सहरसा में स्कूली वाहनों को टोल टैक्स से छूट देने की मांग, केंद्रीय मंत्री को भेजा ज्ञापन

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सहरसा में स्कूली वाहनों को टोल टैक्स से छूट देने की मांग, केंद्रीय मंत्री को भेजा ज्ञापन

अध्यक्ष मनोज मनोहर

School Vehicles Toll Tax Exemption Demand: सहरसा में निजी विद्यालयों के संगठन ने स्कूली वाहनों पर टोल टैक्स वसूली को लेकर नाराजगी जताई है. संगठन का कहना है कि शिक्षा को सेवा मानते हुए स्कूली वाहनों को व्यावसायिक करों और टोल टैक्स से पूरी तरह मुक्त किया जाना चाहिए. इसी मांग को लेकर केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी को ज्ञापन भेजा गया है.

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सहरसा से विनय कुमार मिश्र की रिपोर्ट:

School Vehicles Toll Tax Exemption Demand: सहरसा में चिल्ड्रेन स्कूल्स एसोसिएशन कोशी रेंज ने स्कूली वाहनों को टोल टैक्स से मुक्त करने की मांग को लेकर केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी को ज्ञापन भेजा है. एसोसिएशन ने इसे शिक्षा क्षेत्र के हित में जरूरी कदम बताया है.

स्कूली वाहनों पर बढ़ते आर्थिक बोझ का आरोप

एसोसिएशन के अध्यक्ष मनोज मनोहर ने कहा कि शिक्षा का अधिकार अधिनियम के तहत निजी विद्यालयों को सामाजिक सेवा की श्रेणी में रखा गया है. इसके बावजूद विभिन्न सरकारी विभाग विद्यालयों और स्कूली वाहनों को व्यावसायिक मानकर अलग-अलग शुल्क वसूल रहे हैं.

उन्होंने कहा कि स्कूल भवनों पर व्यावसायिक कर, बिजली विभाग द्वारा कॉमर्शियल दरें, अग्निशमन विभाग का शुल्क और परिवहन विभाग द्वारा रजिस्ट्रेशन, रोड टैक्स, फिटनेस, परमिट एवं बीमा के नाम पर भारी आर्थिक बोझ डाला जा रहा है. इसके साथ ही राष्ट्रीय राजमार्गों पर चलने वाले स्कूली वाहनों से टोल टैक्स भी वसूला जा रहा है.

शिक्षा महंगी होने की आशंका

अध्यक्ष ने कहा कि लगातार बढ़ते करों और शुल्कों के कारण विद्यालयों पर अतिरिक्त आर्थिक दबाव बढ़ रहा है. यदि यही स्थिति बनी रही तो आने वाले समय में शिक्षा और महंगी हो जाएगी, जिसका सीधा असर आम परिवारों पर पड़ेगा.

उन्होंने कहा कि यह स्थिति न केवल विद्यालय संचालकों के लिए बल्कि अभिभावकों और छात्रों के लिए भी चिंता का विषय है.

केंद्र सरकार से राहत की मांग

चिल्ड्रेन स्कूल्स एसोसिएशन ने केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी से मांग की है कि स्कूली वाहनों को टोल टैक्स से पूरी तरह मुक्त किया जाए, ताकि शिक्षा क्षेत्र को राहत मिल सके.

एसोसिएशन ने कहा कि यदि यह निर्णय लिया जाता है तो इससे विद्यालयों पर वित्तीय बोझ कम होगा और छात्रों को सस्ती एवं गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी.

ज्ञापन की प्रतिलिपि स्थानीय जनप्रतिनिधियों, सांसदों, विधायकों और विधान परिषद सदस्यों को भी भेजी गई है, ताकि इस मांग को व्यापक समर्थन मिल सके.

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श्रुति कुमारी

लेखक के बारे में

By श्रुति कुमारी

श्रुति कुमारी एक पत्रकार और डिजिटल कंटेंट राइटर हैं। उन्होंने भारतीय जनसंचार संस्थान (IIMC) से अंग्रेजी पत्रकारिता में स्नातकोत्तर डिप्लोमा प्राप्त किया है। वर्तमान में वे प्रभात खबर डिजिटल में कंटेंट राइटर के रूप में कार्यरत हैं। उन्हें विभिन्न प्लाटफॉर्म्स पर डिजिटल पत्रकारिता और कंटेंट राइटिंग का लगभग दो वर्षों का अनुभव है। अपने समाचार पोर्टल पर कार्य करते हुए उन्होंने समाचार लेखन और डिजिटल कंटेंट निर्माण में अनुभव हासिल किया। सामाजिक मुद्दों, महिला सशक्तिकरण, राजनीति, शिक्षा और लाइफस्टाइल जैसे विषयों पर लिखना उनकी विशेष रुचि का क्षेत्र है। इसके अलावा वे डिजिटल प्लेटफॉर्म के लिए स्क्रिप्ट राइटिंग करती हैं तथा हिंदी कविता और अंगिका भाषा में लेखन का भी शौक रखती हैं। प्रकृति से उनका विशेष लगाव है और वे मानती हैं कि संवेदनशील, तथ्यपरक और जनसरोकार से जुड़ी पत्रकारिता समाज में सकारात्मक बदलाव का माध्यम बन सकती है।

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