवान ने आकर शांत करवाया. उसके बाद मृतक वापस डेरा गया तो अपनी भाभी एवं सचिन राय के ईल हरकत को देखकर खूब चिल्लाया. पुन: कुछ देर बाद सभी शांत हो गये.
कोई भी पड़ोसी वहां जाने की हिम्मत नहीं की. इसके बाद आवेदकों ने कहा है कि अगले सुबह पता चला कि मृतक राम राय उर्फ भुल्ला राय अपनी भाभी के ही साड़ी से फांसी लगाकर मर गया है. कुछ देर बाद सचिन का भाई एवं सहयोगी ने नयी कहानी बनाकर अपने दोष को छुपाने एवं गवाहों को प्रशासन से दूर रखने के उद्देश्य से नामजद आरोपितों को फंसाने के लिए हंगामा करते हुए केस दर्ज किया.
ताकि ये लोग रात की घटना का गवाही न दे सके. साथ ही कहा है कि इस कांड के आरोपित कैलाश यादव, सागर यादव एवं संतोष यादव सामाजिक लोग हैं. आवेदकों ने इस कांड की सीबीआइ जांच कराने की भी मांग की है.
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