दुकानें खुलीं, बिना बिलिंग हुई बिक्री

Published at :02 Jul 2017 12:38 AM (IST)
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दुकानें खुलीं, बिना बिलिंग हुई बिक्री

जीएसटी. 90 फीसदी व्यापारियों को नहीं पता नियम, बाहरी राज्यों से नहीं मंगाया जा रहा माल समस्तीपुर : जीएसटी व्यापारियों के लिये अनबूझ पहेली सी बनी है. 90 फीसदी व्यापारियों के लिए जीएसटी के कायदे कानून समझ से परे साबित हुए. चाहे गल्ला कारोबार हो या सर्राफा बाजार अधिकांश जगहों पर स्थिति एक-सी बनी रही. […]

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जीएसटी. 90 फीसदी व्यापारियों को नहीं पता नियम, बाहरी राज्यों से नहीं मंगाया जा रहा माल

समस्तीपुर : जीएसटी व्यापारियों के लिये अनबूझ पहेली सी बनी है. 90 फीसदी व्यापारियों के लिए जीएसटी के कायदे कानून समझ से परे साबित हुए. चाहे गल्ला कारोबार हो या सर्राफा बाजार अधिकांश जगहों पर स्थिति एक-सी बनी रही. दुकानें तो खुली मगर जीएसटी की समस्या के कारण कुछेक दुकानों को छोड़कर बिक्री का काम बिना बिलिंग के ही हुआ. बाजार में लोगों की उपस्थिति भी कम दिखी. वहीं व्यापारियों के बीच जीएसटी चर्चा का विषय बना रहा.
बाजार में अलग अलग चर्चा चल रही थी. ब्रांडेंड कपंनियों के सॉफ् टवेयर अपडेट नहीं होने के कारण बिलिंग का काम रुका रहा. यूं तो बाजार में जीएसटी शनिवार से लागू हुआ मगर इसने बाजार को एक माह पहले से ही प्रभावित करना शुरु कर दिया था. जीएसटी के कारण अधिकांश दुकानदारों ने विगत माह में दूसरे राज्यों से माल मंगाया ही नहीं. जिसका असर उनके स्टॉक पर भी देखने को मिला.
40 लाख की जगह अब 20 लाख पर ही देना होगा टैक्स
सरार्फा व्यवासायी संघ के सचिव विजय कुमार उर्फ गोपी जी ने कहा कि पहले स्वर्ण व्यवासायी वैट में 40 लाख पर एकमुश्त टैक्स देते थे. वहीं अब 20 लाख से अधिक के व्यापार पर टैक्स देना होगा. इसके अलावा एकाउटेंट रखकर आय व्यय का ब्यौरा देना होगा. सारी प्रक्रिया ऑनलाइन होने के कारण इस व्यवासाय से जुड़े लोगों को काफी परेशानी होगी. पहले संघ जहां एक फीसदी टैक्स देने के लिये विरोध जता रहा था. वहीं अब 3 फीसदी कर लगा दिया गया है. यह तो स्वर्णकारों की जेब से ही जायेगी.
दो माह से नहीं मंगाया जा रहा माल
कपड़ा व्यवसायी मारवाड़ी बाजार के कृष्णा कलेक्शन के महेश कुमार पहुजा ने कहा कि वस्त्र उद्योग में मुख्य रुप से गुजरात, उत्तर प्रदेश से सामान मंगाया जाता है. जीएसटी की जानकारी न तो जिला और न ही उत्पादक ही बता पा रहे हैं. पसोपेश में दो माह से माल व्यापारी नहीं मंगा रहे हैं. वहीं शनिवार को भी बाजार पूरी तरह सुस्त रही.
दवा व्यवसाय पर भी असर, नहीं हुए बड़े सौदे
मूलचंद रोड के दवा करोबारी नेशनल फर्मा के जावेद आलम ने कहा कि दवा कंपनियों ने आज बिलिंग रोकी रखी है. दो तीन दिनों में ठीक होने की संभावना है. इसका असर दवा करोबार पर भी हुआ है. हालांकि कर की दरों की बनी अनिश्चिता के कारण कुछ भी समझ नहीं आ रहा है. बड़े सौदे नहीं किये गये.
रेस्टोरेंट व होटलों से
लोगों ने बनायी दूरी
होटल गिरजा के मैनेजर गौतम कुमार ने कहा कि पहले 10 फीसदी कर लगता था. अब 12 फीसदी कर दिया गया है. वहीं शनिवार को कारोबार 25 फीसदी तक सिमट कर रह गया है. जब तक जीएसटी पर छाया धुंध खत्म नहीं हो जाता है. लोग होटल व रेस्टारेंट आने में हिचकेंगे.
बाइक बाजार ने किया जीएसटी का स्वागत
वाहन बाजार ने जीएसटी का स्वागत किया है. अनंता बजाज के मैनेजर आरएन मुखिया ने कहा कि जीएसटी के कारण बाइक के दामों में 1000 से 3300 तक की कमी आयी है. इस कारण से 30 जून व 1 जुलाई को एक ही तरह का कारोबार हुआ है. वाहन बाजार में कई तरह के कर लगते थे. इसे हटाने से बाजार को राहत मिली है.
सॉफ्टवेयर अपडेट के कारण हो रही समस्या
वी मार्ट के स्टोर इंचार्ज दिनेश शर्मा ने बताया
कि कंपनी के सॉफटवेयर को अपडेट करने के कारण बिलिंग में समस्या आयी है. जिसे दूर कर लिया जायेगा. वहीं शनिवार को खरीदारी कम हुई हैं. हालांकि ग्राहकों को किसी तरह की समस्या नहीं आने दी गयी है. माह के अंतिम व पहले दिन वैसे भी खरीदारी काफी कम रहती है.
इलेक्ट्रॉनिक बाजार में छायी रही मंदी
मूलचंद रोड के वेलकम इलेक्ट्रॉनिक के जावेद आलम ने कहा कि उन्हें जीएसटी समझ ही नहीं आया. कारोबार पूरी तरह शनिवार को ठप रही. जीएसटी के संदर्भ में वाणिज्य कर ने किसी तरह की जानकारी आम लोगों को उपलब्ध नहीं कराया है जिससे समस्या और भी बढ गयी है.
गल्ला कारोबारियों ने किया जीएसटी का स्वागत
मारवाड़ी बाजार के गल्ला कारोबारी गिरीश कुमार ने कहा कि ग्ल्ला व्यवसाय लिए यह फायदेमंद है. वैसे आम लोगों की जरूरत की सामान होने के कारण खरीदारी शनिवार को हुयी है. मगर कोई बड़ी खरीदारी नहीं हो पायी है. वहीं बिलिंग की समस्या के कारण मंडी से खाद्यान्न का उठाव भी नहीं हो सका है. जब तक बिलिंग की समस्या दूर नहीं होती है कारोबार प्रभावित रहेगा.
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