परिचालन सामान्य करने की शुरू हुई कवायद
समस्तीपुर : यात्रियों की संख्या अधिक होने से ट्रेन का वजन बढ़ जा रहा है जिससे परिचालन में तकनीकी समस्या हो रही है. इस समस्या के समाधान के लिए रेलवे ने एलएचबी रैक के जनरल डब्बों से लगेज बैंकर यानी सामान रखने की जगह हटाने का निर्णय लिया है. सीपीआरओ राजेश कुमार ने बताया कि पूर्व मध्य रेल के मुख्य यांत्रिक प्रबंधक की ओर से जारी आदेश के बाद धनबाद में गंगा-सतलज एक्सप्रेस से बैंकर हटाने का काम शुरू कर दिया है. एलएचबी रैक के जनरल कोच में पारंपरिक कोच की तुलना में आधुनिक लगेज बैंकर लगाए गए हैं. जनरल कोच में अत्यधिक भीड़ होने पर सामान रखने वाली जगह पर यात्री बैठकर सफर कर रहे हैं. रेलवे के अनुसार लगेज बैंकर में यात्रियों के बैठने की वजह से ट्रेन पर वजन बढ़ रहा है जिससे परिचालन में समस्या हो रही है. जनरल कोच में लगे लगेज बैंकर हटाए जा रहे हैं.
रेलवे के इस निर्णय के कारण अब जनरल डब्बों में सफर करने वाले यात्रियों को अपने साथ सामान ले जाने के लिए विकल्प तलाशना होगा. बताते चले कि जनरल श्रेणी के यात्री को अधिकतम 70 केजी सामान ले जाने की अनुमति, पारंपरिक कोच में लगेज बैंक हटाने को लेकर निर्णय नहीं है.
रेल आरक्षण में किन्नरों को भी बतानी होगी पहचान: रेल यात्र में समान्य पुरु ष और महिला की भांति अब किन्नरों (थर्ड जेंडर) को भी अपनी पहचान बतानी होगी. सिर्फकिन्नर का उल्लेख करने से ही काम नहीं चलेगा. उन्हें यह भी बताना होगा कि वे पुरुष हैं या महिला. किन्नरों की पहचान सुनिश्चित करने के लिए रेलवे ने आरक्षण मांग पत्र में कॉलम निर्धारित कर दिया है, जिसे भरना अनिवार्य है. मांग पत्र में राष्ट्रीयता का कॉलम पहले से ही अनिवार्य है. यह कॉलम तो अब ई टिकट में भी भरना पड़ रहा है. इसके अलावा मांग पत्र में 5 से 11 वर्ष तक के बच्चों के लिए अलग से कॉलम निर्धारित किया जाएगा. इस कॉलम में आवेदक से पूछा जाएगा कि 5 से 11 वर्ष के आयु के बच्चे के लिए बर्थ चाहते हैं या नहीं. दरअसल, 5 से 11 वर्ष तक के बच्चों के लिए बर्थ की मांग करने पर आवेदक को पूरा किराया देना होता है. अगर आवेदक बच्चे के लिए बर्थ की मांग नहीं करता है तो उसे आधा किराया देना पड़ता है, और बच्चे को बर्थ आरिक्षत नहीं होती. मांग पत्र पर यात्रियों के नाम में 15 अक्षर से अधिक स्वीकार नहीं किए जा रहे हैं.
बापू को स्वच्छता की श्रद्धांजलि देने की तैयारी: राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की 150वीं जयंती पर इस साल एक पखवारे तक देशभर की रेलगाड़ियां अलग अंदाज में दिखेंगी. बापू को स्वच्छता की श्रद्धांजलि दी जाएगी. अक्टूबर से मार्च तक अलग-अलग प्रसंग पर कार्यक्रम भी होंगे. इनके जरिये जागरूकता संदेश दिए जाएंगे. रेलवे बोर्ड के चेयरमैन के निर्देश के बाद सभी रेलवे स्टेशनों पर इसकी तैयारी शुरू कर दी गई है. समस्तीपुर से खुलने वाली ट्रेनों के कोच में भी स्वच्छ भारत का लोगो लगाया जाएगा. वहीं राष्ट्रीय ध्वज का स्टिकर लगाने संबंधी दिशा-निर्देश भी जारी कर दिया गया है. पखवाड़े की शुरुआत श्रमदान से होगी. पहले दिन रेलवे अधिकारी व कर्मचारी झाड़ थामेंगे. रेलवे स्टेशन, ट्रेन के साथ कॉलोनी और कार्यस्थल की भी सफाई होगी. रेलवे ने 43 स्टेशनों की पहचान की है,
जिनका महात्मा गांधी के साथ विशेष संबंध है. इन स्टेशनों को थीम आधार पर पेंट किया जाएगा. इन 43 स्टेशनों में बापूधाम मोतिहारी,दिल्ली, लखनऊ, मुंबई, सूरत, दानापुर आदि शामिल हैं. सीपीआरओ ने बताया कि बोर्ड ने अक्तूबर 2018 से शुरू होकर अगले छह महीनों के लिए थीम भी तय की है. इनमें स्वच्छता, अहिंसा, स्वैच्छिक सामुदायिक सेवा, सांप्रदायिक एकता, अस्पृश्यता का खात्मा और महिला सशक्तीकरण शामिल हैं.
