मोबाइल का सीडीआर निकालने में जुटी पुलिस
Edited by Prabhat Khabar Digital Desk
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समस्तीपुर : पति की जगह लेने की ख्वाहिश लेकर समस्तीपुर पहुंचा जुमई जिला के सोनो निवासी ब्रह्मदेव यादव के पुत्र वासुकी यादव के मोबाइल का सीडीआर निकालने की प्रक्रिया में पुलिस जुट गयी है ताकि सात वर्षो से अपने घर नहीं लौटे मुफस्सिल थाना क्षेत्र के डढिया बेलार गांव निवासी परमेश्वर राय के पुत्र लक्ष्मण […]
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समस्तीपुर : पति की जगह लेने की ख्वाहिश लेकर समस्तीपुर पहुंचा जुमई जिला के सोनो निवासी ब्रह्मदेव यादव के पुत्र वासुकी यादव के मोबाइल का सीडीआर निकालने की प्रक्रिया में पुलिस जुट गयी है ताकि सात वर्षो से अपने घर नहीं लौटे मुफस्सिल थाना क्षेत्र के डढिया बेलार गांव निवासी परमेश्वर राय के पुत्र लक्ष्मण राय का पता चल सके.
हालांकि इस कार्य में पुलिस को अभी कुछ वक्त लगेगा क्योंकि मोबाइल सीडीआर के बाद पुलिस को हर उस नंबर को खंगालने के लिए कड़ी मशक्कत करनी पड़ेगी जिससे वासुकी का संपर्क हुआ होगा.
वैसे पुलिस का मुख्य फोकस उन दो मोबाइल के नंबरों पर आकर टिकेगी जिसके कारण वासुकी कथित रूप से हवालात तक पहुंचा है. इन दो नंबरों में वासुकी के दो अजीज मित्र कामेश्वर यादव और सागर वर्णवाल हैं जिसके मोबाइल नंबर पर बुधवार को पुलिस की बात भी हुई थी.
हालांकि इसके बाद से दोनों नंबर ऑफ मिल रहे हैं जिसके कारण पुलिस का संदेह और भी गहरा हो गया है. खास बात यह है कि वासुकी राय के ये दोनों मित्र जमुई के ही रहने वाले हैं. जिस तक पहुंचने के लिए पुलिस ने अपनी ओर से जाल बिछाने का काम शुरू कर दिया है. इधर, जैसे जैसे मामला उलझता जा रहा है लक्ष्मण के परिवार वालों के दिलों की धड़कन तेज होती जा रही है. परिवार वाले उसके महफूज होने को लेकर ऊपर वाले से विनती करने में जुटे हैं तो निगाहें इस प्रकरण में शुरू की गयी पुलिसिया छानबीन पर आकर अटकी हुई है.
इस मामले को लेकर संपर्क करने पर मुफस्सिल थानाध्यक्ष राजेश कुमार का कहना है कि पुलिस अपनी ओर से लक्ष्मण को खोज कर सामने लाने के लिए हर संभव कोशिश में जुट गयी है. जल्द ही पुलिस उसे सामने लाकर पूरे प्रकरण पर चढे रहस्यों का परदा उतार फेंकेगी.
कामेश्वर व सागर ही खोलेगा लक्ष्मण का राज
सात वर्षो से अपने घर नहीं लौटे लक्ष्मण राय के गुम होने के मामले में चढ़े रहस्यों पर से वासुकी के दो मित्र कामेश्वर यादव और सागर वर्णवाल ही परदा उठा सकता है. क्योंकि हवालात पहुंचने के बाद वासुकी ने पुलिस के समक्ष स्पष्ट किया था कि लक्ष्मण के घर का मोबाइल नंबर उसे इन्हीं मित्रों में से एक ने उपलब्ध कराये थे.
इतना ही नहीं उस पर मिस्ड कॉल करने के लिए भी इन्हीं मित्रों में से किसी एक ने प्रेरित किया. इसके बाद उसने पति की जगह खुद को पेश कर उसके मोबाइल पर घर का पूरा हुलिया बता कर महिला को भरोसे में लिया कि वही उसका पति है.
घर का हुलिया बताने के कारण महिला को विश्वास हुआ तो उसने बच्चों का हवाला देकर उसे घर आने के लिए तैयार किया. आश्चर्य की बात यह है कि जब वासुकी उसका पति था नहीं तो वह समस्तीपुर आया ही क्यों. इन सभी तथ्यों का खुलासा तभी हो पायेगा जब पुलिस कामेश्वर और सागर को ढूंढने में कामयाब होगी.
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