नाले फिर भी जाम कुव्यवस्था. उड़ाही के नाम पर लाखों खर्च

Published at :29 Jun 2017 5:39 AM (IST)
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नाले फिर भी जाम कुव्यवस्था. उड़ाही के नाम पर लाखों खर्च

समस्तीपुर : शहर में पक्के नाले-नालियों का अभाव कायम है़ कई जगहों पर मौत को आमंत्रण देते खुले में आउटफाल मुख्य नाला भी कायम है, तो कई नाले जर्जर हालात में वहीं कई स्थानों पर नालियों का अतिक्रमण कर लिया गया है़ शहर में आबादी की तुलना में पर्याप्त नाले नालियां नहीं है़ं शहर के […]

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समस्तीपुर : शहर में पक्के नाले-नालियों का अभाव कायम है़ कई जगहों पर मौत को आमंत्रण देते खुले में आउटफाल मुख्य नाला भी कायम है, तो कई नाले जर्जर हालात में वहीं कई स्थानों पर नालियों का अतिक्रमण कर लिया गया है़ शहर में आबादी की तुलना में पर्याप्त नाले नालियां नहीं है़ं शहर के कई नये बसे इलाके में नाले बने ही नहीं है़ वहीं पुराने इलाके में 14 साल पुराने बने मुख्य सभी आउटफॉल नालों का अस्तित्व लगभग समाप्त हो गया है़ लिहाजा हल्की बारिश में शहर जल में गोता लगाने लगता है़ अधिकांश मुख्य नालों का अस्तित्व समाप्त हो चुका है, केवल नाम के लिए ही ये मुख्य नाले हैं.

अतिक्रमण की भेंट चढ़े शहर के नाले : शहर की नाले-नालियां अतिक्रमण की चपेट में है़ इस कारण नये इलाके बारिश में डूब जाते हैं, पुराने इलाकों का पानी भी नहीं निकल पाता है़ समस्या जस-की-तस बनी रहती है़ ताजपुर रोड में सड़कों के दोनों किनारे नाला बना था, लेकिन धीरे-धीरे दक्षिण दिशा में बने नाले भर जाने व अतिक्रमण कर लिए जाने के कारण भी जलनिकासी प्रभावित हो रही है. अतिक्रमण के खिलाफ अभियान चलाने की योजना केवल फाइलों तक सिमट कर रह गयी है़
सूत्रों की मानें, तो मुख्य आउटफाॅल नाला सफाई के नाम पर राशि खर्च कर दिया जाता है़ लेकिन समस्या जस-की-तस बनी हुई है़ नालियां जाम होने के कारण शहर के अधिकांश इलाके जलमग्न हो जाते है़ं
नालों में भरा है कूड़ा-कचरा : नगर परिषद क्षेत्र के विभिन्न वार्ड में नालों में कूड़ा-कचरा भरा पड़ा है़ इससे हल्की बारिश होने पर भी क्षेत्र में जलजमाव लग जाता है़ इससे आसपास के मोहल्ले के लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ता है़
पूर्व वार्ड पार्षद राजीव रंजन सिंह ने कहा कि कुछेक मुख्य नालों की ऊपरी सफाई कर कार्य को विराम दे दिया गया है़ नालों में भरी गाद व गंदे पानी में सड़न होने की वजह से उसमें से बदबू उठता रहता है. इसके अलावा मच्छरों की संख्या में लगातार भारी बढ़ोतरी हो रही है. इस पूरे समस्या से निजात देने की अब तक किसी भी तरह की पहल नप पदाधिकारी ने नहीं किया है. हाल में हुई बारिश में शहर में जगह-जगह जलजमाव और लगे जाम ने नप को शहर की स्थिति का आईना दिखा दिया है. यह स्थिति तब दिखी जबकि बारिश कुछ घंटे ही हुई. ऐसे में शहर के महत्वपूर्ण जगहों पर जलजमाव से शहर की सूरत बिगड़ने से इनकार नहीं किया जा सकता़
मुकाम नहीं पा रहा ड्रेनेज सिस्टम
नवगठित नगर परिषद बोर्ड की बैठक छह जुलाई को बुलायी गयी है़ नप के नवनिर्वाचित पार्षदों के साथ सामान्य बोर्ड की पहली बैठक होगी. नप अध्यक्ष तारकेश्वर नाथ गुप्ता ने बताया कि बैठक की तिथि निर्धारित कर दी है. सभी नवनिर्वाचित पार्षदों को पत्र देकर बैठक में शामिल होने की सूचना देने की प्रक्रिया जारी है़ सिटी मैनेजर अरविंद कुमार ने बताया कि नप अध्यक्ष के निर्देश पर आयोजित इस बैठक में बरसात से पूर्व शहरभर के नाले-नालियों की विशेष सफाई के अलावे शहर के दैनिक साफ-सफाई व उसकी व्यवस्था को और प्रभावी बनाने की कार्य योजना तय की जायेगी़ राजस्व संग्रह व पार्षद्गण द्वारा उठाये गये अन्यान्य प्रस्तावों पर भी नप बोर्ड की बैठक में विचार-विमर्श किया जायेगा. बता दें कि सामान्य बोर्ड की पहली बैठक की कार्यवाही सरकार को भी भेजी जानी है.
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