कोसी के विकास की मांग दिल्ली पहुंची, एम्स, PGI और कैंसर अस्पताल पर तीन सांसदों से हुई अहम बातचीत

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सहरसा - सांसद राजेश वर्मा से मिलते मोर्चा अध्यक्ष | Prabhat Khabar Network

कोसी क्षेत्र की वर्षों पुरानी स्वास्थ्य, शिक्षा, कृषि और बुनियादी ढांचे की मांगें दिल्ली तक पहुंचाई गईं. कोसी विकास संघर्ष मोर्चा ने सांसदों से मुलाकात कर एम्स, PGI, कैंसर अस्पताल जैसे मुद्दों पर प्रभावी पहल का आग्रह किया.

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Saharsa News: कोसी क्षेत्र की वर्षों पुरानी स्वास्थ्य, शिक्षा, कृषि और बुनियादी ढांचे से जुड़ी मांगों को लेकर दिल्ली में एक महत्वपूर्ण पहल हुई है. कोशी विकास संघर्ष मोर्चा के संस्थापक अध्यक्ष विनोद कुमार झा ने दिल्ली यात्रा के दौरान मधेपुरा, खगड़िया और पूर्णिया के तीन सांसदों से मुलाकात कर कोसी क्षेत्र की प्रमुख जनसमस्याओं को विस्तार से रखा. इस दौरान एम्स सहरसा, कैंसर महाअस्पताल, पीजीआई, कृषि विश्वविद्यालय, जलजमाव और नदी विकास जैसे मुद्दों पर चर्चा हुई और केंद्र व राज्य सरकार के स्तर पर प्रभावी पहल करने का आग्रह किया गया.

कोसी की सबसे बड़ी मांगों को दिल्ली तक पहुंचाने की कोशिश

कोसी क्षेत्र लंबे समय से स्वास्थ्य सुविधाओं, उच्च शिक्षा संस्थानों और कृषि संबंधी बुनियादी ढांचे की कमी से जूझता रहा है. इसी पृष्ठभूमि में विनोद कुमार झा ने विभिन्न सांसदों से अलग-अलग मुलाकात कर क्षेत्र की दीर्घकालिक मांगों को राष्ट्रीय स्तर पर उठाने की आवश्यकता पर जोर दिया.

उन्होंने कहा कि इस यात्रा का उद्देश्य किसी राजनीतिक दल का समर्थन करना नहीं, बल्कि कोसी की जनता की जायज मांगों को लोकतांत्रिक तरीके से संसद और सरकार तक पहुंचाना था.

मधेपुरा सांसद से कैंसर अस्पताल और कृषि विश्वविद्यालय पर चर्चा

मधेपुरा के सांसद दिनेश चंद्र यादव से मुलाकात के दौरान सहरसा में कैंसर महाअस्पताल निर्माण का मुद्दा प्रमुख रूप से उठाया गया. विनोद झा ने उन्हें संसद में इस मांग को उठाने और केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री से मिलकर कोसी क्षेत्र की स्वास्थ्य संबंधी वास्तविक समस्याओं से अवगत कराने के लिए धन्यवाद दिया.

इसके साथ ही भारती मंडन कृषि महाविद्यालय को विश्वविद्यालय का दर्जा देने सहित क्षेत्र की अन्य महत्वपूर्ण मांगों पर भी चर्चा की गई.

खगड़िया सांसद के समक्ष PGI और जलजमाव का मुद्दा

खगड़िया के सांसद राजेश वर्मा से मुलाकात के दौरान सहरसा में पीजीआई चंडीगढ़ की तर्ज पर एक बड़े चिकित्सा संस्थान की स्थापना की मांग रखी गई.

विनोद झा ने महिषी-सतरवार क्षेत्र में वर्षभर रहने वाले जलजमाव और भाकन की समस्या का भी उल्लेख किया. उन्होंने बताया कि लगातार जलभराव के कारण किसानों को खेती में भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है और बड़ी मात्रा में कृषि भूमि प्रभावित होती है.

धर्मूला नदी के संरक्षण और सौंदर्यीकरण की भी मांग

बैठक में गोरहो नदी, जिसे पौराणिक रूप से धर्मूला नदी के नाम से जाना जाता है, के संरक्षण और विकास का मुद्दा भी उठाया गया.

विनोद झा ने सांसद राजेश वर्मा से आग्रह किया कि नदी के पौराणिक नाम को संरक्षित रखते हुए इसके सौंदर्यीकरण और समग्र विकास के लिए पहल की जाए, ताकि इसका सांस्कृतिक और ऐतिहासिक महत्व भी सुरक्षित रह सके.

पप्पू यादव से एम्स सहरसा पर हुई विस्तृत चर्चा

पूर्णिया के सांसद राजेश रंजन उर्फ पप्पू यादव से मुलाकात के दौरान एम्स सहरसा के मुद्दे पर विस्तार से चर्चा हुई.

सांसद ने बताया कि इस संबंध में विशेष अनुमति याचिका सर्वोच्च न्यायालय में स्वीकार हो चुकी है और फिलहाल सुनवाई के लिए लंबित है. उन्होंने कहा कि सरकार को सर्वोच्च न्यायालय के अंतिम आदेश की प्रतीक्षा करनी चाहिए.

साथ ही उन्होंने एम्स सहरसा की मांग को फिर से प्रमुखता से उठाने का आश्वासन भी दिया.

Saharsa News: कोसी क्षेत्र के विकास को लेकर नई उम्मीद

कोसी क्षेत्र के लोगों का मानना है कि यदि एम्स, कैंसर अस्पताल, पीजीआई, कृषि विश्वविद्यालय और जलनिकासी जैसी परियोजनाओं पर ठोस पहल होती है, तो इसका सीधा लाभ लाखों लोगों को मिलेगा.

स्वास्थ्य सेवाओं के लिए बड़े शहरों पर निर्भरता कम होगी, कृषि क्षेत्र को नई दिशा मिलेगी और जलजमाव से प्रभावित इलाकों को राहत मिल सकती है.

अब देखना होगा कि सांसदों से हुई इन बैठकों के बाद केंद्र और राज्य स्तर पर इन मांगों को लेकर कितनी ठोस प्रगति होती है.

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Vinay Kumar Mishra

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