घरों में घुसा नाले का गंदा पानी झमाझम बारिश
Published by :Prabhat Khabar Digital Desk
Published at :12 Jul 2017 5:32 AM (IST)
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सड़कों पर बह रहा पानी, निचले इलाके में जलजमाव समस्तीपुर : सावन आ गया. इसका अहसास खुद उसी ने कराया. इठला-इठला कर दूसरे दिन भी इतना बरसा कि शहरी सड़कें जलमय हो गयीं. खेत जलमग्न हैं. तन-मन सब भींग गया. गरमी व उमस का पता नहीं चल रहा है कि किस कोने में छुप गयी […]
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सड़कों पर बह रहा पानी, निचले इलाके में जलजमाव
समस्तीपुर : सावन आ गया. इसका अहसास खुद उसी ने कराया. इठला-इठला कर दूसरे दिन भी इतना बरसा कि शहरी सड़कें जलमय हो गयीं. खेत जलमग्न हैं. तन-मन सब भींग गया. गरमी व उमस का पता नहीं चल रहा है कि किस कोने में छुप गयी है. कभी बारिश की मोटी धार, तो कभी फुहार का सिलसिला जारी ही रहा. किसान हंसी खुशी खेती में मशगुल हैं. इधर, शहरवासी परेशान हैं. जब से बारिश शुरू हुई घर से पांव पैदल निकलना मुश्किल हो गया है.
पैदल चलो तो कीचड़ में घुसो, पास से गुजरने वाले वाहन के छींटे कपड़े को बदरंग करेंगे, नाली का पानी सड़क पर तैरता मिलेगा, उससे उठने वाला दुर्गंध से बचने के लिए पॉकेट में रूमाल टटोलना पड़ेगा. कहने का आशय है कि परेशानी एक नहीं कई एक साथ लेकर शहरवासियों के लिए आया है. मॉनसून की बारिश शुरू हो गयी है. इस वजह से शहर के कई क्षेत्र में बारिश का पानी लगना लाजिमी है. गंदे पानी के जमाव से मच्छरों का प्रकोप काफी तेजी से बढ़ना शुरू हो गया है. नगर परिषद की सफाई व्यवस्था की पोल बारिश ने खोल कर रख दी. सड़कों पर लगे जलजमाव वाले क्षेत्र से जैसे-तैसे बचते हुए बच्चों को स्कूल तक पहुंचाये और दैनिक रुटीन कार्य को निबटाये. वे रास्ता तय करते समय नप को कोस रहे थे.
बारिश से सड़क व नाले का फर्क मिटा : विगत कुछ दिनों से रुक-रुक कर हो रही बारिश के दौरान सोमवार की रात में हुई मूसलाधार बारिश ने शहर की सूरत ही बिगाड़ कर रख दी. ऐसा लगा कि मानों पूरा शहर ही पानी से लबालब होकर रह गया है. कहीं सड़क पर पानी बह रहा है, तो कोई इलाका झील में तब्दील नजर रहा है. कई सड़कें जल निकासी व्यवस्था के अभाव में जलजमाव की चपेट आ गयीं. इससे शहरवासी असमंजस में पड़ गये तथा परेशानी झेलने को विवश दिखाई दे रहे. शहर के काशीपुर, कचहरी रोड, प्रोफेसर कॉलोनी, वीर कुंवर सिंह कॉलोनी, गर्ल्स हाइस्कूल रोड, गुदरी बाजार, धर्मपुर समेत अन्य सड़कें जलजमाव की चपेट में आ गये हैं. इन मोहल्ले में कई घरों में नाले का गंदा पानी भी घुस गया. मोहल्ले में लगे कूड़ों के अंबार से निकल रही बदबू से लोगों को रहना मुश्किल हो गया है. शहर के पंजाबी कॉलोनी का इलाका जो कि तटबंध से एकदम सटा हुआ है, पूरे इलाके में नाला एवं सड़क नहीं रहने के कारण इस इलाके के लोगों का जन जीवन प्रभावित हो गया है. इस इलाके के कपिलेश्वर राम, रोहन कुमार, जगदीश राम, राहुल कुमार, गोपाल महतो, नीलम देवी, दामिनी देवी, सुधा कुमारी, मनोज कुमार मल्लिक ने संयुक्त हस्ताक्षर से एक आवेदन नगर परिषद के इओ को देकर अविलंब जल जमाव की समस्या से निजात दिलाने की मांग की गयी है.
जलनिकासी की व्यवस्था नहीं
नगर परिषद के सिटी मैनेजर अरविंद कुमार के नेतृत्व में सफाई कर्मियों की एक टीम ने शहर के विभिन्न भागों का निरीक्षण कर कई मुख्य नालों की सफाई कराकर जल निकासी के अवरुद्ध मार्ग को खोला. इस संबंध में सिटी मैनेजर ने बताया कि शहर के नीम चौक, बारह पत्थर, मोहनपुर, पंजाबी कॉलोनी के विभिन्न भागों में बने नालों की सफाई कराकर जल निकासी की व्यवस्था की गयी. कई जगहों पर नाला काफी पुराना होने के कारण भी पानी के निकासी में समस्या उत्पन्न कर रहा है.
आसमान में काले बादल नीचे परेशानी का कारण
आसमान में काले-काले बादल छाये हैं और नीचे लोगों का दिल धड़क रहा है. पानी की टीप-टीप व घर में सामान की बचाने की जद्दोजहद. सोमवार को यह नजारा था प्रोफेसर कॉलोनी का. तेज बारिश से दर्जनों घरों में आफत ही आ गयी. कई लोगों के घरों में पानी प्रवेश कर गया. इस कॉलोनी के निवासी टीपू ने बताया कि सड़क ऊंचा व घर नीचे होने के कारण घर में पानी प्रवेश कर चुका है. कामकाज छोड़ कर पानी को बाहर निकलने का प्रयास कर रहे. सबसे ज्यादा बच्चों को हो रही है. जल जमाव की समस्या को दूर करने के लिए उन्होंने एक छोटा-मोटर लगा पानी बाहर निकालने का इंतजाम कर रखा है. घर के अधिकांश सामान टेबुल, कुरसी व पलंग पर रख बचाया जा रहा है. जलजमाव के कारण खाना बनाने में अधिक परेशानी हो रही है. उन्होंने बताया कि सड़क में ऐसा नाली बनाया गया है कि नाली से पानी तो नहीं निकलता लेकिन गंदे नाले का पानी घर में जरूर प्रवेश कर जाता है.
डीइओ ऑफिस में टपकने लगा पानी, फाइलों पर रखे गये बोरे
सोमवार की रात और मंगलवार को लगातार हुई बारिश के कारण डीइओ के कार्यालय में भी पानी टपकना शुरू हो गया है. इसके कारण कई महत्वपूर्ण फाइलों के बंडलों को पानी से बचाने के लिए बोरे की मदद से ढक कर बचाया जा रहा है. कार्यालय में कार्यरत कर्मियों को भी समझ नहीं आ रहा था कि दर्जनों फाइलों को पानी से कैसे बचाया जाये. कर्मियों ने फाइलों के गांठ जल्दी-जल्दी इधर-उधर टेबल कुरसी व आलमीरा पर जैसे-तैसे रखकर बचाने के प्रयास में दिनभर लगे रहे. डीइओ सत्येंद्र झा भी अपने कार्यालय के मुख्य द्वार पर लगे जल जमाव पार करके अपने कक्ष तक पहुंचे. उन्होंने कर्मियों को फाइलों को बचाने के प्रयास की सराहना की.वर्षा के कारण जहरीले जीव-जंतु भी कार्यालय शरण लेने के लिए पहुंच गये हैं. ऐसे में कर्मियों को फाइलों के बचाव के साथ-साथ अपनी सुरक्षा की भी चिंता सता रही है. कार्यालय कक्ष में कई जगहों पर पानी टपकने के कारण भी कर्मियों को बैठने में समस्या उत्पन्न हो रही है.
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