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जिले में भीषण उष्म लहर जारी, सुबह से ही गर्मी से परेशान हो रहे लोग

Updated at : 13 Jun 2024 5:56 PM (IST)
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जिले में भीषण उष्म लहर जारी, सुबह से ही गर्मी से परेशान हो रहे लोग

जिले में भीषण उष्म लहर जारी, सुबह से ही गर्मी से परेशान हो रहे लोग

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लंबी अवधि के धान के बिचडे़ की बुआई शुरू करें किसान सहरसा. गर्मी का मौसम अपने उफान पर है. प्रतिदिन तापमान में बढोत्तरी हो रही है. ऐसे में लोगों को लू से ग्रसित होने की संभावना बढ़ गयी है. गर्मी के मौसम में बड़ों के साथ बच्चों में कई तरह के संक्रमण के साथ डायरिया, पानी की कमी जैसी विभिन्न परेशानियों से ग्रसित होने की संभावना बढ रही है. अपने दैनिक कार्यों में बाहर निकलने वाले लोगों को ज्यादातर लू से ग्रसित होने की संभावना रहती है. लोगों को लू से सुरक्षित रहने के लिए विशेष रूप से ध्यान रखने की जरूरत है. हालांकि गुरुवार को तापमान में तो कमी नहीं रही. लेकिन हल्की पूरबिया हवा से लोगों ने थोडी राहत अवश्य महसूस की. रह रहकर आसमान में थोडी देर के लिए बादल छाने से लोगों को थोडी राहत रही. लेकिन उमस रहने से लोग परेशान रहे. घरों में भी पंखे व कूलर की गर्म हवा से राहत दिलाने में असफल है. बिजली की आंख मिचौली जारी है. मौसम पूर्वानुमान में शुक्रवार तक तापमान में बढ़ोतरी के आसार हैं. लोगों के साथ साथ पशु-पक्षी भी परेशान हैं. तीखी धूप व उमस भरी गर्मी से बुखार, गले में दर्द, सिर दर्द व बेचैनी के मरीज बढ़ रहे हैं. ग्रामीण इलाकों में बार-बार बिजली आने जाने से भी लोगों को काफी परेशान हो रही है. बढ़ गयी है ह्यूमिडिटी, पारा पहुंचा 38 के पार तापमान बढ़ने से ह्यूमिडिटी काफी बढ़ गयी है, जो लोगों को बेचैन कर रही है. जानकारी देते अगवानपुर कृषि महाविद्यालय के तकनीकी पदाधिकारी संतोष कुमार ने बताया कि ह्यूमिडिटी के बढ़ने से गर्मी लोगों को ज्यादा सता रही है. उन्होंने बताया कि गुरुवार को लगभग 38 डिग्री सेल्सियस गर्मी रिकार्ड की गयी है. उन्होंने बताया कि कोसी क्षेत्र में 15 जून के बाद मॉनसून एंट्री होने की संभावना है. धान के बिचडे़ गिराना शुरू करें किसान अगवानपुर कृषि महाविद्यालय के तकनीकी पदाधिकारी ने कृषकों को इस मौसम में ही लंबी अवधि वैरायटी के धान के बिचड़े गिराने की सलाह दी है. उन्होंने कहा कि लंबी अवधि के राजश्री, सवर्णा, सवाना वन, 6444 धान के बिचड़े किसान खेतों में डालें. जिससे अच्छी पैदावार हो सकेगी. उन्होंने कहा कि जानकारी के अभाव में किसान लेट से बिचड़े डालते हैं. जिससे ऊपज कम होती है. उन्होंने कहा कि इस अवधि में बिचडे डालने से धान की पैदावार जहां अधिक होती है. वहीं धानों में कम रोग लगते हैं. कृषक इस समय का लाभ उठाते हुए अभी से ही लंबी अवधि के बिछड़े डालने की तैयारी शुरु कर दें. इसके लिए खेतों में थोडी नमी के लिए पटवन करें.

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