अपनों को तड़प-तड़प कर मरते देखती रह गयीं बेबस आंखें

Published at :02 Dec 2017 6:40 AM (IST)
विज्ञापन
अपनों को तड़प-तड़प कर मरते देखती रह गयीं बेबस आंखें

दर्दनाक . पिता को बचाने में गयी सुनील की जान समस्तीपुर : शहर के घोषलेन में गुरुवार की रात हुई हृदयविदारक घटना ने मोहल्ले में रहने वाले लोगों को झकझोर कर रख दिया है. घर के अंदर आग की चादर में लिपट कर घुट-घुट कर मर रहे सुनील ऑटो मोबाइल्स के परिवार वालों को चाह […]

विज्ञापन

दर्दनाक . पिता को बचाने में गयी सुनील की जान

समस्तीपुर : शहर के घोषलेन में गुरुवार की रात हुई हृदयविदारक घटना ने मोहल्ले में रहने वाले लोगों को झकझोर कर रख दिया है. घर के अंदर आग की चादर में लिपट कर घुट-घुट कर मर रहे सुनील ऑटो मोबाइल्स के परिवार वालों को चाह कर भी लोग बचाने की हिम्मत नहीं जुटा पाये. लोग बेवस निगाहों से मौत के इस मंजर को निहारते रह गये. जब तक फायर दस्ते की टीम पहुंची और आग की लपटों को फीका किया तब तक चार जानें जा चुकी थी. रात के करीब 2 बजे घटनास्थल पर मौजूद लोग उस क्षण पर पछतावा कर रहे थे जब घर के अंदर से शिवम के साथ उसके पिता सुनील दुआ को एक बार बाहर निकाल लेने के बाद फिर से अंदर जाने की इजाजत दे दी. लेकिन लोग मजबूर थे. वह अपने उस बूढ़े और लाचार पिता को बचाने की जिद में अंदर गया था जिसने उसे इस दुनिया में लाकर अपना नाम दिया था.
प्रत्यक्षदर्शियों की मानें तो एक क्षण के लिए यूं लगा था कि सुनील अपने पिता को वापस ले आयेगा लेकिन इसी बीच होनी ने अपना कारनामा कर दिखाया. रास्ते पर पहले से खड़ी बुलेट अचानक गिर गयी. जिसकी टंकी से पेट्रोल बाहर निकल आया जिसने पहले से उठ रही आग की लपटों को सुनील और उसके पिता के पास और तेज कर दिया. दोनों की हिम्मत जवाब दे गया. कुछ ही देर में दोनों तिल-तिल झुलस कर मर गये.
शादी समारोह में आयी थी मौसी
उत्तर प्रदेश जौनपुर की रहने वाली सुनील की मौसी बेदी सेठी किसी रिश्तेदार के घर शादी समारोह में भाग लेने के लिए समस्तीपुर आयी थी. घटना की रात समारोह स्थल से वह भी आराम करने की नीयत से घोषलेन चली आयी. उसे क्या पता था कि इस रात सोने के बाद वह अगले दिन का सूरज देखने वाली नहीं है. अपनी बहन के साथ एक ही बिस्तर पर सो रही इस महिला की लाश निकाली, तो लोगों की आंखें बरबस ही छलक आयीं.
चार बहनों का इकलौता भाई है शिवम
लोगों का कहना है कि सुनील की चार बेटियां हैं. इसमें से तीन की शादी हो चुकी है. एक बेटी पढ़ रही है. सुनील को अपना कोई पुत्र नहीं हुआ. इसके बाद वर्षों पूर्व भतीजे को ही गोद ले लिया. सबसे छोटी लड़की गूंजा चंडीगढ़ में रहती है. वहां फैशन डिजाइनिंग का कोर्स पूरा कर रही है. कुछ ही दिनों पहले वह समस्तीपुर से वापस चंडीगढ़ गयी है. इसी बीच घर में हुई इस घटना की जानकारी उसे मिली और वह समस्तीपुर के लिए रवाना हो गयी है.
ग्राउंड फ्लोर से लगी
आग ने घेरा रास्ता
लोगों का कहना है कि सुनील ने अपने घर के निचले हिस्से में मोटर पार्ट्स का गोदाम बना रखा था. आग भी यही से लगी. जिसके कारण नीचे के हिस्से में आग धधक रही थी. ऊपर सो रहे घर के सभी सदस्य अंदर ही फंस गये. चाह कर भी लोग नीचे उतर नहीं पा रहे थे. और अंतत: चार जानें चली गयी.
विज्ञापन
Prabhat Khabar Digital Desk

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar Digital Desk

यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन