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टीवी मुक्त भारत अभियान को लेकर प्राइवेट आयुष चिकित्सकों को दिया गया प्रशिक्षण

Updated at : 05 Feb 2026 6:40 PM (IST)
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टीवी मुक्त भारत अभियान को लेकर प्राइवेट आयुष चिकित्सकों को दिया गया प्रशिक्षण

जांच एवं उपचार से संबंधित दिशा-निर्देशों पर विस्तार से जानकारी दी गयी.

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सहरसा टीवी मुक्त भारत अभियान को सफल बनाने के लिए सदर अस्पताल स्थित पारा मेडिकल संस्थान में गुरुवार को प्राइवेट आयुष चिकित्सकों का एक दिवसीय प्रशिक्षण सह कार्यशाला का आयोजन किया गया. कार्यक्रम सिविल सर्जन डॉ राज नारायण प्रसाद, जिला संचारी रोग पदाधिकारी डॉ सुशील कुमार आजाद, डब्लूएचओ कंसल्टेंट डॉ अस्फाक नाजीर बट्ट व जिला कार्यक्रम प्रबंधक विनय रंजन की मौजूदगी में किया गया. कार्यक्रम जिला यक्ष्मा केंद्र एवं एचएलएफपीपीटी द्वारा किया गया. कार्यशाला में आयुष चिकित्सकों को राष्ट्रीय क्षय रोग उन्मूलन कार्यक्रम से जोड़ने पर विशेष जोर दिया गया. कार्यशाला में टीवी रोगियों की पहचान, संदिग्ध मरीजों के रेफरल की प्रक्रिया, जांच एवं उपचार से संबंधित दिशा-निर्देशों पर विस्तार से जानकारी दी गयी. डॉ अस्फाक नाजीर बट्ट ने टीवी के लक्षणों के बारे में बताया कि किसी व्यक्ति को दो सप्ताह से अधिक समय तक लगातार खांसी हो, जिसमें बलगम या कभी-कभी खून आये, शाम के समय बुखार व पसीना आये, बिना किसी स्पष्ट कारण के तेजी से वजन घटे, भूख कम लगे या सांस लेने व खांसने पर सीने में दर्द महसूस हो तो उसे तुरंत जांच करानी चाहिए. समय पर पहचान एवं इलाज से टीवी को पूरी तरह ठीक किया जा सकता है. कार्यशाला में एचएलएफपीपीटी के स्टेट प्रोग्राम मैनेजर आकाश कुमार झा ने बताया कि अब टीवी मरीजों के सैंपल ट्यूब पर यूनिक क्यूआर कोड लगाया जाएगा. जिसमें मरीज का नाम, उम्र एवं जांच से संबंधित पूरी जानकारी होगी. इससे सैंपल के बदलने या गुम होने की संभावना समाप्त हो जाएगी. सैंपल कलेक्शन से लेकर लैब में प्रोसेसिंग तक हर चरण में क्यूआर कोड स्कैन किया जाएगा. जिससे यह स्पष्ट रहेगा कि सैंपल किस स्थिति में है. हाथ से लिखने की बजाय क्यूआर कोड से डाटा एंट्री करने पर मानवीय त्रुटियां भी कम होगी. क्यूआर कोड आधारित प्रणाली से यक्ष्मा मरीजों की संवेदनशील जानकारी सुरक्षित रहती है एवं केवल अधिकृत व्यक्ति ही इसे स्कैन कर सकता है. कार्यशाला में आयुष एंगेजमेंट ऑफिसर सुजीत कुमार, जिला समन्वयक मो इमरान सहित एनटीईपी से जुड़े विभिन्न कर्मियों ने तकनीकी व व्यवहारिक जानकारी दी. कार्यक्रम में एसटीएस राजीव कुमार, डब्ल्यूएचओ के प्रवीण कुमार मिश्र, डीएफआईटी के प्रदीप कुमार, एनटीईपी काउंसलर सुजाता कुमारी, डीपीसी सत्यम कुमार, प्रिंस कुमार सहित स्वास्थ्यकर्मी व आयुष चिकित्सक मौजूद थे.

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Dipankar Shriwastaw

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Dipankar Shriwastaw is a contributor at Prabhat Khabar.

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